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कैश, गोल्ड, एस्कॉर्ट सर्विस... हरियाणा में सरकारी खाता खाली करने वाले अफसरों ने अय्याशी की हदें तोड़ दीं

IDFC First Bank के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के विभागों के खातों से कथित तौर पर 657 करोड़ रुपये की हेराफेरी की और बदले में कुछ सरकारी अधिकारियों को महंगे होटल, डांस पार्टियां, शराब, सोने के सिक्के और अन्य कई नाजायज सुविधाएं दी गईं.

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सीबीआई की जांच में घोटाले के आरोपियों को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं. (Courtesy: India today)

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  • सीबीआई ने हरियाणा सरकार के बैंक खातों से लगभग 657 करोड़ रुपये निकालने में कथित घोटाले का खुलासा किया, जिसमें आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल और अन्य शामिल हैं।
  • रिभव ऋषि नामक पूर्व बैंक मैनेजर ने अधिकारियों को रिश्वत में डांस पार्टियां, एस्कॉर्ट सर्विस, महंगे होटल और सोने के सिक्के दिए, जिसके कारण ये अवैध धन निकासी संभव हो पाई।
  • इस मामले की जांच जारी है और इसके परिणामस्वरूप संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है, साथ ही सरकारी धन की सुरक्षा के उपाय सुधारने की आवश्यकता बनी है।

सरकार जिस बैंक पर भरोसा करे. विभागों का पैसा जहां जमा करे. उसी बैंक के अधिकारी खाते में सेंध लगाकर पैसे उड़ा ले जाएं. इसमें उनकी मदद सरकार के कुछ अधिकारी भी करें. बदले में डांस पार्टी, एस्कॉर्ट सर्विस, महंगी शराब और गोल्ड जैसी रिश्वत उन्हें मिले. किसी ‘हाइस्ट’ थीम वाली फिल्म की कहानी लग रही ये घटना हरियाणा का सच है. सीबीआई ने खुलासा किया है कि हरियाणा सरकार के बैंक में जमा पैसे ‘लूटने’ वाले कांड के आरोपियों ने रिश्वत के बदले कई आईएएस अधिकारियों को खूब ‘अय्याशी’ करवाई थी. उन्हें सोने के सिक्के दिए. महंगे होटलों में ठहराया. यहां तक कि उन्हें ‘सेक्स सर्विस’ भी दिलाई गई. 

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बदले में इन अधिकारियों ने हरियाणा के 8 सरकारी विभागों के बैंक खातों से 504 करोड़ रुपये निकालने में उनकी कथित तौर पर मदद की. इसमें चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों को भी जोड़ दें तो कथित घोटाले की रकम 657 करोड़ रुपये हो जाती है.

‘द ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, CBI ने ऐसी ‘अय्याश घूसखोरी’ का आरोप 2000 बैच के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल पर लगाया है. बताया कि अग्रवाल को कथित तौर पर डांस पार्टी और सेक्शुअल सर्विसेज दी गईं. शराब और महंगे होटलों में ठहरने जैसी नाजायज सुविधाएं भी दी गईं. इन सबका खर्च कथित तौर पर IDFC फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने उठाया, जिसे CBI इस घोटाले का ‘मास्टरमाइंड’ बता रही है.

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होटल में डांस पार्टियां

पंकज अग्रवाल की अगुआई वाले हरियाणा सरकार के दो विभागों के खाते IDFC फर्स्ट बैंक में खोले गए थे. इन खातों से 60 करोड़ से ज्यादा की सरकारी रकम फर्जी तरीके से निकाली गई थी. अग्रवाल ने इस फर्जीवाड़े में आरोपियों की मदद की थी. सीबीआई ने बताया कि बदले में जिरकपुर के एक होटल में 10 डांस पार्टियां हुईं, जिनमें से 4 पंकज अग्रवाल के कहने पर हुई थीं. 

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि इन पार्टियों में दिल्ली से महिला डांसर बुलाई जाती थीं. उन पर पैसे लुटाए जाते थे. सूत्र बताते हैं कि हर पार्टी में डांसरों पर 15 से 20 लाख तक के नोट उड़ाए जाते थे. इसमें 20, 50 और 100 रुपये के नोट होते थे. बैंक के आरोपी पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि की एक महिला दोस्त इन पार्टियों का इंतजाम करती थी. इसमें अग्रवाल की पसंद के डांस ग्रुप को बुलाया जाता था. एस्कॉर्ट सर्विस भी दी जाती थी.

एस्कॉर्ट सर्विस पर उड़ाए पैसे

रिपोर्ट के अनुसार, एक एस्कॉर्ट ने सीबीआई को बताया कि अग्रवाल के आने पर वह दो बार जिस कमरे में रुकी थी, उसमें उसे 10 हजार और दूसरी बार 12 हजार रुपये दिए गए थे. जनवरी 2026 में मोहाली के एक होटल में पंकज अग्रवाल और घोटाले के एक अन्य आरोपी नरेश कुमार के लिए दिल्ली से एस्कॉर्ट बुलाई गई थी. दोनों ने उसके साथ समय बिताया और उसे 75 हजार रुपये दिए गए.

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इन अफसरों पर भी आरोप 

अग्रवाल के अलावा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व चेयरमैन विनीत गर्ग पर भी आरोप लगे हैं. उन्होंने बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी प्रदीप कुमार के साथ मिलकर कथित तौर पर सरकारी खजाने को 159.96 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया था. CBI की जांच में पता चला कि 2025 की दिवाली से चार दिन पहले विनीत गर्ग को 50-50 ग्राम के दो सिक्के दिए गए थे. सावन ज्वेलर्स से लाए गए ये सिक्के जब गर्ग को दिए गए थे तो उस समय रिभव ऋषि के साथ मामले का एक अन्य आरोपी मनीष जिंदल भी वहां मौजूद था.

पंचकूला नगर निगम के कमिश्नर रहे राम कुमार सिंह पर 2.5 करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप है. बताया गया कि उन्होंने कथित तौर पर बैंक अफसरों के साथ मिलकर 118 करोड़ से ज्यादा की सरकारी रकम बैंक से निकालने में मदद की थी.

हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर रहे IAS अफसर मोहम्मद शायिन के रिश्वत के तौर पर खाने-पीने के बिल भरे गए. इसमें एक होटल का 73 हजार 73 रुपये का बिल कैश में चुकाया गया था.

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