The Lallantop

पेपर लीक की बहस के बीच मनुस्मृति पर उबल पड़ी राज्यसभा, खरगे की इस बात पर बीजेपी भड़की

पेपर लीक को लेकर नए बिल पर राज्यसभा में बहस चल रही थी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बोल रहे थे. उन्होंने अपने भाषण में मनुस्मृति को कोट करते हुए कुछ कहा. इसके बाद सदन में हंगामा मच गया. सत्ता पक्ष के सांसद हत्थे से उखड़ गए. जेपी नड्डा ने उनको अपनी बात ऑथेंटिकेट करने को कहा. वहीं सभापति ने उनके बोले शब्द कार्यवाही से एक्सपंज कर दिया.

Advertisement
post-main-image
मल्लिकार्जुन खरगे ने मनुस्मृति को कोट किया, जिसपर राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. (संसद टीवी)

पेपर लीक को लेकर सरकार नया बिल लाई है. पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026. लोकसभा में पारित होने के बाद 30 जुलाई को इसे राज्यसभा में पेश किया गया. सदन में इस पर चर्चा होते ही माहौल गरमा गया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया. उन्होंने कानून की कमियां गिनाईं, छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया. और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल किया. साथ में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मनुस्मृति को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिसपर जमकर बवाल हुआ. 

Advertisement
खरगे के बयान पर राज्यसभा में हंगामा

मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी स्पीच की शुरुआत छात्रों की पीड़ा से की. कहा सरकार जिस कानून को उपलब्धि बता रही, वह छात्रों की नाराजगी कम करने की कोशिश भर है. उन्होंने एक कविता के जरिए सरकार को निशाने पर लिया : -

पेपर चुराने वाले बचते रहे,
मेहनत करने वाले पिटते रहे.
गुनाहगार हंसते रहे, 
मासूम सिसकते रहे. 
ये कैसा न्याय है?

Advertisement

मनुस्मृति वाले बयान पर बवाल

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि शिक्षा प्राइवेट हाथों में जा रही है. इसकी वजह से दलितों और गरीबों के बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां बार-बार उस मनुवादी सोच की याद दिलाती हैं, जिसका जिक्र मनुस्मृति में मिलता है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 

Advertisement

आप जो सिलेबस बदल रहे हैं, उसमें आपत्तिजनक चीजें आ रही हैं. उसमें ये भी आ रहा है- ‘शूद्र के वेद पाठ सुनने पर शीशे और जस्ते से उनके कान भर दिए जाएं. वेद मंत्र का उच्चारण करने पर उसकी जीभ काट ली जाए. और वेद मंत्र धारण करने पर उसका शरीर काट लिया जाए.’

मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. ट्रेजरी बेंच (सत्ता पक्ष) से सदस्यों ने माफी मांगने की मांग की. और गुंडागर्दी नहीं चलेगी के नारे लगाए. नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा,

विपक्ष के नेता ने जो कहा है, वह मेरी जानकारी में तथ्यों से परे है. मनुस्मृति का ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें.

इसके बाद जेपी नड्डा ने सुधांशु त्रिवेदी से इस पर बोलने को कहा, सुधांशु त्रिवेदी ने बोलना शुरू ही किया था कि सभापति ने उनको टोक दिया. सुधांशु त्रिवेदी ने कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जज विलियम जोंस के साथ ही डॉक्टर आंबेडकर की किताब को कोट किया. इसके अलावा भी कई किताबों का रेफरेंस दिया. उन्होंने कहा कि इसलिए कह रहा हूं कि ये ऑथेंटिकेट करें.

इस पर प्रमोद तिवारी ने एक किताब दिखाई. दावा किया बीजेपी के कार्यकाल में छपी है. बताया कि इस पर बैन नहीं है. इसके बाद जेपी नड्डा ने कहा कि ओरिजिनल टेक्स्ट लाइए. उन्होंने आगे कहा कि ऐसे बयानों से अशांति फैलती है. इसके बाद सभापति ने मनुस्मृति वाला बयान एक्सपंज करने का ऐलान कर दिया.

ये भी पढ़ें - जेपी नड्डा ने जो कहा, नरेंद्र मोदी खुद नहीं चाहेंगे कि वैसा रोज़ हो

खरगे का सरकार पर निशाना

# मल्लिकार्जुन खरगे ने बहस में कहा कि सरकार ने कानून लाने में जल्दीबाजी दिखाई. और अब उसी में बदलाव करने को मजबूर हो गई है. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते विपक्ष की बात मानी जाती तो ये स्थिति पैदा नहीं होती. उनके मुताबिक, यह संशोधन छात्रों की मांगों का जवाब नहीं, बल्कि सरकार की राजनीतिक मजबूरी का नतीजा है.

# उन्होंने कहा, हम 2024 से एंटी पेपर लीक बिल को मजबूत करने की रिक्वेस्ट कर रहे, लेकिन सरकार हमारी सुनती ही नहीं. पहले का बिल जल्दीबाजी में लाया गया था. इसलिए अब उसमें बदलाव हो रहा है. ये बिल मौजूदा माहौल को ठंडा करने और युवाओं को शांत करने भर के लिए है. इससे किसी समस्या का समाधान नहीं होगा.

वीडियो: संसद में आज: खरगे और संजय सिंह ने क्या कह दिया कि नड्डा और रिजिजू कुर्सी से उठ गए?

Advertisement