उज्जैन के रहने वाले कमलेश तांबोली दिवाली का इंतजार इसलिए करते थे क्योंकि इस समय उन्हें कुछ एक्स्ट्रा काम मिल जाता था. इससे उन्हें घर का खर्च चलाने में मदद मिलती थी. वो अपने घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. लेकिन इस बार की दिवाली में उन्हें जो काम मिला, उसने उनकी जान ही ले ली. शनिवार, 1 नवंबर की देर रात कमलेश समेत 4 लोग होटल में खाने के कचरे के लिए बने चैंबर की सफाई करने गए थे. वहां कथित तौर पर दम घुटने से चारों की मौत हो गई. उन्हें बचाने की कोशिश में तीन और लोग बीमार पड़ गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल भिजवाया गया. उनका इलाज चल रहा है.
उज्जैनः होटल के कचरे वाले चैंबर में सफाई करने उतरे थे, दम घुटने से 4 मजदूरों की मौत
मध्य प्रदेश के उज्जैन में श्री गंगा होटल के वेस्टेज चैंबर की सफाई करने उतरे चार मजदूरों की कथित तौर पर जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना उज्जैन-देवास रोड के श्री गंगा होटल में हुई. शनिवार, 1 नवंबर की रात मजदूर होटल के वेस्टेज चैंबर में सफाई करने उतरे थे लेकिन वो अंदर ही फंस गए. दरअसल, होटल के पिछले हिस्से में बने वेस्टेज चैंबर में किचन का कचरा जमा किया जाता है. इसमें बची हुई मिठाइयां, दूध से बने प्रोडक्ट, पानी, चीनी की चाशनी, घी और तेल जैसी चीजें शामिल हैं. बाद में इस कचरे को नाली के रास्ते बाहर निकाला जाता है. बताया गया कि चैंबर में कचरा जमा होने और रास्ता बंद होने की वजह से उसकी सफाई कराई जा रही थी.
उज्जैन के जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआत में दो लोग सफाई के लिए चैंबर के अंदर गए थे. जब वो बाहर नहीं आए तो उन्हें बचाने के लिए दो और लोग चैंबर के अंदर गए. चैंबर की गैस इतनी घातक थी कि कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. मजदूरों को बाहर निकालने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें सीपीआर (CPR) देकर होश में लाने की कोशिश की. इसके बाद सभी को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका. डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया.
रेस्क्यू करने गए दो लोगों की तबीयत खराब है और उनका इलाज किया जा रहा है.
'चैंबर में गिर गए होंगे'उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने आशंका जताई कि चैंबर के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने से मजदूर बेहोश होकर गिर गए होंगे. मामले की जांच कराई जा रही है. होटल मैनेजमेंट पर बिना इक्विपमेंट के कर्मचारियों को वेस्टेज टैंक में उतारने के मामले की जांच हो रही है. अगर कोई लापरवाही की गई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. चारों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं.
मृतकों के परिवार ने क्या कहा?इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले कमलेश के भाई विजेंद्र ने बताया कि दिवाली के वक्त एक्स्ट्रा काम मिलने उसे एक्स्ट्रा पैसे मिल जाते थे. इससे घर का खर्च चलाने में मदद मिलती थी. कमलेश की शादी को पांच साल हो गए थे. वो अपने पीछे पत्नी और चार साल की बेटी को छोड़ गए हैं.
हादसे में वाहिद खान नाम के व्यक्ति की मौत हुई है. वो एक अस्पताल में सफाई कर्मचारी का काम करते थे. उन्हें हर महीने करीब 12 हजार रुपये वेतन मिलता था. घर चलाने के लिए वो अस्पताल की ड्यूटी के बाद होटल में भी ओवरटाइम काम करते थे. राजस्थान के रहने वाले मनोज मीणा भी मृतकों में शामिल हैं. वो होटल में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे. 29 अक्टूबर को वह झालावाड़ जिले में अपने परिवार से मिलने गए थे. इसके अगले ही दिन यानी 30 अक्टूबर को वह उज्जैन लौट आए थे. इसके एक दिन बाद ही उनकी जान चली गई. उनके पिता ने कहा कि उनका बेटा तीन साल से होटल में काम कर रहा था. वो उनके बेटों में सबसे बड़ा था. उन्हें भनक भी नहीं थी कि इस बार उसका घर से जाना उसकी अंतिम यात्रा बन जाएगी.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है. उनकी सरकार ने जान गंवाने वाले चारों लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है.
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