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'RSS BJP का रिमोट कंट्रोल नहीं... ', मोहन भागवत ने संघ को लेकर बड़ी बातें बोली हैं

RSS प्रमुख Mohan Bhagwat ने कहा कि अगर BJP को देखकर संघ को समझने की कोशिश करेंगे तो यह बहुत बड़ी गलती होगी. और क्या कहा उन्होंने?

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मोहन भागवत ने कहा कि RSS के खिलाफ एक ‘झूठा नैरेटिव’ गढ़ा जा रहा है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि संघ के लोग वर्दी पहनते हैं, लेकिन यह कोई पैरामिलिट्री संगठन नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर बीजेपी को देखकर RSS को समझने की कोशिश करेंगे तो यह बहुत बड़ी गलती होगी. RSS को बेहतर ढंग से समझने के लिए उन्होंने लोगों से संघ की शाखा में जाने की अपील की.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहन भागवत ने शुक्रवार, 2 जनवरी को कहा कि RSS समाज को जोड़ने और मजबूत बनाने के लिए काम करता है, ताकि भारत फिर कभी किसी विदेशी शक्ति के चंगुल में न फंसे. उन्होंने आगे कहा,

हम वर्दी पहनते हैं, मार्च निकालते हैं और लाठीचार्ज का अभ्यास करते हैं. लेकिन अगर कोई इसे पैरामिलिट्री (अर्धसैनिक) संगठन समझता है, तो यह एक गलती होगी.

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भागवत ने कहा कि संघ किसी राजनीतिक दल का रिमोट कंट्रोल नहीं है, बल्कि समाज निर्माण का संगठन है. संघ की स्थापना हिंदुओं को शांतिपूर्ण तरीके से संगठित करने के लिए हुई थी. उन्होंने कहा कि हिंदू कोई जाति नहीं, बल्कि एक मनोवृत्ति है, जो सभी पंथों और संप्रदायों का सम्मान करती है. उन्होंने कहा कि संघ को समझना मुश्किल है, क्योंकि यह एक खास और अलग संगठन है. RSS प्रमुख ने कहा,

अगर आप बीजेपी को देखकर संघ को समझने की कोशिश करेंगे तो यह बहुत बड़ी गलती होगी. यही गलती तब भी होगी जब आप विद्या भारती (RSS से जुड़ा शैक्षिक संगठन) को देखकर इसे समझने की कोशिश करेंगे.

इससे पहले, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी मोहन भागवत ने यही बात कही थी. उन्होंने कहा था कि RSS को बीजेपी के नजरिए से नहीं देखना चाहिए. बताते चलें कि RSS को जनसंघ और उसके बाद में बनी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मूल संगठन माना जाता है. 

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‘…आकर इसे समझिए’

मोहन भागवत ने कहा कि संघ की आर्थिक स्थिति अब ठीक है और यह किसी भी तरह के बाहरी धन या दान पर निर्भर नहीं है. आगे कहा,

मैंने संघ के बारे में अपने विचार रखे हैं... आकर इसे समझिए. अगर आपको मेरी बातों पर भी पूरा भरोसा नहीं है, तो कोई बात नहीं. सबसे अच्छा तरीका है आकर संघ को समझना. अगर मैं दो घंटे तक यह समझाता रहूं कि चीनी कितनी मीठी होती है (तो यह बेकार होगा)... एक चम्मच चीनी खाकर देखिए, आपको समझ आ जाएगा.

भागवत ने कहा कि संघ के खिलाफ एक ‘झूठा नैरेटिव’ गढ़ा जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि सही जानकारी जुटाने के लिए लोग गहराई से छानबीन नहीं करते. आगे कहा कि जो लोग भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी लेंगे, उन्हें ही संघ के बारे में पता चलेगा.

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