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'हिंदू धर्म भी रजिस्टर्ड नहीं है', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ऐसा क्यों कहा?

मोहन भागवन ने संघ के पुराने बयान को फिर दोहराया. उन्होंने कहा कि भारत में कोई “अहिंदू” नहीं है, क्योंकि यहां रहने वाले सभी लोग,चाहे मुसलमान हों या ईसाई, एक ही पूर्वजों के वंशज हैं.

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Mohan Bhagwat
RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत. (India Today)
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सौरभ
9 नवंबर 2025 (अपडेटेड: 9 नवंबर 2025, 03:43 PM IST)
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मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीकरण पर उठ रहे सवालों पर जवाब दिया है. 9 नवंबर को भागवत ने कहा कि कई चीज़ें पंजीकृत नहीं हैं, यहां तक कि हिंदू धर्म भी रजिस्टर्ड नहीं है. RSS प्रमुख ने कहा

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भागवत बेंगलुरु में “संघ की 100 वर्ष की यात्रा: नए क्षितिज” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में सवाल जवाब के दौरान उन्होंने ये बयान दिया. भागवत ने कहा संघ की स्थापना 1925 में हुई थी, तो क्या ब्रिटिश सरकार के पास पंजीकरण कराया जाता. उन्होंने कहा

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RSS प्रमुख का ये बयान कांग्रेस पर पलटवार है. कांग्रेस ने हाल ही में कहा था कि RSS रजिस्टर्ड संगठन नहीं है. उनकी यह टिप्पणी उस वक्त आई जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. उनके बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने भी सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर RSS की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि RSS का पंजीकरण नंबर क्या है और इसके फंडिंग कहां से आती है.

यह भी पढ़ें: 'RSS रजिस्टर्ड नहीं, टैक्स भी नहीं देता, चंदा-वेतन कहां से आते हैं', संघ पर प्रियांक खरगे का फिर हमला

प्रियंक खरगे के टैक्स चोरी वाले बयान पर भागवत ने कहा कि आयकर विभाग और अदालत ने RSS को “व्यक्तियों का समूह” (Body of Individuals) के रूप में मान्यता दी है.
उन्होंने कहा कि संगठन को आयकर से छूट दी गई है.

भागवत ने भगवा ध्वज को लेकर उठ रहे सवालों पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि हालांकि संगठन के भीतर भगवा को गुरु माना जाता है, लेकिन वह भारतीय तिरंगे का भी बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा, 

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इसके साथ ही मोहन भागवन ने संघ के पुराने बयान को भी दोहराया. उन्होंने कहा कि भारत में कोई “अहिंदू” नहीं है, क्योंकि यहां रहने वाले सभी लोग,चाहे मुसलमान हों या ईसाई, एक ही पूर्वजों के वंशज हैं, और देश की मूल संस्कृति हिंदू संस्कृति है.

वीडियो: RSS के 100 साल: 'भारत का समय आ गया है,' हिंदू राष्ट्र पर क्या बोले मोहन भागवत?

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