थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उस फ्लाइट को याद कीजिए, जिसमें तेज टर्बुलेंस की वजह से प्लेन अचानक 300 फीट नीचे आ गया था और 17 लोग घायल हो गए थे. अब उसी घटना की जांच से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है. खबर है कि फ्लाइट के दो पायलटों में से एक डोप टेस्ट में फेल हो गया है. जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है.
टर्बुलेंस में फंसी एयर इंडिया फ्लाइट का पायलट डोप टेस्ट में फेल! रिपोर्ट में बड़ा दावा
फुकेट-दिल्ली Air India Flight में टर्बुलेंस से 17 लोग घायल हुए थे. सूत्रों ने बताया कि फ्लाइट के दो पायलटों में से एक डोप टेस्ट में फेल हो गया है. जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई है. इस पूरे मामले की जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) कर रहा है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक सूत्र ने इंडिया टुडे से जुड़े अमित भारद्वाज को बताया कि DGCA की जांच के नतीजे के आधार पर ये तय किया जाएगा कि मामले को आगे एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को जांच के लिए भेजने की जरूरत है या नहीं. इसी जांच के दौरान दोनों पायलटों का ‘पोस्ट-फ्लाइट ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट’ भी हुआ था. सूत्र ने बताया कि दो पायलटों में से एक इस टेस्ट में फेल हो गया था.
एयर इंडिया ने क्या बताया?एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि नियमों के मुताबिक उड़ान पूरी होने के बाद दोनों पायलटों का टेस्ट किया गया था. लेकिन उस टेस्ट की रिपोर्ट अभी एयर इंडिया को नहीं मिली है. इसलिए कंपनी इस मामले में किसी भी नतीजे पर कुछ नहीं कह सकती.
एयर इंडिया ने यह भी बताया कि उसके क्रू मेंबर्स का नियमित तौर पर ड्रग टेस्ट होता है और ये टेस्ट किसी खास फ्लाइट या घटना से अलग, सिविल एविएशन के नियमों के तहत किए जाते हैं. एयरलाइन ने बताया कि जरूरत पड़ने पर वह संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में पूरा सहयोग करेगी.
क्या था मामला?4 अगस्त को एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 ने फुकेट से नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी. प्लेन में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे. सफर के दौरान फ्लाइट को करीब पांच मिनट तक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा. इसी दौरान प्लेन अचानक 300 फीट नीचे आ गया. इस घटना में कम से कम 17 लोग घायल हुए. इनमें चार केबिन क्रू मेंबर भी शामिल थे.
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पायलटों का डोप टेस्ट एक मेडिकल जांच है, जिसमें उनके यूरिन का सैंपल लेकर यह पता लगाया जाता है कि उन्होंने गांजा, कोकीन या अफीम जैसे किसी नशीले पदार्थ या प्रतिबंधित दवाओं का सेवन तो नहीं किया है. यह टेस्ट प्लेन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी होता है. सिविल एविएशन के नियमों के तहत, इस टेस्ट में फेल होने पर पायलट का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द भी हो सकता है.
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