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आठ करोड़ की अफीम उगाते पकड़े गए थे BJP नेता, अब भाई की दुकान पर चला बुल्डोजर

भाजपा नेता विनायक ताम्रकार इस मामले में गिरफ्तार हुए थे. नेताजी गैरकानूनी तरीके से अफीम की खेती कर रहे थे. पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था. और अब जिले के समोदा गांव में उनके भाई की दुकान पर बुल्डोजर चल गया है.

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छत्तीसगढ़ के समोदा में बुल्डोजर एक्शन हुआ है (PHOTO-AajTak)

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बीते दिनों एक भाजपा नेता विनायक ताम्रकार गिरफ्तार हुए थे. नेताजी गैरकानूनी तरीके से अफीम की खेती कर रहे थे. पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था. और अब जिले के समोदा गांव में उनके भाई की दुकान पर बुल्डोजर चल गया है. अधिकारियों ने बताया कि ये दुकान सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाई गई थी.

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अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार नेता के भाई बृजेश ताम्रकार गांव में करीब 32 डिसमिल सरकारी जमीन पर दुकान चलाते थे. जिला प्रशासन को लंबे समय से इस जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक जांच के बाद पाया गया कि यह दुकान सरकारी जमीन पर बनाई गई है. इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया और मंगलवार को बुलडोजर की मदद से इस निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया.

खेत में मिली थी करोड़ों की अफीम

अफीम उगाने का आरोप बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार पर है. दुर्ग से किसान मोर्चा अध्यक्ष रह चुके हैं. फिलहाल पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. पुलिस ने बीजेपी नेता सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है. आरोप है कि ये जमीन बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार के रिश्तेदारों की है, जो कि यहां से काफी दूर रहते हैं. आरोप है कि यहां हो रही खेती विनायक ताम्रकार की निगरानी में होती थी.

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मामले में दो अन्य आरोपी जो हिरासत में लिए गए, उनमें से एक का नाम विकास बिश्नोई है. राजस्थान के जोधपुर जिले के मतोड़ा गांव का रहने वाला है. दूसरे आरोपी का नाम मनीष ठाकुर है. इस अवैध कारोबार में शामिल होने के आरोप में दोनों को हिरासत में लिया गया है. ये खेती दुर्ग जिले के समोदा, झेंझरी और सिरसा गांवों के बीच की गई है. आज तक से जुड़े संवाददाता रघुनंदन पंडा ने जानकारी दी कि बीते दिनों गांव के कुछ लड़के खेत में होली खेल रहे थे. तभी उनकी नज़र अफीम के पौधों पर पड़ी. उन्होंने फोटो खींची. 6 मार्च पुलिस को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली तो टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खेत में जांच की. जांच के दौरान मक्के की फसल के बीच बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे मिले. खेत में लगे अफीम के पौधों को भी जब्त कर लिया गया.

जब्त की गई अफीम की कीमत 8 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए दुर्ग जिले के SP विजय अग्रवाल ने बताया,

'अफीम के पौधों को बहुत ही चालाकी से मक्के की फसल के बीच उगाया जा रहा था. मक्के के ऊंचे पौधों का इस्तेमाल अफीम की खेती को छिपाने के लिए एक 'कवर' के रूप में किया गया था. मजदूर भी बाहर से बुलाए गए थे. इसमें और आरोपियों के भी शामिल होने की आशंका है.'

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वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल अफीम के खेत में खुद पहुंचे. उन्होंने तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं. और बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार पर अफीम उगाने का आरोप भी लगाया. कलेक्टर ने बताया कि जमीन का रिकॉर्ड मधुमति बाला और प्रीति बाला के नाम दर्ज है. मामले में दोनों महिलाओं की भूमिका की भी जांच होगी. इसके अलावा फरार आरोपियों की भी तलाश की जा रही है.

भारत में अफीम की खेती पूरी तरह से सरकार के कंट्रोल में है. NDPS Act के तहत केंद्र सरकार मेडिकल और साइंटिफिक जरूरतों के लिए परमिशन देती है. कुछ कंडीशन्स पर हर साल लाइसेंस इश्यू किए जाते हैं. जरूरत के हिसाब से लिमिटेड अफीम की पैदावार होती है जो सरकार को सौंप दी जाती है, इसके अलावा किसी को अफीम उगाने का अधिकार नहीं है.

वीडियो: तारीख: अफीम के इतिहास की क्या कहानी है?

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