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'तीन हॉस्पिटल पर बम गिरे, तीसरे में मोजतबा थे, मलबे से निकाले गए', ईरानी नेता ने खोला राज

ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य मोहसेन हैदरी ने दावा किया है कि फरवरी में घायल होने के बाद मोजतबा खामेनेई को जिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उस पर भी हमला हुआ था.

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मोजतबा खामेनेई पर हमले को लेकर बड़ा राज खुला है. (Courtesy: India Today)

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  • ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को अमेरिकी हमलों के दौरान एक अस्पताल के मलबे से निकाला गया था, इसके बाद उनका सुप्रीम लीडर के रूप में चुनाव हुआ।
  • अमेरिकी और इजरायल के हमलों के कारण तेहरान के तीन अस्पताल बमबारी का शिकार हुए, जिसमें मोजतबा खामेनेई भर्ती थे और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सचिवालय में भी हमला हुआ।
  • मोजतबा खामेनेई के अस्पताल से निकाले जाने के बाद असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उनके नाम पर मतदान किया और उन्हें ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया।

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को एक अस्पताल के मलबे से निकाला गया था. ये खुलासा ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य मोहसेन हैदरी ने की है. असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ही ईरान के सुप्रीम लीडर के चुनाव में अहम भूमिका निभाती है. हैदरी ने कतर के एक टीवी नेटवर्क से बातचीत में ये खुलासा किया. उन्होंने बताया कि पहले के एक हमले में मोजतबा घायल थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था. टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हैदरी ने कहा कि इसके बाद राजधानी तेहरान के तीन अस्पतालों पर बमबारी की गई. तीसरे अस्पताल में मोजतबा भर्ती थे. हमले के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया. 

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बता दें कि मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर दुनिया भर में तरह-तरह की अटकलें लगती हैं. अमेरिका की खुफिया रिपोर्टें बताती हैं कि इस हमले में खामेनेई का चेहरा बुरी तरह झुलस गया है और वो गंभीर रूप से घायल हुए हैं. कभी-कभी खामेनेई की मौत की अफवाह भी उड़ती है, जिसका ईरान ने हमेशा खंडन किया है.

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कैसे चुने गए मोजतबा

28 फरवरी 2026 से ईरान पर शुरू हुए इजरायल और अमेरिका के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जो मोजतबा के पिता और देश के तत्कालीन सुप्रीम लीडर थे. उनकी मौत के बाद मोजतबा को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया. इस चुनाव के पीछे की कहानी भी हैदरी ने बताई. उन्होंने कहा कि जिस ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ को नए सुप्रीम लीडर को चुनना था, वो भी हमले की चपेट में आ गई थी. ईरान के कोम शहर में असेंबली के सचिवालय में बमबारी हुई थी, जिसमें 8 लोग मारे गए थे. साथ ही नए सुप्रीम लीडर के चुनाव से जुड़ी रिपोर्टें और सिफारिशों के कागज भी नष्ट हो गए थे. इसके बाद असेंबली के सदस्यों ने कागज पर अपना वोट दिया.   

हैदरी ने बताया कि मोजतबा का नाम प्रस्तावित करने वाले वो पहले सदस्य थे. असेंबली को जानकारी मिली थी कि खामेनेई स्वस्थ हैं और उनमें ईरान का सुप्रीम नेता बनने की क्षमता है. वो धार्मिक योग्यता, ईमानदारी और देश चलाने के गुर जानते हैं. 

हैदरी ने बताया कि मोजतबा को शुरू में पता ही नहीं था कि उन्हें नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है. जब ईरान के सरकारी टीवी पर इसका ऐलान हुआ, तब उन्हें ये बात पता चली.

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