स्पेशल इंटेंस रिवीजन (SIR) के ‘हो-हल्ले’ के बीच स्पेशल समरी रिवीजन की ‘दुंदुभी’ भी बजने वाली है. लेकिन ये सिर्फ उन पांच राज्यों के लिए होगा, जहां अगले साल (2027 में) चुनाव होने वाले हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर शामिल हैं. खबर है कि अक्टूबर 2026 में चुनाव आयोग इन पांच राज्यों में एसएसआर को लेकर आदेश जारी कर सकता है. वजह है एक कानून जो चुनाव से पहले वोटर्स लिस्ट को अपडेट करने का प्रावधान करता है.
SIR पर बवाल के बीच SSR का आदेश आने वाला है?
उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग अक्टूबर 2026 में Special Summary Revision का आदेश दे सकता है.

बता दें कि वोटर्स लिस्ट में हर साल होने वाला ‘स्पेशल समरी रिवीजन’ (SSR) इससे पहले आखिरी बार 2024-25 वाले चक्र (Cycle) में कराया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो विवेक जोशी और एसएस संधू ने इस प्रक्रिया को रोके जाने पर आपत्ति जताई थी.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बहस के बीच चुनाव आयोग पांच चुनावी राज्यों में अक्टूबर में स्पेशल समरी रिवीजन कराने का आदेश जारी कर सकता है. बताया गया कि इसके लिए क्वालिफाइंग डेट 1 जनवरी 2027 मानी जाएगी. यानी जो लोग इस तारीख से पहले 18 साल के हो गए होंगे, उन्हें ही वोटर्स लिस्ट में जगह मिलेगी.
रिपोर्ट में ये दावा भी किया गया है कि इस साल पूरे देश में एक साथ SSR कराने की संभावना कम है. वजह है कि 19 राज्यों में स्पेशल इंटेंस रिवीजन की प्रक्रिया चल रही है. साथ ही देश की जनगणना का काम भी जारी है. ऐसे में पूरे देश में SSR कराना आयोग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है.
क्या कहता है कानून?हालांकि, चुनाव वाले राज्यों में SSR कराना जरूरी होता है, इसीलिए आयोग सिर्फ पांच राज्यों में समरी रिवीजन कराने के लिए अक्टूबर 2026 में नोटिफिकेशन जारी कर सकता है. जनप्रतिनिधित्व कानून (Representation of the People Act) की धारा 21 कहती है कि हर चुनाव या उपचुनाव से पहले वोटर्स लिस्ट को योग्यता की एक तय तारीख (क्वालिफाइंग डेट) के आधार पर अपडेट किया जाना जरूरी है. बताया गया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में फरवरी-मार्च 2027 में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. ऐसे में चुनाव आयोग को इन राज्यों की अपडेटेड वोटर लिस्ट जनवरी 2027 में प्रकाशित करनी होगी.
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स्पेशल समरी रिवीजन एसआईआर के मुकाबले वोटर्स लिस्ट को अपडेट करने की थोड़ी हल्की प्रक्रिया है. इसमें घर-घर जाकर वोटर्स की स्थिति की गहन जांच नहीं की जाती, जैसा कि एसआईआर में किया जाता है. SSR में मौजूदा लिस्ट के आधार पर एक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पब्लिश की जाएगी. इसके आधार पर लोग दावे और आपत्तियां दाखिल करते हैं. किसी का नाम हटाना है या किसी के नाम पर आपत्ति है तो फॉर्म-7 भरा जाता है. नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और सुधार या पता शिफ्ट करने के लिए फॉर्म 8 भरना होता है. पारंपरिक तौर पर इसकी क्वालिफाइंग डेट 1 जनवरी होती है. जिन राज्यों में चुनाव होता है, वहां दो बार भी SSR कराए जाते हैं.
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