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जंतर-मंतर पर महिला ने स्याही फेंकी, पता है अभिजीत दिपके ने क्या जवाब दिया?

दिल्ली पुलिस ने 21वें दिन अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया. इसके विरोध में सीजेपी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने अब खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. इस मामले में अब तक क्या अपडेट्स आए हैं, जानने के लिए पढ़िए.

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अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक की जगह भूख हड़ताल शुरू कर दी है. (फोटो: PTI)

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  • सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने 21वें दिन जबरन अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि वे पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन पर थीं।
  • यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश और मेडिकल सलाह के तहत की गई, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया।
  • इस घटना के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी और प्रदर्शनकारी अन्य समूह भी विरोध में शामिल हो गए हैं।

सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. वो पिछले 20 दिनों से अनशन पर थे और 21वें दिन दिल्ली पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने अब वांगचुक की जगह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. दिपके का आरोप है कि पुलिस ने वांगचुक को उनकी मर्जी के खिलाफ जबरन अस्पताल में भर्ती कराया. इसी बीच जंतर-मंतर पर एक महिला ने अभिजीत दिपके पर स्याही फेंक दी. इससे मौके पर हंगामा मच गया. 

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घटना के वक्त दिपके लोगों को संबोधित कर रहे थे. भीड़ ने महिला को पकड़ लिया. उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर वीडियो पोस्ट करके लिखा, 

नीला मेरा पसंदीदा रंग है… जय भीम.

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सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती

सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की बात कही थी. लेकिन इससे पहले ही उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया. CJP के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वांगचुक को पुलिस ने जबरन घसीटा. जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने अदालत के आदेशों का पालन किया. वांगचुक को सफेद चादर की आड़ में स्टेज से उठाकर एंबुलेंस में ले जाने का एक वीडियो भी सामने आया है.

डॉक्टरों ने क्या बताया?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है. उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है. उनका हेल्थ अपडेट देते हुए डॉक्टरों की टीम ने कहा कि उनके वाइटल्स नॉर्मल हैं और हाइपोटेंसिव और हाइपोग्लाइसेमिक ECG भी नॉर्मल हैं. वे होश में हैं और उनकी हालत स्थिर है.

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सफदरगंज अस्पताल ने बयान जारी कर सोनम वांगचुक की हेल्थ के बारे में बताया.
फोन ले जाने की परमिशन नहीं

अस्पताल प्रबंधन की तरफ से सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो को हॉस्पिटल के कमरे में फोन ले जाने की परमिशन नहीं दी गई. वहीं, अस्पताल ने कथित तौर पर उनकी मेडिकल रिपोर्ट भी परिवार के साथ शेयर नहीं की है. इसके अलावा पर्सनल वकील या डॉक्टर को भी मिलने की इजाजत नहीं दी गई है.

पुलिस ने क्या बताया?

नई दिल्ली के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP) सचिन शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए और मेडिकल सलाह के आधार पर सोनम वांगचुक को मेडिकल इलाज के लिए अस्पताल में ले जाया गया है और अभी वे मेडिकल देखरेख में हैं. 

एक दूसरे पोस्ट में DCP ने बताया कि सोनम वांगुचक को अस्पताल ले जाते वक्त प्रदर्शनकारियों ने अड़चन डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफरातफरी मची. उन्होंने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से वहां से हटने की अपील की है.

दिपके ने लगाए गंभीर आरोप

अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अभिजीत दिपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस सोनम वांगचुक को जबरदस्ती घसीटकर ले गई. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें भी सड़क पर घसीटकर मारा. दिपके ने यह भी कहा कि 20 जुलाई को होने वाला ‘चलो संसद’ मार्च योजना के मुताबिक ही होगा. उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस सोनम वांगचुक को चादरों के पीछे छिपाकर क्यों ले गई? आगे कहा,

वांगचुक क्रिमिनल नहीं थे. वे हॉस्पिटल नहीं जाना चाहते थे. वे पार्लियामेंट मार्च में शामिल होना चाहता थे. लेकिन इन पुलिस वालों ने जो किया, वो क्रिमिनल नहीं थे. जिस तरह से वो उन्हें चादरों के नीचे छिपाकर ले गए. अगर आपको उनकी हेल्थ की इतनी ही फिक्र थी तो आपको उन्हें इज्जत से ले जाना चाहिए था.

उन्होंने लोगों से अपील की कि हर राज्य और हर जिले में ऐसे प्रोटेस्ट करो जैसे यहां एक महीने से जंतर-मंतर पर चल रहा है.

प्रदर्शन में AISF और SFI भी शामिल

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के सदस्य भी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं. पहले ये संगठन अलग-अलग ही आंदोलन कर रहे थे. अब पहली बार ये संगठन औपचारिक रूप से CJP के साथ मंच पर एक साथ आए हैं.

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धर्मेंद्र प्रधान के आवास की सुरक्षा बढ़ी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

3 स्टूडेंट्स भी भूख हड़ताल पर

वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) की नेहा, आमीन और मनीष भी पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे हैं. नेहा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है, जबकि आमीन और मनीष की तबीयत भी लगातार बिगड़ रही है.

वीडियो: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच डॉक्टर ने ऑर्गन ख़राब होने की चेतावनी दी

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