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PM मोदी से मिले स्कूल फ्रेंड, दोस्त से लगाई गुहार, 'मेरी जमीन बचाइए'

81 वर्षीय असगर अली वोहरा ने 8 सितंबर को PM मोदी से मुलाकात की. वह वडनगर के BN स्कूल में नरेंद्र मोदी के क्लासमेट रहे हैं और करीब 40 साल से अपनी जमीन को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.

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पीएम मोदी से बात करते असगर अली वोहरा (PHOTO- India Today)

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने स्कूल साथी असगर अली वोहरा ने 8 सितंबर को उनसे मुलाकात कर बीते 40 वर्षों से चल रहे प्रॉपर्टी विवाद की सीबीआई जांच कराने के लिए मदद मांगी।
  • असगर अली वोहरा की जमीन विवाद की पृष्ठभूमि में 2011 में 'स्वयं बिल्डर्स' के कथित फर्जी दस्तावेज और 2015 में FIR दर्ज होने के बाद भी 11 वर्ष तक जांच में देरी शामिल है।
  • पीएम मोदी के साथ मीटिंग के बाद नगर निगम ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की है, और विवाद की अगली सुनवाई 16 सितंबर को निर्धारित की गई है जिसमें कंपनी प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल के एक साथी ने 8 सितंबर को उनसे मुलाकात की. उनका नाम असगर अली वोहरा है. 81 साल के असगर अली वोहरा वडनगर के बीएन स्कूल में पीएम मोदी के क्लासमेट थे. इस मुलाकात में असगर अली वोहरा ने अपने दोस्त (पीएम मोदी) से एक मदद मांगी है. उन्होंने कहा कि उनका प्रॉपर्टी का एक पुराना विवाद चल रहा है. वह चाहते हैं कि पीएम मोदी उस विवाद की सीबीआई (CBI) से जांच कराएं.

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पीएम मोदी के दोस्त का क्या विवाद है?

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, ये पूरा मामला भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक नरेंद्र मेहता से कनेक्टेड है. असगर अली का कहना है कि विधायक मेहता की कम्पनियां 'सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस' और 'स्वयं बिल्डर्स' के संदिग्ध कामकाज के कारण उन्हें अपनी जमीन बचाना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में उन्होंने पीएम मोदी से अपनी जमीन बचाने के लिए गुहार लगाई है. रिपोर्ट के मुताबिक, असगर अली वोहरा बीते 40 सालों से अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहे हैं. अब उन्होंने अपने दोस्त पीएम मोदी से मुलाकात कर इस समस्या के बारे में एक ज्ञापन सौंपा है. इस लेटर में उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

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पीएम मोदी से बात करते असगर अली वोहरा (PHOTO- India Today)
क्या है पूरा विवाद?

शिकायतकर्ता ने 1989 में एक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिए लगभग 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी. ये जमीन ओल्ड सर्वे नंबर 240 (नया सर्वे नंबर 185), हिस्सा नंबर 6, नवघर रोड, भायंदर (पूर्व) में स्थित है. उन्होंने अपने लेटर में कहा कि उन्होंने यह जमीन न तो कभी बेची और न ही कभी ट्रांसफर की. 2011 के आसपास ‘स्वयं बिल्डर्स’ की मिलीभगत से इस जमीन के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए. इस मामले में 2015 में FIR भी दर्ज की गई. 

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हालांकि, CID की रिपोर्ट 11 साल के लंबे अंतराल के बाद 2026 में मिली. उनका कहना है कि असली मालिक की जानकारी के बिना जमीन को दो हिस्सों में बांट दिया गया. एक हिस्से पर ‘स्वयं बिल्डर्स का कब्जा दिखाया गया, जबकि दूसरे हिस्से पर ‘सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स’ का कब्जा दिखाया गया. 

(यह भी पढ़ें: नरेंद्र मोदी की लाइफ की पूरी कहानी और उनकी वो विशेषताएं जो नहीं पढ़ी होंगी)

अब, असगर अली और पीएम की मीटिंग के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने इस मामले पर ध्यान दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी. सुनवाई के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों को भी रहने का आदेश दिया गया है.

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