उत्तराखंड के हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने देवबंद के दारुल उलूम मदरसे में गंगाजल चढ़ाने का ऐलान किया है. हिंदू संगठन का दावा है कि परिसर में मदरसे के नीचे शिवलिंग है. वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी चेतावनी दी है कि ‘महौल खराब’ करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने शनिवार, 8 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में वह अपने समर्थकों के साथ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में देवबंद के ‘दारुल उलूम मदरसे’ में गंगाजल चढ़ाने का ऐलान करते हुए नजर आते हैं.
'दारूल उलूम के नीचे शिवलिंग है', गंगाजल चढ़ाने जा रहे हिंदू रक्षा दल को पुलिस ने क्या कहा?
Hindu Raksha Dal ने Deoband में स्थित Darul Uloom Madrasa में गंगाजल चढ़ाने का दावा किया है. संगठन का दावा है कि परिसर के नीचे शिव मंदिर है.

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, ललित शर्मा ने अपने ऐलान में कहा कि संगठन के सदस्य, राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी के नेतृत्व में हरिद्वार से देवबंद तक गंगाजल लेकर जाएंगे. प्रदेश अध्यक्ष ने वीडियो में यह भी दावा कि इससे पहले उन्होंने सहारनपुर प्रशासन से उन आरोपों की जांच करने की मांग की थी, जिसमें ‘मदरसा परिसर में शिव मंदिर होने का दावा किया गया था.’ ललित शर्मा का यह भी आरोप है कि प्रशासन ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और कोई कार्रवाई भी नहीं की गई.
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इसके बाद ही संगठन की ओर से मदरसे में जाकर गंगाजल चढ़ाने का फैसला किया गया. ललित शर्मा के समर्थन में हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी भी उतर आए हैं. भूपेंद्र ने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर कर ललित शर्मा के ऐलान को अपना समर्थन दिया.
शर्मा के इस ऐलान के बाद पुलिस ने भी चेतावनी दे दी है. पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. देवबंद के सर्किल ऑफिसर (CO) अमित कुमार सिंह ने कहा कि अगर किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
छात्रों के लिए एडवाइजरी जारीन्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दारुल उलूम देवबंद ने बुधवार, 5 अगस्त को अपने छात्रों के लिए एडवाइजरी की है. एडवाइजरी में छात्रों को हिदायत दी गई है कि वो कांवड़ यात्रा के दौरान उनके रास्तों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें.
छात्रों हॉस्टल इंचार्ज मौलाना अशरफ अब्बास ने कहा कि यह एडवाइजरी छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए जारी की गई. एडवाइजरी में छात्रों को बेवजह की यात्रा करने के लिए भी मना किया गया है. साथ ही कहा गया कि जरूरी यात्रा करते समय वो सिर्फ रिजर्व्ड रेलवे कोच का ही इस्तेमाल करें. इसके अलावा अपने पास दारुल उलूम की ओर से जारी किया गया आइडेंटिटी कार्ड भी रखें.
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एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि सूर्यास्त के बाद किसी भी छात्र को बिना आईडी कार्ड दिखाए कैंपस में एंट्री नहीं दी जाएगी. संस्थान ने यह साफ किया कि इस एडवाइजरी का मकसद सिर्फ छात्रों की सुरक्षा और कांवड़ यात्रा के दौरान आवाजाही में सरल बनाने में मदद करना है.
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