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मध्यप्रदेश में सरकारी बस से करें लग्जरी सफर, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू, गडकरी-सीएम मोहन ने 351 बसों को दिखाई हरी झंडी

मध्यप्रदेश में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा-पीएम ई-बस सेवा' की शुरुआत हुई. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर बस सेवा की शुरुआत.

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बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम मोहन यादव.

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  • मध्यप्रदेश में 25 सितंबर को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' की शुरुआत की, जिसमें 7 शहरों की 351 बसें शामिल हैं।
  • प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग और 21 वर्षों के बाद सार्वजनिक परिवहन सेवा को पुनः शुरू करने की आवश्यकता को देखते हुए यह परियोजना लागू की गई है।
  • इस सेवा से मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों सहित 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा मिलने का लक्ष्य है, जिससे परिवहन सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल होगा तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

मध्यप्रदेश के लिए 25 सितंबर का दिन ऐतिहासिक रहा. भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' की शुरुआत की. इससे प्रदेश में सफर आसान-सुरक्षित और सुविधाओं से भरा होगा. मोबिलिटी विजन-2030 (Mobility Vision-2030) के तहत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम डॉ. मोहन यादव ने 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर शुरू हुई 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का मकसद शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी को मजबूत करना, नागरिकों को सुरक्षित-सुविधाजनक-आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराना है.

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सेवा के विस्तार के साथ मध्यप्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. कार्यक्रम में एमपी यात्री परिवहन कंपनी (MPYPIL) ने IIM इंदौर और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), भोपाल के साथ MoU साइन किया. कार्यक्रम में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' पर शॉर्ट फिल्म दिखाई गई और बुकलेट लॉन्च हुई. कार्यक्रम के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने अन्य जन-प्रतिनिधियों के साथ टिकट लेकर बस में यात्रा की.

'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के प्रथम चरण में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है. इन शहरों के लिए रवाना की गई 351 बसों में 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं. शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें चलाई जा रही हैं. इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी बसे हैं.

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भोपाल में 106 बसें चलाई जा रही हैं. इनमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें हैं. जबलपुर में 67 बसें चलाईं जा रही हैं, जिनमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी बसें है. रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड जिले में 2 इंटरसिटी बसों को हरी झंडी दिखाई गई.

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लालघाटी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उन्हें नमन किया. इस अवसर पर उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया.

'ये केवल न्यूज रील, असली फिल्म बाकी है'

कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि मध्यप्रदेश से ई-बस की ऐतिहासिक शुरुआत हो रही है. यह तो सिर्फ न्यूज रील है असली फिल्म शुरू होना अभी बाकी है. मैं बीओटी मॉडल का जन्मदाता हूं, मेरे पास पैसे की कमी नहीं है. समस्या पैसा नहीं, पैसा खर्च न होना है. मैं ऐसा मॉडल बना दूंगा कि एमपी 25,000 बसें बिना पैसे के खरीद लेगा, जनता भी घूमेगी और सरकार को टैक्स भी मिलेगा. मध्यप्रदेश के कोने-कोने में ऐसी ई बस में गरीब, आदिवासी, मजदूर, किसान घूमेगा . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार का धन्यवाद देता हूं कि इलेक्ट्रिक बसों के नवाचार के साथ शुरू की गई बस सेवा से राज्य के ग्रामीण और गरीबों को सुरक्षित, किफायती एवं जवाबदेही परिवहन की सुविधा मिलेगी. अभी देशभर में 4 करोड़ फोर व्हीलर और 20 करोड़ टू-व्हीलर में यह फ्लूड डाला जा रहा है. एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इथेनॉल के इस्तेमाल से गाड़ी को नुकसान नहीं होता, बल्कि गाड़ी का एवरेज भी बढ़ा है. देश का किसान अब अन्नदाता से ऊर्जादाता भी बना है.

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केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि देश में 22 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोल-डीजल और गैस आयात होता है. इलेक्ट्रिक बसें चलने से ये पैसा बचेगा और किसानों को मिलेगा. अब देश में 22 लाख करोड़ का पेट्रोल-डीजल आयात नहीं करना पड़ेगा. देश के किसान मक्के से इथेनॉल तैयार करेंगे और प्रदूषण का स्तर घटेगा. अब मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिस बस और इलेक्ट्रिक ट्रक तैयार हो रही हैं. हम चाहते हैं कि इन बसों का किराया डीजल बसों की तुलना में 30 प्रतिशत कम हो. 'पीएम ई-बस सेवा' स्कीम में 10 हजार बसें चलाई जानी हैं, जिसकी लागत 57 हजार करोड़ रुपये है. केंद्र सरकार 20 हजार करोड़ रुपये का सहयोग प्रदान कर रही है. मध्यप्रदेश को 972 पीएम-ई बसें मिली हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में 25 हजार इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अभी 8 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर हैं. अभी 21 और शुरू करने की जरूरत है. इससे लोगों को रोजगार मिलेगा. प्रदेश में 6 और ऑपरेशनल टेस्टिंग सेंटर खोलने के लिए हमने स्वीकृति दी है. प्रदेश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी है. प्रदेश में 29 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्वीकृत हैं. अब 61 सेंटर और दिए जा रहे हैं. पिछड़े जिलों में ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर और स्क्रैपिंग सेंटर खोलने की जरूरत है.

जनजातीय क्षेत्रों का फायदा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव 17 सितंबर से 17 अक्तूबर के अवसर पर सेवा संकल्प माह मनाया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 21 साल बाद मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन बस सेवा फिर शुरू हो रही है. जनता की सेवा के संकल्प की पूर्ति का नया अध्याय लिखा गया है. 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' के जरिए प्रदेश के हर नगर और हर जिले तक सार्वजनिक परिवन सुविधा चरणबद्ध रूप से पहुंचेगी. यह बस सेवा नगरीय निकाय, शहरों के बीच और दूसरे राज्यों तक आने-जाने के लिए सुगम साधन सिद्ध होगी. हमारी सड़क परिवहन सेवाओं का लाभ प्रदेश के दूर-दराज स्थित जनजातीय क्षेत्रों को भी मिलेगा.

उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंदों के लिए प्रदेश सरकार ने सेवा का संकल्प लिया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के माध्यम से प्रदेश में सड़कों और हाईवे का जाल बिछ रहा है. उन्होंने प्रदेश में जारी केंद्रीय सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने एक ट्रोल को फ्री कर दिया है.

जनता का हित सर्वोपरि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने 21 साल पहले सरकारी बसों के चक्के जाम करने के लिए योजनाबद्ध षड्यंत्र रचा था. एक समय ऐसा था जब प्रदेश की जनता सड़क, बिजली और पानी के लिए तरस गई थी. चारों तरफ हाहाकार हो रहा था. लोकतंत्र में जनता सब जानती है. भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में दुनिया ने लोकतंत्र की गरिमा देखी थी. आज के दौर में इलेक्ट्रिक बसें ईंधन की बचत का बेहतर माध्यम हैं. हमारी सरकार केवल फाइलों से नहीं, जनता हितैषी कार्यों से चलती है. जब शहर में बस कॉरिडोर परेशानी बनने लगा तो इसे हटा दिया. उन्होंने कहा कि अब यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड, बस स्टॉप और चार्जिंग स्टेशनों के साथ सुव्यवस्थित नियंत्रण प्रणाली भी लागू की गई है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने भोपाल से यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन करते हुए निष्पादन किया है.

गरीबों की सरकार है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हुए बालाघाट जिले को नई सौगात मिलने जा रही है. हमारी सरकार ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और शांति के लिए चुनौती बने सभी संकटों को खत्म किया है. प्रदेश की साढ़े 8 करोड़ जनता की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी मंत्री संकल्प के साथ काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' के जरिए सार्वजनिक परिवहन के एक आधुनिक और यूनिक मॉडल की शुरुआत हो रही है. बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर, जीपीएस मॉनिटरिंग, ऑनलाइन टिकटिंग, शिकायतों के समाधान सहित कई प्रकार से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है. बस ड्राइवरों की ट्रेनिंग और सुरक्षा के प्रबंधन भी किए गए हैं. प्रदेश की जनता की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी 55 जिलों में 3000 से ज्यादा रूट्स का सर्वे कराया गया. 2029 तक सभी रूटों पर भगवा रंग की बसें दौड़ती नजर आएंगी, जो प्रमुख शहरों के साथ देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और महानगरों तक आवागमन को सुगम बनाएंगी.

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बिजली, पानी, सड़क और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है. अब सुगम यातायात की सुविधा को भी विस्तार मिल रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है. सभी क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर दिए गए हैं. पिछले एक साल में 85 हजार से ज्यादा शासकीय पदों पर भर्ती की गई है. हाल ही में राजस्व विभाग के निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए. पुलिस विभाग में 18 हजार पद, शिक्षक भर्ती और असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है. प्रदेश सरकार इस साल में एक लाख शासकीय पदों पर भर्ती करेगी. दूसरी ओर, किसान कल्याण वर्ष में प्रदेशवासियों को दो नदी जोड़ो अभियान केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना की सौगात मिली है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीब-जरूरतमंदों को एयर एंबुलेंस की सुविधा मिल रही है. गरीब से गरीब की जान बचाना हमारी सरकार का संकल्प है.

मील का पत्थर साबित होगी यह बस सेवा

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'पीएम ई-बस सेवा' के जरिए प्रदेश के नागरिकों का सपना पूरा हो रहा है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के कर कमलों से 351 इंटरसिटी एवं इंट्रासिटी बसों की सौगात मिली है. प्रदेश में 21 साल बाद फिर से राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है. लंबे समय से इसकी मांग की जा रही है. यह परिवहन सेवा प्रदेश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह ऐतिहासिक दिन है. सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' अहम है. उन्होंने कहा कि हमने बस मालिकों के हितों को ध्यान में रखकर इस सेवा की शुरुआत की है.

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में परिवहन सुविधा के क्षेत्र में स्वर्णिम दिन है. यह सर्वसुविधायुक्त बसें यात्रियों के लिए बड़ी सौगात है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कनेक्टिविटी, मोबिलिटी, पर्यावरण संरक्षण के साथ सुगम यात्रायात सुविधा देने वाला देश का अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है. लोक निर्माण विभाग सभी विभागों के साथ समन्वय करते हुए काम कर रहा है. विभाग ने सड़कों के गड्ढे सुधारने के लिए लोकपथ ऐप बनाया है, जो नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर भी बन चुका है. लोकपथ ऐप पर मुख्यमंत्री सुगम परिवह सेवा की बसों की समय सारणी भी उपलब्ध होगी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश में जारी हाइवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्यों की समीक्षा की है. उन्होंने शहपुरा टोल नाके को अस्थाई रूप से बंद करने को मंजूरी दी है.

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और सीनियर विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर सेवा कार्य के रूप में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' की शुरुआत हो रही है. इसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बस कनेक्टिविटी को मजबूत करना तथा नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया है और अब यह परिवहन सेवा प्रदेश की ग्राम पंचायतों को भी शहर से जोड़ेगी. प्रदेश के किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं सहित सभी लोगों को बस सेवा का लाभ मिलेगा.

2031 तक 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य

'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' अंतर्गत प्रदेश में सार्वजनिक बस नेटवर्क का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा. 2031 तक 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है. जबकि, पहले साल यह लक्ष्य 1,500 बसों के संचालन का है. इसके बाद हर साल लगभग 2,500 से 3,000 बसें बढ़ाई जाएंगी.

ITMS से होगी बसों की रियल टाइम निगरानी

बसों के संचालन, लोकेशन और समय की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए होगी. मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसकी 7 सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों से बसों के संचालन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी.

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा रहेगी पहली प्राथमिकता

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. यात्रियों को बसों के संचालन और यात्रा से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पैसेंजर इन्फॉरमेशन सिस्टम भी विकसित किया गया है. बस चालकों को आधुनिक एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा.

PPP मॉडल से बढ़ेगी निजी भागीदारी

'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है. पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से बस संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ मॉडर्न डिपो और टर्मिनल सुविधाओं के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मॉडर्न बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है. इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के विस्तार के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा. 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के विस्तार से प्रदेश में शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन की सुविधा मजबूत होने के साथ शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच को सुगम बनाने की दिशा में परिवहन नेटवर्क के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा.

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ट्रांसपोर्ट सेक्टर में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' शुरू होने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी. इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

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