चबूतरे और पार्किंग से जुड़ा विवाद, दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग और तीन लोगों की हत्या. मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है. मृतकों में RSS के पूर्व जिला सरकार्यवाह शिवाजी तिवारी, उनके छोटे भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और कारोबारी बेटा सुयश शामिल हैं. शिवाजी और सुयश की मौके पर मौत हो गई. शिवेंद्र को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया. अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया. हत्या का आरोप पड़ोसी ऋषभ शुक्ला पर लगा है.
लखनऊ में पिता-पुत्र और चाचा की गोली मारकर हत्या, पड़ोसी बरगद के चबूतरे से नाराज था
Lucknow triple murder: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पार्किंग से जुड़े विवाद में तीन लोगों की हत्या कर दी गई. मृतकों में शिवाजी तिवारी RSS के पूर्व जिला सरकार्यवाह, उनके छोटे भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और कारोबारी बेटा सुयश शामिल हैं.

बताया जा रहा है कि आरोपी ऋषभ शुक्ला मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर था. उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. इंडिया टुडे से जुड़े अंकित मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता के ब्राह्मण टोला की है. मामला घर के सामने बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने से जुड़ा है. इसी बात को लेकर पीड़ित परिवार का पड़ोसी ऋषभ शुक्ला से विवाद चल रहा था. डेढ़ महीने पहले मामला थाने पहुंचा था. जिसके बाद काम रुक गया.
26 अक्टूबर को सुयश ने चबूतरे के पास अपनी गाड़ी पार्क कर दी. सुयश के चाचा शिवेंद्र तिवारी बाहर निकले तो इस बात को लेकर उनका ऋषभ से विवाद हो गया. इतने में शिवाजी तिवारी भी घर के बाहर आ गए.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और तैश में आकर ऋषभ ने दोनों को गोली मार दी. सुयश गोलियों की आवाज सुन बाहर भागा. ऋषभ ने उसे भी घर के पास सीढ़ियों पर गोली मार दी.
दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मामले में शिवेंद्र तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी ने सआदतगंज थाने में शिकायत दी है. उनके मुताबिक पड़ोसी पहले भी आए दिन झूठी एप्लिकेशन देकर उनके परिवार को परेशान करते थे.
रुचि की शिकायत में लिखा है कि सुबह करीब 10 बजकर 35 मिनट पर शिवेंद्र तिवारी मॉर्निंग वॉक पर जा रहे थे. तभी जेश शुक्ला, ऋषभ शुक्ला, गिरीश शुक्ला समेत अन्य लोगों ने एक साथ मिलकर उनको घेर लिया. गाली गलौज की. उन्हें लाठी डंडों और पत्थरों से पीटना शुरू कर दिया. शोर सुनकर शिवाजी तिवारी बाहर आए तो उनकी भी पिटाई की और फिर दोनों को गोली मार दी.

प्रत्यक्षदर्शी अनूप सक्सेना ने मीडिया से बातचीत में बताया,
“दोनों परिवारों में अक्सर बहस होती रहती थी. 26 अक्टूबर की सुबह भी ये लोग झगड़ा कर रहे थे, मैंने उन्हें टोका भी. तब ऋषभ ने कहा कि पुलिस को फोन करो. मैं फोन लेने घर गया उतने में 8-10 राउंड फायरिंग की आवाज आई. लौटकर देखा तो दोनों के शव पड़े थे.”
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बता दें कि मृतक सुयश तिवारी की नवंबर में शादी होने वाली थी. डीसीपी वेस्ट जितेंद्र ने बताया कि काफी समय से चले आ रहे विवाद के कारण यह वारदात हुई. पुलिस ने आरोपी ऋषभ शुक्ला को हिरासत में ले लिया है. तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
घटना के बाद पुलिस ने दोनों परिवारों के घरों के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं. मौके पर करीब 50 से 60 पुलिसकर्मी मौजूद हैं. लोगों को घरों के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
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