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LTCG टैक्स को लेकर SEBI ने ले लिया फैसला, अब गेंद सरकार के पाले में

लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स पर SEBI ने बड़ी सिफारिश की है. अभी भारत में इन्वेस्टर्स एक साल से ज्यादा समय तक होल्ड किए गए शेयर के लिए 12.5% ​​का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाते हैं. आगे ये बदल सकता है.

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फिलहाल 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है (Courtesy: Business Today)

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  • सेबी ने केंद्र सरकार को विदेशी निवेशकों के लिए लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स हटाने और घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों को टैक्स छूट देने की सिफारिश की है।
  • पिछले दो वर्षों में भारत के शेयर बाजार में गिरावट और विदेशी निवेशकों के लगातार शेयर बेचने से रुपया दबाव में आया, जिसके कारण टैक्स प्रणाली में बदलाव की मांग हुई।
  • यदि LTCG टैक्स हटाया गया तो विदेशी निवेशकों के रिटर्न में 2.3 प्रतिशत अंक की वृद्धि हो सकती है और इससे बाजार में विदेशी निवेश आकर्षित हो सकता है।

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने केंद्र सरकार से विदेशी निवेशकों के लिए लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को हटाने की सिफारिश की है. इस मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी है. सूत्रों ने बताया कि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए टैक्स में राहत का भी प्रस्ताव दिया है. सुझाव दिया गया है कि अगर वे नई होल्डिंग्स में निवेश करने के लिए मौजूदा होल्डिंग्स बेच रहे हैं तो उन्हें LTCG से छूट दी जाए. फरवरी में आने वाले सालाना बजट से कुछ महीने पहले ये सिफारिशें आई हैं.

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लगातार शेयर बेच रहे विदेशी निवेशक

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दो सालों में भारत का शेयर मार्केट अपने जैसे उभरते हुए बाजारों से पीछे हो रहा है. विदेशी इन्वेस्टर्स ने इस साल रिकॉर्ड 31 अरब डॉलर (2 लाख 94 हजार 433 करोड़ रुपये) मूल्य के शेयर बेचे हैं. रिटेल इन्वेस्टर्स का विदेशी इन्वेस्टमेंट बढ़ा है, जबकि रिटर्न स्थिर रहा है. सेबी (SEBI) की सिफारिशें पिछले दो सालों में विदेशी निवेशकों के साथ रेगुलेटर की कई मीटिंग्स के बाद आई हैं, क्योंकि शेयर बाजार में काफी गिरावट आ चुकी है. इससे रुपये पर दबाव पड़ रहा है. 

सूत्रों ने कहा कि इन्वेस्टर्स से लगातार एक फीडबैक यह मिला है कि भारत को उन पर टैक्स लगाने के तरीके में बदलाव करने की ज़रूरत है. दो सूत्रों में से एक ने कहा, “इन प्रस्तावों का मकसद विदेशी निवेशकों पर शुरुआती टैक्स का बोझ कम करना है.”

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विदेशी निवेशकों को लुभाने की कवायद

SEBI ने कहा है कि भारत में इक्विटी में निवेश से जुड़ी ट्रांजेक्शन कॉस्ट दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले सबसे ज़्यादा है. इन्वेस्टर्स अभी एक साल से ज़्यादा समय तक होल्ड किए गए शेयर के लिए 12.5% ​​का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाते हैं. साथ ही एक साल के भीतर शेयर बेचने पर 20% का शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है. इसके अलावा शेयर-खरीदने बेचने पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शंस टैक्स और डिविडेंड पर टैक्स भी देना पड़ता है.

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस हफ्ते की शुरुआत में एक नोट में कहा था कि कैपिटल गेन टैक्स में कोई भी कमी विदेशी निवेशकों के लिए मार्केट का आकर्षण बढ़ा सकती है .ब्रोकरेज फर्म IIFL का अनुमान है कि कैपिटल गेन टैक्स खत्म करने से विदेशी निवेशकों का रिटर्न 2.3 परसेंटेज पॉइंट बढ़ सकता है.

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