‘भारत के युवाओं को कोई नहीं रोक सकता. और कनेक्टिविटी को भी लंबे समय तक बाधित नहीं किया जा सकता.’ ये कहना है मोदी सरकार में मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता चिराग पासवान का. वे हरियाणा के सोनीपत स्थित निफ्टम संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे. इस दौरान पत्रकारों ने उनसे CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर सवाल किया था.
‘कितनी ट्रेनें रोकोगे, कितनी सड़कें जाम करोगे’, चिराग पासवान सरकार की तरफ हैं या...?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हरियाणा के सोनीपत में कहा कि भारत के युवाओं में दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता है. CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन समाधान बातचीत से निकलेगा.

देश की राजधानी दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. राहुल गांधी और CJP उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इस बीच 10 अक्टूबर को CJP ने एक बड़े प्रोटेस्ट का कॉल दिया है. इसी को लेकर पत्रकारों ने चिराग पासवान से पूछा कि सरकार पर प्रोटेस्ट रोकने के प्रयास करने के आरोप लगे हैं, इस पर उनका क्या कहना है. जवाब में चिराग पासवान ने कहा,
भारत के युवा हैं ये, इनको कोई नहीं रोक सकता प्रभु. जो लोग ऐसा भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं- कोई कितनी ट्रेनें रोक लेगा? कितनी कनेक्टिविटी कोई रोक लेगा? कितनी सड़कों को कोई जाम कर देगा? ये भारत के युवा हैं. उनमें दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता है. ठीक वैसे ही जैसे पिछली पीढ़ियों ने किया है, और इसलिए, उन्हें कोई रोक नहीं सकता.
इससे पहले, चिराग ने शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 (TRE-4) के लिए बिहार लोक सेवा आयोग की दो-स्तरीय परीक्षा सिस्टम के विरोध का समर्थन किया था. आखिरकार राज्य सरकार ने सिंगल-एग्जामिनेशन फॉर्मेट को फिर से लागू कर दिया.
(यह भी पढ़ें: CJP प्रोटेस्ट से पहले ट्रेन-मेट्रो बंद, सुप्रीम कोर्ट ने कहा ‘आप सब कुछ बंद नहीं कर सकते’)
चिराग पासवान ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रदर्शन होते हैं और होने भी जरूरी हैं. लेकिन अगर प्रदर्शन करना ही मकसद है, तो आज करें या 10 दिन दिन बाद करें. समाधान प्रदर्शन से नहीं, बल्कि बातचीत से निकलेगा. उन्होंने कहा कि अपनी राजनीति के लिए दिल्ली की सड़कों पर जाम लगाकर आम जनता को परेशान नहीं करना चाहिए.
केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि अगर विरोध प्रदर्शन कर रहे नेता वास्तव में गंभीर हैं, तो उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त से बात करनी चाहिए. इसके लिए प्रदर्शन करने के बजाय एक प्रतिनिधिमंडल तैयार कर भेजना चाहिए.
वीडियो: दिल्ली प्रदर्शन में नेहा बोरा की वायरल तस्वीर के पीछे की कहानी, महिला कांस्टेबल ने क्या बताया?










