असम की गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की एक 22 साल की छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई. छात्रा शनिवार, 26 सितंबर को एक होमस्टे में बेहोश पाई गई थी. आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मृतक के दोस्त को गिरफ्तार किया है. दोस्त से महिला की मौत के सिलसिले में पूछताछ की जा रही है. घटना के बाद इलाके के लोग विरोध करने सड़क पर उतर आए हैं. उन्होंने नेशनल हाइवे-17 पर चक्का जाम कर दिया है.
‘मां, उन्होंने छाती पर मारा’, आखिरी कॉल के बाद होमस्टे में मिली गुवाहाटी की छात्रा की लाश
Guwahati में एक 22 साल की छात्रा के मौत का मामला सामने आया है. पुलिस ने मामले में छात्रा के दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

मृतक छात्रा की पहचान निमिषा ठाकुरिया के तौर पर हुई है. छात्रा गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में पढ़ती थी. वो शनिवार, 26 सितंबर को अजारा इलाके के एक होमस्टे में बेहोश पाई गई थी. इंडिया टुडे से जुड़े पूर्ण विकास की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने जांच के बाद मृत छात्रा के दोस्त आसिफ अली को हिरासत में लिया है. आसिफ से पुलिस पूछताछ कर रही है. पुलिस ने आसिफ से मिली जानकारी के हवाले से बताया कि छात्रा ने खुद जान दी है. हालांकि, इस दावे की पुष्टि नहीं हो पाई है. मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है.
पुलिस उस होमस्टे की भी जांच कर रही है, जहां निमिषा बेहोश पाई गई थी. ताकि, यह पता लगाया जा सके कि असल में वहां क्या हुआ था? इस बीच इलाके के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. बड़ी तादाद में लोगों ने नेशनल हाईवे-17 को जाम कर दिया है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि निमिषा की मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाई.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मजिस्ट्रेट की जांच में मृतक के शरीर पर कुछ चोट के निशान भी पाए गए हैं. इससे परिवार के लोगों को ‘हत्या का शक’ हो रहा है. हालांकि, इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच कर रही है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही मौत की वजह पता चलेगी. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, मृत छात्रा के पिता ने बताया कि घटना की रात करीब 2 बजे उसकी अपनी मां से फोन पर बात हुई थी. अपनी मां से उसने कहा,
‘मां उन्होंने मुझे मारा है. उन्होंने मेरी छाती पर लात-घूंसे मारे हैं. मैं घायल हो गई हूं.
हालांकि, हमला करने वाले के बारे में जानकारी नहीं मिली है. निमिषा के पिता ने बताया कि ये उसका आखिरी कॉल था. इसके बाद न तो उसका फोन आया. न फोन करने पर कोई रिस्पॉन्स मिला. निमिषा के पिता के मुताबिक, वह घर से ये कहकर गई थी कि दोस्तों के साथ गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल जा रही है. शुक्रवार, 25 सितंबर की शाम करीब 5 बजे वो घर से निकली थी. इसके बाद रात 10 बजे उससे फिर बात हुई लेकिन रात 2 बजे अचानक उसका फोन आ गया. उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में अपनी मां को बताया. फिर उससे कोई कॉन्टैक्ट नहीं हो पाया.
पिता ने बताया कि निमिषा ने घर पर आसिफ के साथ होमस्टे में रहने वाली बात नहीं बताई थी. उसने दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि घटना के ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार, 25 सितंबर को निमिषा ने घर से 2000 रुपये भी लिए थे. कहा था कि वह दोस्तों के साथ खाना खाएगी और रात में हॉस्टल में ही ठहरेगी.
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पुलिस की जांच में पता चला कि निमिषा और आसिफ अली धारापुर-गरल इलाके के एक होमस्टे में रह रहे थे. जांच में यह भी सामने आया कि निमिषा और आसिफ इस महीने करीब 5 बार होमस्टे में आए थे. दोनों को बिना किसी वेरिफिकेशन के रहने की इजाजत दी गई थी. इस सिलसिले में पुलिस होमस्टे के मालिक से भी पूछताछ कर रही है.
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