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CJP प्रोटेस्ट में लड़की को पीटने वालों का फूल-मालाओं से स्वागत, बोले- 'सेल्फ डिफेंस में मारा था'

रविंदर सिंह उर्फ ​​गोविंदा हिंदू पर CJP Protest के दौरान एक प्रदर्शनकारी लड़की को पीटने का आरोप है. लेकिन, रविंदर ने दावा किया कि वो लड़की नहीं बल्कि एक लड़का था. जेल से रिहा होने पर रविंदर का फूल-मालाओं से स्वागत हुआ.

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CJP प्रोटेस्ट में एक लड़की को पीटने के आरोपी का स्वागत. (Courtesy: ITG | @RahulGandhi/ X)

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  • दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई मारपीट के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें रविंदर सिंह उर्फ गोविंदा भी शामिल था, जिसे बाद में जेल से रिहा कर दिया गया।
  • मारपीट की घटना 10 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान हुई, जहां बाद में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे और विरोध प्रदर्शन को हिंसा में बदला गया।
  • रविंदर सिंह की रिहाई के बाद हिंदू रक्षा दल ने उनका स्वागत किया और रविंदर ने अपनी कार्रवाई को आत्मरक्षा बताया, जिससे मामले में नए विवाद और प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई।

दिल्ली में एक लड़के को सड़क पर पटक-पटककर पीटा गया. एक लड़की के साथ भी मारपीट की गई. गमछा पहने कुछ लोग प्रदर्शनकारियों पर हमला करते दिखे. ये सब उस वक्त हुआ, जब दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था.

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घटना का वीडियो वायरल हुआ, तो दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे. विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने बिना किसी औपचारिक शिकायत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

अब इस मामले में एक नया अपडेट आया है.

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मारपीट के आरोप में गिरफ्तार रविंदर सिंह उर्फ गोविंदा हिंदू जेल से बाहर आ गया है. जेल से निकलने के बाद उसका स्वागत फूल-मालाओं से किया गया. स्वागत करने वाला संगठन है ‘हिंदू रक्षा दल’. इतना ही नहीं, इस दौरान CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों को फिर से धमकी देने वाले बयान भी सामने आए.

क्या है पूरा मामला?

जिस शख्स पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने का आरोप है, उसके स्वागत के ये वीडियो कई सवाल खड़े करते हैं. आखिर पूरा मामला क्या है? रविंदर गोविंदा अपनी सफाई में क्या कह रहा है? और उसकी रिहाई के बाद हिंदू रक्षा दल के लोगों ने क्या कहा? एक-एक करके समझते हैं.

पूरा मामला 10 अक्टूबर का है. इसी दिन दिल्ली में CJP ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग यानी डीडीयू मार्ग पर कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करते दिखे.

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वायरल वीडियो में भगवा गमछा पहने लोग एक युवा प्रदर्शनकारी को घेरते, धक्का देते और जमीन पर गिराकर पीटते दिखाई देते हैं. एक लड़की के साथ भी मारपीट के दृश्य सामने आए. वीडियो में घटनास्थल के आसपास पुलिसकर्मी भी नजर आते हैं.

अमित शाह और दिल्ली पुलिस को घेरा

इसी बात को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठे कि जब प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट हो रही थी, तब पुलिस क्या कर रही थी? क्या पुलिस ने उन्हें बचाने की कोशिश की? और अगर पुलिस मौके पर मौजूद थी, तो आरोपियों को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

CJP ने भी इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा.

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राहुल गांधी का पोस्ट. (X)
मामले ने तूल पकड़ा, तब कार्रवाई हुई

घटना के वीडियो वायरल हुए. दिल्ली पुलिस की थू-थू होने लगी, लेकिन पुलिस ने उस दिन कुछ नहीं किया. मामले ने ज्यादा तूल पकड़ा, तो दिल्ली पुलिस ने घटना के अगले दिन मामले का स्वतः संज्ञान लिया. 11 अक्टूबर को पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया. इनके नाम रमन सैनी, विवेकानंद उर्फ विवेक, कपिल कुमार और रविंदर सिंह उर्फ गोविंदा हिंदू बताए गए.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उस वक्त तक मामले में किसी पीड़ित या संगठन की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी. पुलिस ने ये भी कहा कि आरोपियों के दिल्ली-NCR छोड़कर फरार होने की आशंका थी. इसी वजह से उन्हें ट्रेस करके हिरासत में लिया गया और फिर गिरफ्तार किया गया. लेकिन अब गिरफ्तारी के करीब डेढ़ दिन के भीतर ही रविंदर गोविंदा की रिहाई की खबर सामने आई है.

'सेल्फ डिफेंस में पीटा'

जेल से बाहर आने के बाद इंडिया टुडे ने रविंदर से बात की. उसने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया और पूरी घटना को ‘सेल्फ डिफेंस’ यानी ‘आत्मरक्षा’ का मामला बताया. अपनी सफाई में रविंदर ने एक वीडियो भी जारी किया.

रविंदर के मुताबिक, वो अपने साथियों के साथ झंडेवालान मंदिर जा रहा था. तभी कनॉट प्लेस के इलाके में CJP के लोगों ने उनकी कार को घेर लिया. रविंदर का दावा है कि उनकी कार पर भगवा झंडा लगा था और उस पर ‘जय श्री राम’ लिखा था.

उसने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर लात मारी. रविंदर के मुताबिक, अगर वे उस वक्त कार से बाहर निकलते, तो भीड़ उन्हें मार सकती थी.

रविंदर ने आगे दावा किया कि जब उन्हें लगा कि दिल्ली पुलिस मौके पर आ गई है, तब वे कार से बाहर निकले. इसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की. लेकिन रविंदर इसे भी आत्मरक्षा बता रहा है. उसका कहना है कि अगर वो ऐसा नहीं करता, तो प्रदर्शनकारी उसे पीट देते.

यानी रविंदर की दलील है कि उसने जो कुछ किया, वो अपनी और अपने साथियों की सुरक्षा के लिए किया.

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इसके अलावा रविंदर ने उस प्रदर्शनकारी की पहचान को लेकर भी दावा किया, जिसे वीडियो में टी-शर्ट पहने हुए देखा गया था. उसने कहा कि जिसे लड़की बताया जा रहा है, वो लड़का था. रविंदर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने उसे लड़की बताकर गलत दावा किया.

हालांकि, ये रविंदर के अपने दावे हैं. उसके बयान से अपने आप यह साबित नहीं होता कि पूरी घटना आत्मरक्षा में हुई थी. इसके लिए घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों, दूसरे पक्ष के बयान और पुलिस की जांच को देखना जरूरी है.

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