भारतीय रेलवे (Indian Railways) के AC कोच में सफर करने पर आपको एसी की ठंडी हवा के साथ एक बिछाने वाली चादर, एक ओढ़ने वाली चादर, एक कवर के साथ तकिया, छोटा तौलिया और महीने में एक बार धुलने वाला कंबल मिलता है. मगर सोचकर देखिए कि रेलवे आपसे कहे कि जरा इस कंबल और तकिये के साथ शेयरिंग इज केयरिंग कर लीजिए तो कैसा लगेगा. माने एक कंबल को दो यात्रियों में बांट लीजिए तो आपको या किसी और को ये बात एकदम पसंद नहीं आएगी. अब तक तो आप समझ गए होंगे कि पक्का ऐसा कुछ हुआ है (Railways to pay Rs 25,000 over shared blanket).
दो यात्रियों को दिया एक कंबल, मामला कोर्ट पहुंचा और अब रेलवे भरेगा मुआवजा
भारतीय रेलवे में सफर कर रहे दोनों यात्रियों को सिर्फ एक कंबल, एक तकिया और दो बेडशीट दी गई थीं. जब यात्री ने रेलवे कर्मचारी से एक्स्ट्रा कंबल मांगा तो कर्मचारी ने मना कर दिया. इसके बाद यात्री ने सोशल मीडिया की मदद से रेलवे में शिकायत दर्ज की. ऐसा करने पर अटेंडेंट ने एक तौलिया तो दिया लेकिन कोई कंबल फिर भी नहीं दिया गया.

मामला कुछ ऐसा है कि भारतीय रेलवे में सफर कर रहे दोनों यात्रियों को सिर्फ एक कंबल, एक तकिया और दो बेडशीट दी गई थीं. जब यात्री ने रेलवे कर्मचारी से एक्स्ट्रा कंबल मांगा तो कर्मचारी ने मना कर दिया. इसके बाद दिल्ली जिला उपभोक्ता आयोग ने जो किया वो जान लीजिए.
कंबल का दंगल28 अक्टूबर 2022 को यात्री प्रयागराज से दिल्ली का सफर कर रहे थे, क्योंकि उनकी थर्ड एसी का टिकट RAC था, इसलिए उनको दूसरे यात्री के साथ बर्थ शेयर करनी पड़ी. यात्री का आरोप है कि अटेंडेंट ने उसे और दूसरे यात्री को पूरी यात्रा के लिए सिर्फ़ एक कंबल, एक तकिया और दो चादरें दी थीं. इसके बाद यात्री ने कोच अटेंडेंट से कंबल मांगा, लेकिन उसे फिर भी कंबल नहीं दिया गया, जिसके बाद यात्री ने ट्रेन में मौजूद टीटीई से कंप्लेंट बुक मांगी, लेकिन वो भी उपलब्ध नहीं कराई गई. यात्री का ये भी आरोप है कि किसी भी यात्री को नैपकिन नहीं दिए गए. आरोप है कि अटेंडेंट ने जवाब दिया, "नियम यह है कि एक सीट के लिए सिर्फ़ एक कंबल, एक तकिया और 2 बेडशीट ही दी जाती हैं."
इसके बाद यात्री ने ट्वीट करके रेलवे में शिकायत दर्ज की. ट्विटर या एक्स पर रेलवे सर्विसेज़ से PNR शेयर करने का मैसेज मिला. जब उसने उन्हें सारी जानकारी दी, तो अटेंडेंट ने एक तौलिया तो दिया लेकिन्न कोई अतिरिक्त कंबल और तकिया नहीं दिया गया. इसके बाद यात्री ने 29 अक्टूबर, 2022 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लिखित शिकायत दर्ज कराई, इसके छह महीने बाद उन्हें एक पत्र मिला, जिसमें बताया गया कि उनकी शिकायत DRM ALD को भेज दी गई है. उन्होंने RTI भी दायर की, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. नतीजतन उनको दिल्ली जिला उपभोक्ता आयोग का रुख करना पड़ा.
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नॉर्दर्न रेलवे का जवाबनॉर्दर्न रेलवे ने जवाब दिया और कहा कि रेलवे के नियमों के अनुसार यात्रियों को बेडरोल दिए जाते हैं. यात्रा के दौरान मांग/ज़रूरत और बेडरोल की उपलब्धता के आधार पर अतिरिक्त कंबल दिया जाता है. रेलवे ने बताया कि मौजूदा विवाद की जांच संबंधित रेलवे यानी NC रेलवे, इलाहाबाद द्वारा की जा रही है.
आयोग ने पाया कि रेलवे के आपसी कम्युनिकेशन से पता चलता है कि लिनन सर्विस देने वाली कॉन्ट्रैक्ट वाली कंपनी पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था. कम्युनिकेशन में यह भी दर्ज है कि एक अलग बेडरोल दिया गया था, लेकिन शिकायत करने वाले ने ज़ोरदार तरीके से इससे इनकार किया है. आयोग ने रेलवे को सर्विस में कमी का दोषी पाया और उन्हें मानसिक परेशानी और शारीरिक असुविधा के लिए मुआवज़े के तौर पर 20,000 रुपये देने का निर्देश दिया. साथ ही, कानूनी खर्च के लिए 5,000 रुपये देने का भी आदेश दिया गया. 60 दिनों के भीतर आदेश का पालन नहीं होने पर आदेश की तारीख से लेकर भुगतान होने तक 7 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा.
नियम क्या कहता है?RAC टिकट वाले यात्रियों को भी चादर, तकिया, तौलिया और कंबल दिया जाता है, क्योंकि टिकट बुकिंग के समय इसका चार्ज लिया जा चुका है. ऐसे में अगर टिकट के मुताबिक मिलने वाली सुविधाएं यात्री को न मिलें तो यात्री इसकी शिकायत कर सकता है.
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