The Lallantop

NCERT ने कक्षा 9 की बुक से 'प्रस्तावना' और 'सेक्युलरिज्म' को हटाया, 'चुनाव आयोग' जोड़ा

NCERT की कक्षा 9 की नई सोशल साइंस की किताब से संविधान की 'प्रस्तावना' (Preamble) और 'धर्मनिरपेक्ष' (Secularism) का जिक्र हटा दिया है. वहीं, चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज को समझाने के लिए नया चैप्टर जोड़ा गया है.

Advertisement
post-main-image
NCERT ने कक्षा 9 की किताब से संविधान की प्रस्तावना हटा दी है. (फोटो: इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • NCERT ने कक्षा 9 की सोशल साइंस की किताब में भारतीय संविधान की प्रस्तावना और ‘धर्मनिरपेक्षता’ के कांसेप्ट हटाकर चुनाव आयोग का एक नया चैप्टर और पहली बार ‘नेशनल इमरजेंसी’ का विषय जोड़ा है।
  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत स्कूलों की पढ़ाई में बदलाव के कारण यह निर्णय लिया गया है, जिसमें किताबों में विषयों का पुनर्गठन और राजनीतिक/सामाजिक अवधारणाओं को पुनः परिभाषित करना शामिल है।
  • इन बदलावों से छात्रों को चुनाव प्रक्रिया और इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण राजनीतिक विषयों की समझ जल्दी मिलेगी, जिससे भविष्य में लोकतंत्र और चुनावी तंत्र की बेहतर शिक्षा मिलने की संभावना है।

NCERT ने कक्षा 9 की सोशल साइंस की किताब में बड़े बदलाव किए हैं. नई किताब में भारतीय संविधान की प्रस्तावना के साथ-साथ ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘धर्मनिरपेक्षता’ जैसे कॉन्सेप्ट को हटा दिया गया है. इसके अलावा ‘इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया’ (ECI) यानी भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज और चुनाव प्रक्रिया को समझाने के लिए एक अलग चैप्टर जोड़ा गया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
क्या बदलाव हुए?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत स्कूली शिक्षा में बड़े स्तर पर बदलाव किया जा रहा है. इसी बदलाव के तहत कक्षा 9 की सोशल साइंस की किताब में भारतीय संविधान चैप्टर से प्रस्तावना को हटा दिया गया है.

किताब के पिछले एडिशन में मौजूद ‘सेक्युलर’ और ‘सेक्युलरिज्म’ शब्दों के जिक्र को भी मुख्य टेक्स्ट से हटा दिया गया है. इसके साथ ही NCERT ने पहली बार इस किताब में ‘नेशनल इमरजेंसी’ के टॉपिक को शामिल किया है.

Advertisement

सोशल साइंस की नई किताब पिछले संस्करण से काफी अलग है. इसमें हिस्ट्री, ज्योग्राफी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स को एक ही किताब में शामिल किया गया है. किताब का नाम है- 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड'.

चुनाव आयोग का चैप्टर जोड़ा गया

नई किताब में भारत के चुनाव आयोग के कामकाज, वोटर लिस्ट, वोटर रजिस्ट्रेशन और चुनाव कराने की प्रक्रिया को समझाने के लिए एक अलग चैप्टर शामिल किया गया है. इस चैप्टर का मकसद स्टूडेंट्स को स्कूलिंग के शुरुआती दौर में ही भारत के चुनावी ढांचे और लोकतांत्रिक संस्थाओं से परिचित कराना है.

‘इमरजेंसी’ टॉपिक भी शामिल

भारत में इमरजेंसी लागू हुए पांच दशक से ज्यादा का समय बीत चुका है. अब NCERT ने पहली बार कक्षा 9 की किताब में इस टॉपिक को शामिल किया है. इसे ‘भारत में लोकतंत्र के सामने बड़ी चुनौतियों में से एक’ के तौर पर पेश किया गया है.  

Advertisement
NCERT
(फोटो: इंडिया टुडे)

ये भी पढ़ें: 'इंदिरा सरकार में बेरोजगारी, महंगाई... ', पहली बार कक्षा 9 की किताब में जोड़ा इमरजेंसी पर चैप्टर

अब तक इमरजेंसी के बारे में 12वीं कक्षा की पॉलिटिकल साइंस की किताब में ही पढ़ाया जाता था. लेकिन अब कक्षा 9 के छात्रों को अपनी पढ़ाई के शुरुआती दिनों में ही इमरजेंसी के बारे में बताया जाएगा. हालांकि, सिलेबस में इस बदलाव की टाइमिंग अहम मानी जा रही है. 25 जून, 1975 को लागू हुई नेशनल इमरजेंसी के 50 साल2026 में पूरे हुए. 

इससे पहले NCERT पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था, जब इसी किताब में एक नग्न नर्तकी की मूर्ति को कपड़ों के साथ छापा गया था. कांसे की यह मूर्ति मोहन जोदड़ो की खुदाई में मिली थी. 

वीडियो: NCERT की किताब में Mohenjo-daro की मूर्ति के साथ छेड़छाड़

Advertisement