कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम 'मार्क्स के बदले सेक्स' (Sex for Marks) जैसे गंभीर आरोपों में घिरे हैं. JNU से बर्खास्तगी पर उनका गुस्सा भी फूटा है. अकोइजम ने JNU पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके साथ ‘गलत’ हुआ और यूनिवर्सिटी ने ‘खाप पंचायत की तरह फरमान’ सुनाकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. अकोइजम ने छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने दावा किया कि बर्खास्तगी के वक्त JNU ने अपने ही नियम-कायदों को ताक पर रख दिया.
'...तो JNU की कलई खुल जाएगी', यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर-सांसद ने बड़े आरोप लगाए
कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने अपने खिलाफ लगे छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप को अपना उत्पीड़न बताया. उन्होंने कहा कि JNU ने जिस तरह से उन्हें प्रोफेसर के पद से निकाला, उसे कोर्ट में चुनौती दी जाए, तो JNU की कलई खुल जाएगी.

मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के तहत सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में प्रोफेसर थे. 9 अक्टूबर को JNU प्रशासन ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया. यूनिवर्सिटी की इंटर्नल कंप्लेंट्स कमिटी ने उनके खिलाफ आरोपों को सही पाया, जिसके बाद ये कदम उठाया गया.
अकोइजम ने क्या कहा?13 अक्टूबर को JNU में अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा. उन्होंने अपने खिलाफ BJP के लगाए 'मार्क्स के बदले सेक्स' पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें कमिटी के नतीजों पर जवाब देने तक का मौका नहीं दिया गया.
कांग्रेस सांसद और JNU के पूर्व प्रोफेसर अकोइजम ने सवाल खड़े करते हुए कहा,
"मार्क्स के बदले सेक्स की मांग? क्या उनके लीक हुए आरोपों में भी ये आरोप है? ये उसमें नहीं है. शिकायत में भी इसका जिक्र नहीं है. वे 11 लोगों की बात कर रहे हैं. कुल 97 स्टूडेंट्स में से 15 लोग हैं, जिनमें लड़के भी शामिल हैं. क्या POSH एक्ट के तहत लड़के शिकायतकर्ता हो सकते हैं?"
अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने आगे कहा,
"ये उस सिस्टम का पूरी तरह मजाक उड़ाना है जिसे सुरक्षा और जेंडर जस्टिस के लिए बनाया गया था. इतने लंबे समय तक इस देश की सेवा करने के बाद मैं मणिपुर वापस जा रहा हूं. मुझे यहां अपनी जड़ें तलाशनी हैं. अगर आपको लगता है कि इस देश की ऐसी सेवा करने के बाद आप मेरे साथ ऐसा बर्ताव कर सकते हैं, तो आपको इसके नतीजे देखने को मिलेंगे."
'खाप पंचायत' का उदाहरण
कांग्रेस सांसद ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को अपना उत्पीड़न बताया. उन्होंने कहा कि JNU ने जिस तरह से उन्हें प्रोफेसर के पद से निकाला, उसे कोर्ट में चुनौती दी जानी चाहिए. अकोइजम ने कहा,
"ये उत्पीड़न के अलावा और कुछ नहीं है. वे जानते हैं कि अगर JNU के इस 'खाप पंचायत' जैसे तौर-तरीके को अदालत में चुनौती दी जाती है, तो अदालत नियमों और कायदों की पूरी तरह से हुई अनदेखी पर ध्यान देगी."
अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने आगे दावा किया कि अगर ये मामला कोर्ट में गया, तो उनके खिलाफ लगे आरोप अदालत के सामने टिक नहीं पाएंगे. उन्होंने कहा कि कोर्ट से लोगों को असलियत पता चल जाएगी. सबकी पोल खुल जाएगी. उनके तथाकथित उत्पीड़न के आरोपों का सच सबके सामने आ जाएगा.
11 छात्राओं ने लगाए आरोपइंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मई में JNU की 11 छात्राओं ने अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए. इल्जाम लगाया कि अकोइजम ने छात्राओं को मीटिंग या गैदरिंग के बहाने अपने कैंपस स्थित आवास पर बुलाया और उनके साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की. कुछ छात्राओं ने उन पर क्लास में अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया.
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11 अक्टूबर को BJP की महिला विंग ने कांग्रेस हेडक्वार्टर की ओर मार्च किया. उन्होंने अकोइजम और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पुतले जलाए. BJP की महिला कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के 'स्मैश द पैट्रियार्की' कैंपेन (Smash the Patriarchy) पर सवाल उठाए. उन्होंने राहुल गांधी से पीड़ित छात्राओं को इंसाफ दिलाने की जिम्मेदारी लेने को कहा. इसके अलावा, कांग्रेस से अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
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