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ओसामा बिन लादेन की ‘हिटलिस्ट’ में था भारत, CIA की 'सीक्रेट' फाइल में खुलासा

CIA की डिक्लासिफाइड फाइलों में खुलासा हुआ है कि ओसामा बिन लादेन भारत समेत कई देशों पर हमले के बारे में सोच रहा था. CIA की हाल ही में जारी की गई डिक्लासिफाइड फाइलों से पता चलता है कि भारत उन देशों में शामिल था, जिन पर ओसामा बिन लादेन हमले करना चाहता था.

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ओसामा के टारगेट पर भारत भी था. (PHOTO- India Today)

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  • 2 मई 2011 को अमेरिकी नेवी सील्स ने पाकिस्तान के एबटाबाद में एक ऑपरेशन में अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था।
  • CIA के दस्तावेज़ बताते हैं कि 1998 से 2001 के बीच ओसामा बिन लादेन ने भारत समेत कई देशों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।
  • CIA द्वारा जारी गुप्त फाइल्स में पाया गया कि ओसामा का आतंकवादी नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और वह कम से कम 60 देशों में हमलों की साजिश रच सकता है।

2 मई 2011 की बात है. पाकिस्तान के एबटाबाद के एक घर में हमला हुआ. अमेरिकी नेवी सील्स के इस हमले में अलकायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन मारा गया. लेकिन अगर उस दिन ओसामा मारा नहीं जाता तो उसका अगला टारगेट भारत हो सकता था. और ये बात सामने आई है US की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के दस्तावेजों से. पता चला है कि भारत उन देशों की सूची में शामिल है जिन पर ओसामा बिन लादेन ने कभी हमला करने के बारे में सोचा था.

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CIA की सीक्रेट फाइल्स में क्या है?

CIA ने 11 सितंबर को ओसामा बिन लादेन से जुड़ी 70 से ज्यादा प्रेसिडेंशियल इंटेलिजेंस ब्रीफ (राष्ट्रपति के लिए खुफिया जानकारी) जारी की है. प्रेसिडेंशियल इंटेलिजेंस ब्रीफ का मतलब, वो डेली ब्रीफ जो अमेरिका की खुफिया एजेंसी हर दिन राष्ट्रपति को देती है. इनमें 100 से अधिक पन्नों की जानकारी शामिल है. ये दस्तावेज 2001 में न्यूयॉर्क शहर के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए 9/11 हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर जारी किए गए है.

28 अगस्त, 1998 की प्रेसिडेंशियल ब्रीफ के मुताबिक ओसामा बिन लादेन भारत समेत कई देशों पर हमले करना चाहता था. मेमो में जिन दूसरे देशों का जिक्र है, उनमें पाकिस्तान, इजिप्ट, कुवैत, सऊदी अरब, यमन, युगांडा और नाइजीरिया भी शामिल हैं. हालांकि अब भी कुछ देशों के नाम छुपाकर रखे गए हैं. CIA की वेबसाइट के मुताबिक इस दस्तावेज में जानकारी के सोर्स को छिपा दिया गया है. इसमें किसी खास भारतीय टारगेट, हमले की तारीख या हमले के प्लान का कोई जिक्र नहीं है. दस्तावेज में कहा गया है कि,

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उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया में ओसामा बिन लादेन का मजबूत नेटवर्क इन रिपोर्टों को पुख्ता करता है कि वह इन इलाकों में भी अमेरिकी हितों को निशाना बनाएगा.

फाइल में लिखा है कि अफगानिस्तान में मौजूद लादेन और दूसरे आतंकवादी नेता अमेरिका के हमलों में बच गए थे लेकिन उनका कम्युनिकेशन नेटवर्क अभी भी काम कर रहा है. अलकायदा ने कुछ कैंपों में ट्रेनिंग फिर से शुरू कर दी थी और कुछ कैंपों को दूसरी जगहों पर ले जाया जा रहा था.

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सीक्रेट फाइल के कुछ हिस्सों को अब बी छुपा कर रखा गया है.

इसमें कहा गया है कि अफ़गानिस्तान में अलकायदा के ठिकानों पर अमेरिकी मिसाइल हमले से कुछ घंटे पहले लादेन अमेरिका और ब्रिटेन पर और हमले करने की प्लानिंग कर रहा था. मेमो में यह भी बताया गया कि लादेन हमले करने के लिए कम से कम 60 देशों में मौजूद नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है. डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, CIA ने 1998 से 2001 के बीच अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपतियों को देश पर संभावित आतंकवादी हमले के बारे में कई बार चेतावनी दी थी. इन दस्तावेजों में बिल क्लिंटन के राष्ट्रपति कार्यकाल से लेकर जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल तक की जानकारी शामिल है.

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(यह भी पढ़ें: 9/11 हमले का सऊदी अरब से संबंध, FBI की ढील... 25 साल बाद क्या सामने आया?)

क्या था 9/11 हमला?

11 सितंबर, 2001 को अलकायदा के 19 लोगों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया. दो विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकराए. दोनों इमारतें पूरी तरह ढह गईं. तीसरा विमान अमेरिकी डिफेंस हेडक्वार्टर पेंटागन से टकराया. जबकि चौथा विमान यात्रियों के विरोध करने के बाद पेंसिल्वेनिया के एक खेत में क्रैश हो गया. माना जाता है कि ये विमान व्हाइट हाउस या कांग्रेस को निशाना बनाने जा रहा था.

वीडियो: दुनियादारी: ओसामा बिन लादेन अपने पालतू कुत्तों के साथ क्या करता था? बेटे ने क्या खुलासा कर दिया?

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