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शेयर बाजार में बंपर तेजी, पूरे नवंबर बनी रहेगी ये बढ़त?

शेयर बाजार में आज आई जोरदार तेजी के चलते BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों के टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन में खुलने के एक घंटे से भी कम समय में 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ हुआ. शेयर बाजार में आज आई तेजी की 5 बड़ी वजहें भी जान लीजिए.

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कच्चे तेल की कीमतों में 3% से अधिक की गिरावट आई है (Courtesy: Business Today)

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  • भारतीय शेयर बाजार में सोमवार 2 नवंबर को सेंसेक्स 1,010 अंक बढ़कर 75,470 के पार पहुंच गया और निफ्टी भी 23,340 से ऊपर कारोबार कर रहा था, जिसमें प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई।
  • शेयर बाजार में तेजी का कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, रिलायंस इंडस्ट्रीज के दूसरी तिमाही के मुनाफे में 41% की वृद्धि और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार 10 कारोबारी सत्रों में बड़े पैमाने पर शेयर खरीदना बताया गया।
  • तीव्र बढ़ोतरी से बीएसई की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 480 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि निवेशकों को LTCG टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद से बाजार में आगे भी स्थिरता और मजबूती बनाए रखने की संभावना जताई जा रही है।

सोमवार 2 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली. आज सेंसेक्स और निफ्टी में 1% से ज्यादा का उछाल आ गया. सोमवार सुबह सेंसेक्स 1,010 अंक चढ़कर 75,470 अंक के पार निकल गया. इसी तरह निफ्टी 290 अंक से ज्यादा के उछाल के साथ 23,340 से ऊपर कारोबार कर रहा था.

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 5% से ज्यादा बढ़कर सेंसेक्स में सबसे ज़्यादा बढ़त पर रहे. टाटा स्टील के शेयर 4% उछले. सेक्टर्स में, निफ्टी ऑयल एंड गैस लगभग 3% उछलकर बढ़त पर रहा. निफ्टी मेटल, निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1% से ज्यादा की बढ़त हुई. हालांकि, निफ्टी फार्मा, निफ्टी प्राइवेट बैंक और कुछ दूसरे इंडेक्स लाल निशान में आ गए.

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक शेयर बाजार में आज आई जोरदार तेजी के चलते BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों के टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन में खुलने के एक घंटे से भी कम समय में 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ हुआ. इस दौरान बीएसई का कुल मार्केट कैप 480 लाख करोड़ रुपये हो गया.

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शेयर बाजार में आई तेजी की 5 बड़ी वजह ये हैं

पहला- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट सोमवार को तेल की कीमतों में 3% से अधिक की गिरावट आई. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 110 रुपये प्रति बैरल तक गिर गया.

दूसरा- भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दूसरी तिमाही में शानदार मुनाफा कमाया है. कंपनी के शेयरों में 5% से ज्यादा की तेजी आई है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-2027 की जुलाई-सितंबर तिमाही में कंसोलिटेड नेट प्रॉफिट में 41% साल-दर-साल (YoY) का इजाफा किया है. इसके अलावा जियो प्लेटफॉर्म का मुनाफा भी 14% बढ़ा है.

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तीसरा- विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 10 कारोबारी सत्रों में करीब 1.2 अरब डॉलर (11,380 करोड़ रुपये) कीमत के शेयर खरीदे हैं.

चौथा- खबरें हैं कि सरकार आने वाले दिनों में एलटीसीजी (लांग टर्म कैपिटल गेन) टैक्स में राहत दे सकती है. यह टैक्स साल 2018 में 10% की दर से फिर से लागू किया गया और 2024 में इसे और बढ़ाकर 12.5% ​​कर दिया गया था.

पांचवां- अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 0.07% चढ़ गया है. साथ ही बॉन्ड यील्ड में और कमी आई है.

क्या आगे भी शेयर बाजार में तेजी रहेगी?

जानकारों का कहना है कि अक्टूबर में भारतीय शेयरों में दो महीने से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया. अक्टूबर में सेंसेक्स करीब 3% और निफ्टी करीब 2% चढ़ा है. कंपनियों की अच्छी कमाई और LTCG टैक्स में राहत की उम्मीदों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भारतीय शेयर बाजार में तेजी लौटी है. 

वीके वेल्थवाइज के रिसर्च एनालिस्ट सीए वत्सल खेमका ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि रिलायंस के अच्छे नतीजे, IT कंपनियों के सकारात्मक वित्तीय नतीजे, नॉस्डैक (Nasdaq) में AI वैल्यूएशन को लेकर करेक्शन, बाजार के सेंटीमेंट को मजबूती दे सकती है. साथ ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील के अंतिम चरण में पहुंचने जैसी बातें और आने वाले समय में LTCG टैक्स में राहत की संभावना भी भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है. उनका कहना है कि हाल-फिलहाल भले ही बाजार में थोड़ी गिरावट दिखे . लेकिन अगले 2-3 महीनों में भारतीय बाजारों में एक मजबूत बेस बनता हुआ दिखाई दे सकता है.

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