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बांग्लादेश में तेल की भारी किल्लत, मोदी सरकार ने भेजा 5000 टन डीजल

India-Banglesh Friendship Pipeline: भारत की सरकारी नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) के सिलीगुड़ी मार्केट टर्मिनल से 131 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन (IBFP) के जरिए बांग्लादेश के पार्वतीपुर डिपो तक डीजल भेजा गया.

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भारत ने बांग्लादेश के साथ एग्रीमेंट के तहत डीजल भेजा. (Reuters)

ईरान-इजरायल जंग से जहां भारत में कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत होने लगी है, तो दूसरी तरफ मोदी सरकार ने बांग्लादेश को 5000 टन डीजल भेज दिया है. अभी रुकिए. 5000 टन तो थोड़ी मात्रा है, भारत से इस साल तक कुल 1,80,000 टन डीजल बांग्लादेश जाना है. यह कोई मेहरबानी नहीं है. दरअसल, भारत और बांग्लादेश के बीच एक एग्रीमेंट है, जिसके तहत भारत को यह डीजल बांग्लादेश भेजना है.

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मंगलवार, 10 मार्च को भारत ने इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन (IBFP) के जरिए यह डीजल भेजा. भारत-बांग्लादेश के बीच IBFP पहली क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन है, जिसकी बांग्लादेश को सालाना 10 लाख मीट्रिक टन हाई स्पीड डीजल (HSD) भेजने की कैपेसिटी है.

यह पाइपलाइन पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी को बांग्लादेश के पार्वतीपुर से जोड़ती है. बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के चेयरमैन मुहम्मद रेजानुर रहमान ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया,

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"हमारा भारत के साथ एक एग्रीमेंट है, और उस एग्रीमेंट के अनुसार, भारत हर साल पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को 1,80,000 टन डीजल सप्लाई करेगा. अभी जो 5,000 टन डीजल आ रहा है, वह उसी एग्रीमेंट का हिस्सा है."

india bangladesh diesel
ANI का पोस्ट. (X @ANI)

BPC चेयरमैन ने आगे कहा,

"एग्रीमेंट के अनुसार, छह महीने के अंदर भारत से बांग्लादेश में कम से कम 90,000 टन डीजल भेजा जाना चाहिए. आज जो कंसाइनमेंट आ रहा है, वह 5,000 टन है, और हमें उम्मीद है कि अगले दो महीनों में हम पूरे छह महीने का कुल डीजल ले आएंगे."

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भारतीय विदेश मंत्रालय के डॉक्यूमेंट के मुताबिक, असम स्थित भारत की सरकारी नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) और बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के बीच 2017 में एक 'सेल-पर्चेज एग्रीमेंट' (SPA) हुआ. इसमें NRL के सिलीगुड़ी मार्केट टर्मिनल से 131 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन (IBFP) के जरिए बांग्लादेश के पार्वतीपुर डिपो तक डीजल भेजे जाने पर सहमित बनी थी.

बता दें कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष के चलते हुई तेल की किल्लत को देखते हुए बांग्लादेश ने स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं. ईंधन की कमी को देखते हुए सरकार ने 4 बड़ी फ़र्टिलाइज़र फैक्ट्री को भी बंद कर दिया है.  

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