The Lallantop

36 साल से शराबबंदी है, फिर नागालैंड में नकली शराब कहां से आई? 19 लोगों की मौत

Nagaland में Suspicious Liquor पीने की वजह से कम से कम 19 लोगों की जान चली गई. पुलिस ने मामले की जांच के लिए Special Investigation Team का गठन कर दिया है.

Advertisement
post-main-image
नागालैंड में नकली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई. (Courtesy- ITG)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • नागालैंड के मोकोकचुंग और तुएनसांग जिलों में नकली शराब पीने से बीते दो दिनों में 19 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद पुलिस ने सप्लाई चेन का पर्दाफाश करने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है।
  • नागालैंड में साल 1990 से शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद अवैध नकली शराब का उत्पादन और वितरण जारी रहा, जिससे इस दुर्घटना का कारण बना।
  • पुलिस ने अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब 3000 शराब की बोतलें जब्त की हैं, साथ ही जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नागालैंड में बीते 2 दिनों में जहरीली नकली शराब पीने से करीब 19 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने नकली शराब के सप्लाई चेन का पर्दाफाश करने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बना दी है. नागालैंड में साल 1990 से ही शराबबंदी है. बावजूद इसके ऐसी घटना सामने आई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अवैध नकली शराब पीने से मोकोकचुंग जिले में 8 और तुएनसांग में 11 लोगों की मौत हुई है. मामले की पुष्टि सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) वेसुप्रा केजो ने की. 

Advertisement

केजो ने शनिवार, 26 सितंबर को बताया कि फर्जी नकली शराब के सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए SIT बना दी गई है. जांच टीम की अगुवाई ASP आई बुंगलाग चांग करेंगे. पुलिस मौतों की असली वजह पता लगाने के लिए पड़ताल कर रही है. इसके लिए कई तरह के सैंपल्स को फॉरेंसिक जांच के लिए गुवाहाटी भेजा गया है. इसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. केजो ने कहा,

हमें कुछ सुराग मिले हैं, लेकिन उन जानकारियों का खुलासा करना अभी जल्दबाजी होगी.

Advertisement
कई जगहों पर छापेमारी

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कई इलाकों में छापेमारी की. अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. कार्रवाई में करीब 3000 शराब की बोतलों को जब्त किया गया है. पुलिस ने लोगों को अवैध और बिना लेबल वाली शराब न पीने की सलाह दी है. साथ ही कहा है कि अगर शराब पीने के बाद तबीयत खराब लगे तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें. 

यह भी पढें: 'सेना की कठपुतली है पाकिस्तानी सरकार', भारतीय अफसर ने दुनिया के सामने शहबाज शरीफ को ठीक से लताड़ा

1990 से शराबबंदी

नागालैंड में साल 1990 से ही शराबबंदी लागू है. राज्य विधानसभा ने 1989 में नागालैंड शराब पूर्ण निषेध अधिनियम, 1989 पारित किया था. इसके बाद राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया गया. बावजूद इसके प्रदेश में अवैध शराब पीने से ये मौतें हुई हैं, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं.

Advertisement

वीडियो: नेतानगरी: ज्ञानेश कुमार को हटाने का कांग्रेस और CJP का प्लान क्या? बिहार में फूहड़ गानों से गलत रास्ते पर युवा?

Advertisement