संसद में मानसूत्र सत्र जारी है. इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता और आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव ने टोल टैक्स वसूले जाने पर केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से सवाल किया. गडकरी ने अपने जवाब में कहा कि आने वाले दिनों में टोल टैक्स के सिस्टम को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया जाएगा.
टोल टैक्स कभी बंद नहीं होगा? नितिन गडकरी ने संसद में पूरा प्लान बता दिया
केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि टोल से प्राप्त राजस्व भारत की संचित निधि में जमा किया जाता है. इसके बाद बजट आवंटन के माध्यम से इसका इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव, मरम्मत, चौड़ीकरण, विकास और नई परियोजनाओं में किया जाता है. जानिए टोल बंद करने के सवाल पर उन्होंने क्या जवाब दिया.

गुरुवार, 30 जुलाई को संसद की कार्रवाई के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने प्रश्नकाल के दौरान यह सवाल पूछा. इंडिया टुडे से जुड़े आशुतोष मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, धर्मेंद्र यादव के सवाल का जवाब देते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि फिलहाल नेशनल हाईवे से टोल टैक्स हटाने या टोल प्लाजा खत्म करने का कोई प्लान नहीं है.
टोल टैक्स कब तक लिया जाएगा?सड़क राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि ना सिर्फ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) प्रोजेक्ट में कंसेशन के समय तक कंपनी टोल वसूलेगी. उसके बाद सरकार के पास आने पर भी नियमों के तहत टोल जारी रहेगा. इसके साथ सरकारी फंड से बने नेशनल हाईवे पर भी टोल वसूली जारी रहेगी. सरकार का कहना है कि टोल से मिलने वाला पैसा हाईवे के रखरखाव, विकास और विस्तार पर खर्च किया जाता है.
सदन में सरकार से सवाल पूछा गया था कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली क्यों जारी रहेगी? इसके जावाब में मंत्रालय ने साफ किया है कि नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स की वसूली बंद करने या टोल प्लाजा हटाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है. सरकार के मुताबिक, व्हीकल टैक्स और टोल शुल्क दोनों ही अलग-अलग टैक्स हैं. व्हीकल टैक्स राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संविधान के प्रावधानों के हिसाब से लगाया जाता है. व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत निर्धारित की जाती है.
इसके अलावा टोल टैक्स नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों से सड़क के उपयोग के बदले ली जाने वाली यूजर फीस है. सरकार का कहना है कि नेशनल हाईवे टैक्स नियम, 2008 के तहत टोल वसूली की व्यवस्था की गई है. जिन हाईवे का निर्माण निजी कंपनियों द्वारा रियायत समझौते के तहत किया जाता है, वहां निर्धारित अवधि तक संबंधित कंपनी टोल वसूलती है.
टोल टैक्स वसूलने का पूरा प्लान जानिएरियायत समय खत्म होने के बाद टोल प्लाजा सरकार या अधिकृत एजेंसी को सौंप दिया जाता है, जो आगे भी नियमों के मुताबिक ही टोल वसूलती है. वहीं, जनता के टैक्स से बने हाईवे पर भी टोल टैक्स जारी रहता है. सरकार ने बताया कि टोल से मिला टैक्स भारत के कंसोलिडेटेड फंड यानी संचित निधि में जमा किया जाता है.
इसके बाद बजटीय आवंटन के जरिए से इन पैसों का इस्तेमाल नेशनल हाईवे के रखरखाव, मरम्मत, चौड़ीकरण, विकास और नई परियोजनाओं के निर्माण में किया जाता है. इससे देशभर में बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद मिलती है. कुल जमा बात ये कि टोल टैक्स की व्यवस्था नेशनल हाईवे पर उसके विकास और रखरखाव के लिए जरूरी स्रोत है. ऐसे में मौजूदा नियमों के मुताबिक, देशभर में टोल प्लाजा अपना काम करते रहेंगे और टोल टैक्स लिया जाता रहेगा.
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