वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार और सर्विस की अक्सर तारीफ होती है. मगर इसके महंगे किराए पर भी कई बार बहस होती है. आम ट्रेनों के मुकाबले वंदे भारत का टिकट महंगा तो है. लेकिन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि इसका फेयर जापान, चीन और फ्रांस जैसे देशों की हाई स्पीड रेल सेवाओं से कम रखा गया है. उनके हिसाब से वंदे भारत ट्रेन का टिकट किफायती है.
'वंदे भारत ट्रेनों का किराया काफी सस्ता', रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ये लॉजिक दिया
Vande Bharat train fares: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि वंदे भारत ट्रेन का किराया चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों की हाई स्पीड रेल सेवाओं से काफी कम है. वंदे भारत का टिकट किफायती है.

रेल मंत्री ने बुधवार, 29 जुलाई को लोकसभा में एक लिखित बयान में ट्रेन सर्विस और टिकट प्राइस पर बात की. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा,
“वंदे भारत ट्रेन का किराया किफायती रखा गया है. 300 km से 400 km की यात्रा के लिए AC चेयर कार का फेयर औसतन लगभग 2.19 रुपये प्रति यात्री-किलोमीटर (PKM) है. चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों में हाई स्पीड ट्रेन का किराया 7 रुपये से 20 रुपये प्रति PKM तक होता है.”
माने, विकसित हाई स्पीड ट्रेन नेटवर्क से लैस इन देशों के मुकाबले भारत में फास्ट ट्रेनों का टिकट सस्ता है. 2019 में वंदे भारत ट्रेन लॉन्च होने के बाद अब 162 AC चेयर कार सेवाएं (82 रूट्स पर) चल रही हैं.
ट्रेन का किराया काफी चीजों पर करता है निर्भररेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनें एक अलग पैसेंजर सर्विस सेगमेंट के तौर पर चलती हैं. मतलब यह आम भारतीय ट्रेनों से अलग है. इस कारण किराया स्ट्रक्चर भी ‘खास’ होता है. वंदे भारत में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, सेमी-हाई स्पीड के साथ तेजी से स्पीड पकड़ने की क्षमता, ऑटोमैटिक प्लग डोर, आरामदायक सीटें, मिनी पैंट्री, CCTV, कवच (KAVACH) जैसी सुविधाएं होती हैं.
मंत्री ने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों के सही किए गए किराए के ढांचे से देश भर में इन सेवाओं के विस्तार में मदद मिली है. वंदे भारत में सभी मेजर रूट्स पर यात्रियों की संख्या काफी अच्छी है. यह अक्सर 100 प्रतिशत रहती है, जो लोगों की बदलती पसंद को दिखाता है.
अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत के साथ ही आम भारतीय ट्रेनों की भी तारीफ की. कहा कि हर साल लगभग करोड़ों यात्री भारतीय ट्रेनों में ट्रेवल करते हैं. पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित कई पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत में ट्रेनों का किराया कम है.
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे किराया तय करते समय सिर्फ खर्च नहीं देखा जाता, बल्कि कई अन्य चीजों का भी ध्यान रखा जाता है. जैसे कि ट्रेन सर्विस की लागत, उसकी वैल्यू, दी जाने वाली सेवाओं/सुविधाओं के प्रकार, लोगों के खर्च करने की क्षमता, दूसरे परिवहन साधनों (बस, हवाई जहाज) से प्रतिस्पर्धा और सामाजिक-आर्थिक फैक्टर आदि.
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मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में यात्री टिकटों पर कुल सब्सिडी का अनुमान अस्थायी रूप से 60,239 करोड़ रुपये लगाया गया है. यह पैसेंजर यात्रा की लागत का 43 प्रतिशत है. उदाहरण के साथ उन्होंने कहा कि अगर सर्विस की लागत 100 रुपये है, तो टिकट सिर्फ 57 रुपये का होता है.
आखिर में उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों में किराए पर कोई छूट नहीं मिलती है. लेकिन हर ट्रेन सर्विस की चेयर कार में दिव्यांगजनों के लिए चार सीटें रिजर्व कोटे के तहत तय की गई हैं.
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