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नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में कई अहम आंकड़े गायब, सेक्स रेशियो, ब्रेस्ट कैंसर, फैमिली प्लानिंग पर कुछ नहीं

स्वास्थ्य मंत्रालय ने NFHS-6 रिपोर्ट जारी की है. इसमें पब्लिक हेल्थ से जुड़े कई जरूरी आंकड़े सामने आए हैं. लेकिन इस बार की रिपोर्ट में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े कई आंकड़े और उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत अभियान जैसे योजनाओं से जुड़े आंकड़ों को इस रिपोर्ट में जगह नहीं मिली है.

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NFHS-6 में कई महत्वपूर्ण इंडिकेटर्स को जगह नहीं मिली है. (इंडिया टुडे)

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  • भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 29 मई को नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) जारी किया जिसमें महिलाओं और बच्चों की सेहत से जुड़े कई पुराने इंडिकेटर्स को हटा दिया गया है।
  • NFHS-6 में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों की संख्या घटाकर 101 कर दी गई है क्योंकि कई आंकड़े अन्य सर्वे या योजनाओं जैसे उज्ज्वला और स्वच्छ भारत से जोड़े गए हैं।
  • NFHS-6 में नए इंडिकेटर्स जैसे डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर और डिजिटल लिटरेसी शामिल किए गए हैं, जिससे भविष्य में सरकार के स्वास्थ्य और वित्तीय कार्यक्रम की समीक्षा और योजना बनाई जाएगी।

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 29 मई को नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) जारी कर दिया. सरकार के इस सर्वे में महिलाओं और बच्चों की हेल्थ से जुड़े कई इंडिकेटर्स, सेक्स रेशियो, फैमिली प्लानिंग, कैंसर स्क्रीनिंग और केंद्र सरकार की उज्ज्वला और स्वच्छ भारत अभियान जैसे योजनाओं से जुड़े आंकड़े इस बार गायब हैं.

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NFHS बड़े पैमाने पर पूरे देश में किया जाने वाला सर्वे है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य, फैमिली वेलफेयर और न्यूट्रिशन से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाना है. इसके इंडिकेटर्स सरकार को सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का मूल्यांकन करने और आगे योजना बनाने में मदद करते हैं. पहला NFHS सर्वे साल 1992-93 में हुआ था. यह सर्वे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की देखरेख में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन साइंसेज (IIPS) द्वारा किया जाता है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, NFHS-5 की फैक्टशीट में 131 महत्वपूर्ण इंडिकेटर्स थे, जबकि NFHS-6 में ये संख्या घठकर 101 रह गई है. एनीमिया, जन्म के समय जेंडर रेशियो, शिशु और बाल मृत्यु दर, फैमिली प्लानिंग, सेक्स रेशियो, स्वच्छ भारत अभियान और उज्ज्वला योजना सें संबंधित आंकड़ों को NFHS-6 में जगह नहीं दी गई है. NHFS-5 में प्रत्येक डिलीवरी पर महिलाओं या उनके परिवार की तरफ से आने वाले खर्च का डेटा दिया जाता था. लेकिन इस बार के सर्वे से ये इंडिकेटर हटा दिया गया है.

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केंद्र सरकार कई हेल्थ प्रोग्राम चलाती है. पिछले सर्वे में आम लोगों तक इनकी पहुंच से जुड़ा डेटा बताया जाता था. मसलन डायरिया से पीड़ित बच्चों को ORS या जिंक दिए जाने का डेटा, HIV को लेकर जागरूकता और सर्विस डिलीवरी से जुड़ा डेटा और डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ा डेटा. NFHS-6 में इनसे जुड़े डेटा को जगह नहीं मिली है. सर्वाइकल, ब्रेस्ट और ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग से जुड़े डेटा का भी जिक्र नए फैमिली हेल्थ सर्वे में नहीं किया गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि NFHS में शामिल कई आंकड़े कई दूसरे सर्वे में भी रिपोर्ट किए जा रहे थे. इस बार ऐसे आंकड़ों को NFHS में जगह नहीं दी गई है. सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, खाना पकाने वाले ईंधन से जुड़े आंकड़े उज्ज्वला योजना की रिपोर्ट में और स्वच्छता सेवाओं से जुड़े आंकड़े स्वच्छ भारत की रिपोर्ट में दिए गए हैं. वहीं शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन जैसे आंकड़े सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे के जरिए दिए जा रहे हैं.

NFHS-6 की फैक्टशीट में केंद्र सरकार ने कुछ नए विषयों को जगह दी है. इसमें डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर, सेल्फ हेल्प ग्रुप कवरेज, डिजिटल लिटरेसी और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन से जुड़े इंडिकेटर्स शामिल हैं.

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