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CEC ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग, इस पार्टी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी

Bharat Ratna for Gyanesh Kumar: NCPI ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को देने की मांग की है.

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NCPI ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह पत्र लिखा है. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' देने की औपचारिक मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर की है।
  • यह मांग ऐसी परिस्थितियों में आई है जब 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव बिना किसी खून-खराबे या चुनावी गड़बड़ी के शांतिपूर्ण होकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा पर आम चर्चा हो रही है।
  • इस प्रस्ताव का उद्देश्य चुनाव आयोग की निष्पक्षता को प्रोत्साहित करना है, और अब पीएम मोदी से इस पर विचार कर राष्ट्रपति को नाम सिफारिश करने की मांग की गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' देने की मांग उठी है. नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर यह मांग की है. उनका कहना है कि CEC को भारत रत्न के लिए रिकमेंड किया जाना चाहिए.

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उनसे पहले बंगाल BJP के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण से सम्मानित करने की बात कही थी. ये मांगें ऐसे वक्त आई हैं, जब स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

2026 के चुनाव बिना खून-खराबे के हुए!

बुधवार, 30 सितंबर को यह लेटर NCPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योति प्रकाश चटर्जी के साइन के साथ भेजा गया. उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (2026) को 'शांतिपूर्ण और विश्वसनीय' तरीके से कराने के लिए आयोग की सराहना की.

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ज्योति चटर्जी ने बंगाल में राजनीतिक हिंसा, डराने-धमकाने और चुनावी गड़बड़ियों के ‘इतिहास’ का भी जिक्र किया. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि 2026 के चुनाव बिना किसी खून-खराबे, डर या धांधली के हुए.

उन्होंने लिखा कि आयोग ने वोटर लिस्ट की बारीकी से जांच करने और अयोग्य लोगों की पहचान करने के लिए SIR किया है. ताकि सिर्फ ‘असली’ भारतीय नागरिक ही वोट डाल सकें. उनके मुताबिक, ऐसा करने से डाले गए हर वोट की विश्वसनीयता मजबूत होती है.

‘CEC ने संविधान की नींव को मजबूत किया’

ज्योति चटर्जी ने आगे कहा,

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चुनाव आयोग की आजादी, निष्पक्षता और अनुशासन को बनाए रखकर ज्ञानेश कुमार ने संविधान की नींव को मजबूत किया है. और एक अरब से ज्यादा नागरिकों का वोटिंग प्रक्रिया में भरोसा बढ़ाया है.

लेटर में उन्होंने आगे लिखा,

इन योगदान के लिए मेरा सुझाव है कि ज्ञानेश कुमार देश के सर्वोच्च सम्मान के हकदार हैं. उन्हें सम्मानित करने से देश भर के चुनाव अधिकारियों को संदेश जाएगा कि निष्पक्षता और ईमानदारी के समर्पण को हमारा गणतंत्र महत्व देता है.

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NCPI ने पीएम को पत्र लिखा. ((Courtesy-IANS)

NCPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योति प्रकाश चटर्जी ने आखिर में पीएम मोदी से अनुरोध किया कि इस प्रस्ताव पर विचार करें. और माननीय राष्ट्रपति के सामने उनके नाम की सिफारिश करें.

बीजेपी नेता ने की थी पद्म भूषण की मांग

NCPI से पहले पश्चिम बंगाल BJP के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा था,

“पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव कराने और वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने में ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है. इसलिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित करना चाहिए.”

ये भी पढ़ें: 'ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण मिलना चाहिए', बंगाल बीजेपी प्रमुख ने वजह भी बताई

समिक भट्टाचार्य ने सिर्फ ज्ञानेश कुमार की तारीफ नहीं की, बल्कि पश्चिम बंगाल चुनाव में उनकी भूमिका को लेकर अपना पूरा पक्ष रखा. उन्होंने मीडिया से सवाल करते हुए कहा था कि क्या इससे पहले पश्चिम बंगाल में ऐसा चुनाव देखा गया था.

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