पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में एक पॉलिटिकल रोड शो के दौरान एक छह साल की बच्ची को गाड़ी से टक्कर लगी. दो दिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद मंगलवार, 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई. पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है. इसलिए यहां चुनावी रोड शो निकाला गया.
पश्चिम बंगाल उपचुनाव: ममता के बागी विधायकों के रोड शो में बच्ची को लगी टक्कर, अस्पताल में मौत
जब ममता बनर्जी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी-अरुप रॉय गुट का रोड शो रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के लोकनाथपुर इलाके से गुज़र रहा था, तब कुछ बच्चे सड़क किनारे आ गए. इनमें छह साल की जैस्मिन खातून भी मौजूद थी. उसे पता लगा था कि टॉफियां बांटी जा रही हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ये रोड शो ममता बनर्जी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी-अरुप रॉय गुट की पार्टी डेमोक्रैटिक तृणमूल कांग्रेस का था. रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने सफीउज्जमान शेख को उम्मीदवार बनाया है. रैली के दौरान पूर्व मंत्री मदन मित्रा, सांसद अबू ताहर खान, विधायक अखरुज्जमान और उम्मीदवार सफीउज्जमान मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक, रैली में पांच SUV गाड़ियां थीं. हालांकि अभी ये साफ़ नहीं है कि बच्ची को टक्कर किस गाड़ी से लगी है.
रिपोर्ट के मुताबिक जब रोड शो रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के लोकनाथपुर इलाके से गुज़र रहा था, तब कुछ बच्चे सड़क किनारे आ गए. इनमें छह साल की जैस्मिन खातून भी मौजूद थी. उसे पता लगा था कि टॉफियां बांटी जा रही हैं. जैस्मिन के परिवार के मुताबिक, इसी अफरा-तफरी में बच्ची को उन पांच गाड़ियों में से एक गाड़ी से टक्कर लग गई. इसके बाद उसे बरहमपुर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया. फिर यहां से उसे NRS मेडिकल कॉलेज, कोलकाता भेज दिया गया. मगर 29 सितंबर की सुबह जैस्मिन की मौत हो गई.
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हुमायूं कबीर ने उठाया मामलाआम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के मुखिया हुमायूं कबीर ने इस घटना के बारे में बात की है. उन्होंने कहा,
‘इस मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, और बच्ची को न्याय मिलना चाहिए. सरकार को पीड़ित परिवार की सहायता के लिए ज़रूरी कदम उठाने चाहिए.’
रिपोर्ट के मुताबिक, उनका ये भी दावा है कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है. बच्ची के पिता का भी बयान आया है. उनका कहना है कि अस्पताल बच्ची का पोस्टमॉर्टम नहीं कर रही है क्योंकि पुलिस ने अभी तक शिकायत दर्ज नहीं की है.
दूसरी तरफ रिपोर्ट में बताया गया कि उम्मीदवार सफीउज्जमान ने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी. अगर होती तो पीड़ित के घरवालों से मिलने जाते. इसके अलावा राज्य मंत्री गौरी शंकर घोष ने मामले की पूरी जांच और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा देने की मांग की है.
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