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मझले भाई की मौत हुई, 'भईया बुला रहे हैं' बोलकर बाकी भाइयों ने भी जान दे दी

मृतकों की पहचान विकास निषाद, गोविंद और अमन के रूप में हुई है. विकास सबसे बड़ा था. गोविंद मझला भाई था और अमन सबसे छोटा था. परिवार का दावा है कि ‘सपनों’ के कारण उनके बेटों ने खुद की जान ले ली.

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तीनों भाइयों की मौत 6 महीने के अंदर हुई है. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • कानपुर के वाजिदपुर गांव में तीन भाइयों विकास, गोविंद और अमन ने छह महीने के अंदर कथित आत्महत्या की, जिसमें सबसे पहले मझले बेटे गोविंद ने खुदकुशी की थी।
  • तीनों भाइयों की आत्महत्या के पीछे उनके सपनों में मृत भाई द्वारा बुलाए जाने का दावा रहा, जिसके कारण परिवार ने कई ओझा, तांत्रिक और डॉक्टरों से मदद लेने की कोशिश की।
  • तीनों भाइयों की मौत के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम किया है, लेकिन परिजन ने अभी तहरीर नहीं दी है, और आगे की जांच तहरीर मिलने के बाद ही की जाएगी।

कानपुर के वाजिदपुर गांव में तीन भाइयों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. 6 महीने के अंदर ही एक परिवार ने तीन बेटों को खो दिया. बताया गया कि पहले मझले बेटे ने जान दी थी. उसके जाने के बाद दोनों भाइयों ने कथित तौर पर दावा किया कि 'मृत भाई' उन्हें बुला रहा है. परिवार में अब माता-पिता के अलावा सिर्फ दो बहनें हैं.

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मृतकों की पहचान विकास निषाद, गोविंद और अमन के रूप में हुई है. विकास सबसे बड़ा था. गोविंद मझला भाई था और अमन सबसे छोटा था. परिवार का दावा है कि ‘सपनों’ के कारण उनके बेटों ने खुद की जान ले ली.

'सपने में आता है भाई, वो बुला रहा है'

इंडिया टुडे से जुड़े रंजय सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, 8 महीने पहले मझले बेटे गोविंद ने दावा किया था कि उसे कुछ सपने आते हैं. डर लगता है. जिसके बाद घर वाले उसे 'झाड़ा' लगवाने ले गए. लेकिन होली के आसपास उसने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली.  

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पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर उसे परिवार को सौंप दिया. घरवाले एक बेटे की मौत के सदमे से निकल पाते उससे पहले सबसे छोटे बेटे अमन को सपने आने लगे. उसने परिजनों को बताया,

“मेरे सपने में गोविंद आता है. वह बुलाता है कि तुम आ जाओ. हम लोग साथ में रहेंगे.”

अंधविश्वास के प्रभाव के चलते घरवाले उसे भी ओझा, तांत्रिकों के पास ले गए. कोई फायदा नहीं हुआ तो डॉक्टर्स के पास भी लेकर गए. मगर वो कहता रहा कि उसे भईया बुला रहे हैं. उसके कुछ दिन बाद उसने खुद की जान दे दी. अमन की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया.

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6 महीने के अंदर परिवार के तीन बेटों की मौत हो गई. (Courtesy-इंडिया टुडे)

कुछ समय बाद सबसे बड़े बेटे विकास ने भी अपनी मां से कहा कि दोनों भाई सपने में आते हैं. उसे अपने पास बुला रहे हैं. कहते हैं, “तुम आ जाओ. हम तीनों भाई एक साथ रहेंगे.”

दावा है कि विकास ने कहा था कि वो लोग उसे बचा नहीं पाएंगे. उसके भाई बुला रहे हैं. वो चला जाएगा. कुछ ही दिन बाद विकास ने भी खुद की जान दे दी. विकास की 4 साल पहले सरोज नाम की महिला से शादी हुई थी. उनका तीन साल का बच्चा भी है.  

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परिवार में अब पिता रामशंकर, मां छिदाना, दो बेटियां दामिनी और गुड़िया हैं. रामशंकर पैरालिसिस से पीड़ित हैं. उनका कहना है कि ये 'भूत प्रेत' का चक्कर है. झाड़-फूक भी कराया लेकिन कुछ नहीं हुआ. हालांकि मामले की जांच की जरूरत है.

लेकिन जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है. न ही किसी पर आरोप लगाया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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