आपके पास EV है और आप उसे धुलवाने जा रहे हैं तो जरा रुक जाइए. EV धुलवाने का क्रेश कोर्स कर लीजिए. अगर नहीं किया तो आपको ऑटो में और गाड़ी को गैराज में जाना पड़ेगा. दरअसल EV धुलवाने का प्रोसेस पेट्रोल और डीजल गाड़ी से काफी अलग है. जिस पानी और शैम्पू से पेट्रोल गाड़ी चमचमा जाती है, उसी पानी से EV को झटका लग सकता है. EV में 5 ऐसी (5 Vulnerable Areas to Avoid when Washing your Electric Car) जगह हैं जहां अगर पानी के छीटे भी पड़े तो बड़ा नुकसान हो सकता है.
EV को धोने का तरीका भी अलग है, इन पांच जगहों पर पानी मारा तो तगड़ा नुकसान तय
EV धुलवाने का प्रोसेस पेट्रोल और डीजल गाड़ी से काफी अलग है. जिस पानी और शैम्पू से पेट्रोल गाड़ी चमचमा जाती है, उसी पानी से EV को झटका लग सकता है. EV की वाशिंग नॉर्मल गाड़ियों से अलग है. 5 पॉइंट ऐसे हैं जिनका विशेष ख्याल रखना जरूरी है.
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EV का चार्जिंग पोर्ट भी पेट्रोल गाड़ी के जैसे कवर होता है मगर पानी की बूंदे और हवा जाने की जगह तो होती है. ऐसे में अगर पाइप या जेट के फोर्स से पानी इसके अंदर घुसा तो बस समझ लीजिए जोर का झटका जोर से लगेगा. इसलिए चार्जिंग पोर्ट वाले हिस्से में आहिस्ता से सफाई कीजिए.
गाड़ी के नीचे देखना ही नहींजब भी आप गाड़ी धुलवाने जाते हैं तो गाड़ी को मशीन पर लटकाकर नीचे से भी साफ किया जाता है. पेट्रोल गाड़ी में इससे कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन EV का मामला अलग है. EV की असल ताकत माने बैटरी यहीं लगी होती है. पूरा इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी इधर ही फिट होता है. वैसे तो इस जगह को एकदम फुल प्रूफ तरीके से कवर किया जाता मगर बात जब जेट स्प्रे की है तो सावधानी जरूरी है. थोड़ा सा पानी भी स्पार्क पैदा कर सकता है. बेहतर होगा कि गाड़ी का नीचे का हिस्सा कम प्रेशर वाले पानी या साफ कपड़े से ही साफ किया जाए.
गाड़ी धुलवाते समय आपने नोटिस किया होगा कि कैसे गेट के कोने पर झरर से पानी मार दिया जाता है. प्रेशर मशीन से जब ऐसा किया जाता है तो पानी की फुहारें उड़ती हैं. लेकिन यही फुहारें EV के लिए अच्छी बात नहीं है. EV मतलब तमाम इलेक्ट्रिकल कंपोनेन्ट. फुहारें मारकर भईया तो बाकी गाड़ी धोने चले जाएंगे लेकिन पानी की बूंदे वही रह जाएंगी. ऐसा नहीं करना है. इसके साथ में गाड़ी के अंदर पड़ी डोर मैट को भी पहले ही बाहर निकलवाकर धुलवा लीजिए और अच्छे से सुखाकर ही बिछाइए. गीली मैट खतरा बनेगी.
हवा ओ हवा पानी बचा लेEV में बैटरी के तापमान को कंट्रोल करने के लिए कई तरह के कुलिंग सिस्टम और ventilation पॉइंट बनाए जाते हैं. ऐसे में गाड़ी के सामने वाले एरिया में जोर से पानी मारना ठीक नहीं. इसी तरह टायरों के ऊपर के एरिया में पानी से धोना ठीक है मगर अंदर एकदम पाइप घुसेड़कर सफाई करने से बचना चाहिए.
इंजन का मंजन नहीं घिसना हैपता है-पता है, EV में इंजन नहीं बल्कि मोटर होती है जो आगे की तरफ लगी होती है. इसे बढ़िया से ढांककर भी रखा जाता है लेकिन इसका ये मतलब कतई नहीं कि यहां जेट स्प्रे को अपना काम करने दिए जाए. यहां पानी मारना तो दूर दिखाना भी नहीं है. गाड़ी धुल जाने के बाद बोनट ओपन कीजिए और बस कपड़ा मार दीजिए. अगर आपकी गाड़ी में Car Wash मोड है जैसा Tesla की गाड़ियों में होता है तो उसे जरूर ऑन कर दीजिए.
कुल जमा बात ये है कि EV की वाशिंग नॉर्मल गाड़ियों से अलग है. इसलिए अच्छा होगा कि किसी एक्सपर्ट एजेंसी या कार कंपनी के सर्विस स्टेशन में ही क्लीनिंग करवाइए.
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