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कॉकपिट में चाकूबाजी से लेकर जमीन पर लैंडिंग तक, Flydubai हमले की पूरी कहानी

Flydubai Flight Hijack: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ 1073 में जो कुछ हुआ, वो अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है. प्लेन के कैप्टन Smit Machchhar को बेहतर इलाज के लिए सऊदी अरब से दुबई रवाना कर दिया गया है. वहीं आरोपी को-पायलट के खिलाफ जांच की जा रही है.

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फ्लाईदुबई की फ्लाइट को बचाने में 5 लोगों ने अहम भूमिका निभाई. (Courtesy- ITG)

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  • फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के को-पायलट ने 5 बजकर 21 मिनट पर कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया, जिससे विमान 14 हजार फीट नीचे गिर गया।
  • को-पायलट का पहले से हाइजैक या टेरर अटैक की साजिश में शामिल होने का ग़लत मंसूबा था, जिसके कारण उसने विमान में हमला किया और नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की।
  • घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर चालक दल और यात्रियों को अंदर आने दिया, जिसके बाद तीन लोगों ने हमलावर को दबोचकर विमान को सुरक्षित सऊदी अरब में लैंड कराया।

कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम के मुताबिक 3 बजकर 5 मिनट पर फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी. करीब डेढ़ घंटे बाद विमान 30 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था. अंदर कुल 174 पैसेंजर थे. कॉकपिट में फ्लाइट के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार और दूसरा को-पायलट था. को-पायलट का पहले से ग़लत मंसूबा था, किसी टेरर अटैक की साजिश थी. 5 बजकर 21 मिनट पर को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया.

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 30 हजार फीट की ऊंचाई पर हमला

स्मित कॉकपिट में नीचे पड़े हैं. फ्लाइट का कंट्रोल को-पायलट ने अपने हाथ में ले लिया. एयरक्राफ्ट की लाइट्स ऑफ कर दीं. केबिन प्रेशर में तेज़ी से बदलाव हुआ. और आरोपी ने प्लेन को क्रैश कराने की कोशिश की. अगले 30 सेकेंड में प्लेन 14 हजार फीट नीचे आ गया. इन 30 सेकेंड में फ्लाइट के अंदर जो टर्ब्युलेंस हुआ होगा उसे वही लोग समझ सकते हैं जो विमान में मौजूद थे. अंदर बैठे बहुत से लोगों ने ये मान लिया था कि प्लेन क्रैश होने वाला है. पर कॉकपिट के अंदर क्या चल रहा था, ये किसी को नहीं मालूम था.

लेकिन इसी बीच कैप्टन स्मित ने जो साहस दिखाया, वो किसी फिल्म में दर्शाना भी शायद मुश्किल हो. होता क्या है कि हर प्लेन में ऐसा सिस्टम मौजूद रहता है जिससे कॉकपिट लॉक हो जाए. टेकऑफ के बाद सिर्फ पायलट ही अंदर रह सकते हैं. या पायलट की इज़ाजत के बाद ही कोई अंदर आ सकता है. जब को-पायलट ने स्मित पर हमला किया तो कॉकपिट पहले से लॉक था. स्मित घायल पड़े थे. फ्लाइट तेज़ी से नीचे जा रही थी. इसी दौरान स्मित ने हमलावर से लड़ते हुए कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया. ताकि बाहर से क्रू और पैसेंजर अंदर आ सकें.

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इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने हार नहीं मानी. हमलावर से लड़े, और बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. क्रू और पैसेंजर्स को अंदर आने दिया.

यहीं से हमलावर का गेम पलट गया. अंदर कुछ गड़बड़ है बाहर लोगों को इसका अंदेशा हो गया था. कॉकपिट खुलने पर तीन लोग अंदर घुसे. नेतन्याहू ने इनमें से एक शख्स से मुलाकात की थी. उसके कपड़ो पर खून लगा हुआ था. नेतन्याहू ने उन्हें हीरो बताया था. उनका नाम यानिव हायून है.

ब्रिटिश अखबार द गार्डियन ने हायून के हवाले से लिखा, “कॉकपिट में जाने में सबसे बड़ी दिक्कत खुद घायल स्मित मच्छार की वजह से हो रही थी. वो घायल होकर दरवाजे कr दूसरी तरफ पड़े थे. और हम अंदर नहीं जा पा रहे थे.” 

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हायून पेशे से प्लंबर है. उन्होंने नेतन्याहू को बताया कि जब बाकी लोग हमलावर से भिड़ रहे थे, तब उन्होंने विमान का कंट्रोल अपने हाथों में लिया. बोले, “मैंने जैसे टीवी में देखा था, वैसे ही कंट्रोल को पीछे खींचने की कोशिश की. इसके बाद क्रू के दूसरे लोगों ने विमान संभाल लिया.”

हेडफोन के वायर से हमलावर को बांधा

ज़्विका मेनेस दूसरे शख्स थे जो कॉकपिट के अंदर पहुंचे. मेनेस ने BBC को बताया कि उन्होंने दो अन्य यात्रियों के साथ मिलकर हमलावर को काबू किया. तीनों उस पर झपटे और उसे पकड़ लिया. इसके बाद उन्होंने जिप टाई और हेडफोन के वायर की मदद से हमलावर को बांध दिया ताकि वो उठ न पाए. विमान में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव भी कॉकपिट की तरफ दौड़े थे. उन्होंने CNN को बताया कि जब वे अंदर पहुंचे तो हमलावर जमीन पर पड़े पायलट के ऊपर था. उन पर चाकू से वार कर रहा था.

डॉ. मुसायेव तुरंत स्मित की मदद के लिए गए. उनके मुताबिक स्मित के सिर और हाथों पर गंभीर चोटें थीं और काफी खून बह चुका था. अगर कुछ देर और हो जाती तो शायद उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता. उनका ब्लड प्रेशर बहुत नीचे चला गया था और वो बेहोश हो गए थे. कॉकपिट में हर तरफ खून था. मुसायेव ने भी CNN से यही बताया कि उन्होंने हमलावर को काबू करने के लिए उसे हेडफोन की तारों और प्लास्टिक जिप टाई से बांध दिया.

तब क्रू सदस्यों ने विमान को संभाला. अच्छी बात ये थी कि उसी फ्लाइट में दो पायलट और थे. गार्डियन ने पैसेंजर अल्मोग इताली के हवाले से लिखा है, “फ्लाइट में दो रिलीफ पायलट सफर कर रहे थे. जिन्हें अगली फ्लाइट उड़ानी थी. मदद करने वालों में एक ब्रिटिश पायलट थे. जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे. इन पायलट्स ने प्लेन को अपने काबू में लिया.”

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विमान से दो इमरजेंसी कोड भी भेजे गए. पहला था 7700, जिसका इस्तेमाल जनरल इमरजेंसी की स्थिति में किया जाता है. दूसरा था 7500, जो आम तौर पर विमान में UNLAWFULL INTERFERENCE या हाइजैक जैसी स्थिति का संकेत देता है. फॉक्स न्यूज़ के मुताबिक 5 बजकर 31 मिनट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल को फ्लाइट से जनरल इमरजेंसी का मैसेज गया. और फिर 5 बजकर 38 मिनट पर UNLAWFULL INTERFERENCE का मैसेज ब्रॉडकास्ट हुआ. 

हालांकि,  नेतन्याहू ने कहा कि यह हाइजैक की कोशिश लगती नहीं है. 6 बजकर 45 मिनट पर फ्लाइट को सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड करा दिया गया.

वीडियो: दुनियादारी: Flydubai हमले के बाद नेतन्याहू क्या प्लान कर रहे?

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