The Lallantop

'बिरयानी पर रोक नहीं, लेकिन सिर्फ हिंदू की खाइए', बंगाल में लोगों से अजीब अपील

Hindu Briyani Siliguri poster: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक पोस्टर वायरल हुआ, जिसने पूरे शहर में विवाद खड़ा कर दिया. पोस्टर में बिरयानी खाने और पूजा सामग्री खरीदने के लिए हिंदू दुकानदारों के पास जाने के लिए कहा गया था.

Advertisement
post-main-image
हिंदू जागरण के सदस्य अभिषेक दास ने कहा कि ये कोई फरमान नहीं है. (Courtesy- इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हिंदू जागरण मंच द्वारा लगाए गए पोस्टरों में बिरयानी, पूजा सामग्री और मांस खरीदने के लिए केवल हिंदू दुकानों से खरीदने की अपील की गई है, जो नवरात्रि के दौरान दिखाई दी।
  • पोस्टर लगाये जाने का कारण हिंदू जागरण मंच का यह दावा है कि हिंदुओं के कारोबार का समर्थन करने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुँचेगा, और यह एक अपील के रूप में पेश किया गया है, न कि आदेश के रूप में।
  • पोस्टर लगने के बाद राजनीतिक विवाद हुआ है, जिसमें माकपा ने पुलिस कार्रवाई की मांग की है, वहीं भाजपा ने इस मुहिम में अपनी भागीदारी से इंकार किया है और स्थानीय लोगों ने भी इस अपील की आलोचना की है।

पश्चिम बंगाल में बिरयानी का भी ‘हिंदूकरण’ करने की कोशिश की जा रही है. नवरात्रि के बीच सिलीगुड़ी में कुछ पोस्टर्स लगाए गए हैं. इनमें लिखा है कि 'बिरयानी खाइए, मगर हिंदू दुकान से', ‘पूजा का सामान लेना है, तो हिंदू दुकान से’ और ‘हिंदू दुकान से ही मांस खरीदें.’

Advertisement

रविवार, 11 अक्टूबर को पूरे शहर में कई जगह ऐसे पोस्टर दिखाई दिए जिनमें हिंदू से ही मांस या बिरयानी खरीदने की बात कही गई. इन पोस्टर्स को लगाने के पीछे हिंदू जागरण मंच नाम के संगठन का हाथ है. सोशल मीडिया पर इन पोस्टर्स की तस्वीरें वायरल हुईं तो कई लोगों ने हिंदू जागरण मंच की ही 'बिरयानी' बना दी.

इसके बाद संगठन ने सफाई में कहा कि ये कोई फरमान नहीं है. लोगों को कोई आदेश नहीं दिया गया. उनसे बस अपील की गई है.

Advertisement

हिंदू जागरण मंच एक हिंदुत्ववादी संगठन है. बताते हैं इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से 'मान्यता' मिली हुई है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन का कहना है कि हिदुंओं के कारोबार का समर्थन करने से अर्थव्यवस्था पर भी असर देखने को मिलेगा. इसके एक सदस्य ने अखबार से कहा,

"ये कोई आदेश नहीं, बल्कि एक अपील है. अगर लोग हिंदुओं के कारोबार का समर्थन करते हैं, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा."

सिलीगुड़ी में लगे पोस्टर बंगाली भाषा में हैं. एक पोस्टर पर लिखा है- ‘बिरयानी खाने पर रोक नहीं लगाई जा रही है. बिरयानी खाइए, मगर हिंदू दुकान से.’

Advertisement

दूसरे पोस्टर की भाषा देखकर लगता है ये कथित अपील दुर्गा पूजा के मद्देनजर की गई है. इस पर लिखा है- 'इस बार पूजा में हिंदू दुकान से ही पूजा सामग्री खरीदें.'

तीसरे पोस्टर में कहा गया है- 'हिंदू दुकान से मांस खरीदें. हिंदू को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएं.'

पोस्टर के बाद छिड़ा राजनीतिक विवाद

इस कथित अपील से राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व मंत्री और पूर्व मेयर अशोक भट्टाचार्य ने मामले में पुलिस कार्रवाई की मांग की है. भट्टाचार्य ने कहा,

"एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक देश में ऐसे पोस्टर लगाना अपराध है. प्रशासन को न सिर्फ ये पोस्टर हटाने चाहिए, बल्कि इस सांप्रदायिक मुहिम के पीछे लोगों को गिरफ्तार भी करना चाहिए."

उधर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मामले से हाथ पीछे खींच लिए. पार्टी के एक नेता के मुताबिक, सिलिगुड़ी में जो भी पोस्टर लगाए गए, उनकी जानकारी पार्टी को नहीं थी. नेता ने कहा कि हिंदू जागरण मंच एक स्वतंत्र संगठन है और इस मुहिम में सत्ताधारी पार्टी की कोई भूमिका नहीं है.

हिंदू जागरण मंच के इन पोस्टर की लोगों ने भी आलोचना की. उनके मुताबिक, उन्हें कुछ खाना होता है, तो वे किसी का धर्म नहीं देखते. रिपोर्ट के मुताबिक एक स्थानीय निवासी ने कहा, “बंगाली लोग बिरयानी का मजा लेते रहे हैं. उन्होंने कभी इसे बनाने वाले व्यक्ति की धार्मिक पहचान के बारे में नहीं पूछा.”

ये भी पढ़ें: अब पेपर लीक की 'गंदगी' साफ करेंगे तुकाराम मुंढे, महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी दी

एक अन्य निवासी ने कहा कि उसने कभी सोचा भी नहीं था कि ‘हिंदू दुकानों से बिरयानी खरीदे’ जैसे पोस्टर उन्हें देखने को मिलेंगे. कुछ लोगों का कहना है कि पूजा की सामग्री बनाने वाले कई कारीगर मुस्लिम हैं.

वीडियो: लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय के अंदर जूते-चप्पल चले, अजय राय और ममता चौधरी के गुट क्यों भिड़े?

Advertisement