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फिरोजाबाद: पुलिस ने थाने में गर्भवती महिला को दिया धक्का, मौत के बाद 6 पुलिसकर्मी नपे

फिरोजाबाद के लभौआ गांव में चोरी के शक में पुलिस द्वारा एक युवक को पूछताछ के लिए ले जाया गया था. बताया जा रहा है कि उसकी गर्भवती पत्नी अंजलि की तबीयत इसके बाद बिगड़ गई और प्रसव के दौरान मौत हो गई. इस मामले में पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और धक्का देने का आरोप है.

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महिला की मौत के बाद परिजनों ने थाने को घेर लिया (PHOTO- India Today)

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  • फिरोजाबाद के लाभोआ गांव में गर्भवती दलित महिला की पुलिस हिरासत के दौरान तबीयत बिगड़ने और प्रसव के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
  • महिला और उसके पति को चोरी के शक में हिरासत में लेने के बाद महिला के साथ धक्का-मुक्की होने और तबीयत बिगड़ने की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
  • सांसद रामजीलाल सुमन ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की, साथ ही पुलिस ने छह कर्मियों को सस्पेंड कर आगे जांच शुरू की है।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक दलित महिला की मौत के बाद भारी हंगामा देखने को मिला. आरोप है कि गर्भवती महिला और उनके पति को हिरासत में लिया गया था. इसी दौरान महिला की तबीयत बिगड़ गई और प्रसव के दौरान मौत हो गई. महिला की मौत के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन थाने में धरने पर बैठ गए. घटना के बाद एक्शन लेते हुए एसएसपी ने 6 पुलिसकर्मियों (2 दरोगा 4 सिपाही) को सस्पेंड कर दिया है. पुलिसकर्मियों पर महिला को धक्का देने, और बदसलूकी करने का आरोप है.

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क्या है पूरा मामला?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ये पूरा मामला फिरोजाबाद के लाभोआ गांव का है. आरोप है कि चोरी के शक में पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया था. इनमें से एक युवक गौरव की गर्भवती पत्नी अंजलि थाने पहुंच गई. परिवार का कहना है कि अंजलि सिर्फ जानना चाहती थी कि उसके पति को हिरासत में क्यों लिया गया है? आरोप है कि इसी दौरान महिला के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिससे ब्लीडिंग शुरू हो गई. प्रसव के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी और मौत हो गई.

जैसे ही ये खबर फैली, पूरे इलाके में हंगामा मच गया. परिजनों ने पुलिस पर महिला के पति को चोरी के शक में हिरासत में लेने और इसी दौरान महिला की तबीयत बिगड़ने के आरोप लगाए हैं. मामले में एसएसपी आदित्य लांगे ने दो दरोगा, दो हेड कांस्टेबल और दो सिपाहियों समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.

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धरने पर बैठे सपा सांसद रामजीलाल सुमन (PHOTO- India Today)
परिजनों से मिले सपा सांसद, थाने में धरने पर बैठे 

घटना की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन 15 सितंबर को फिरोजाबाद पहुंचे. उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. इसके बाद सांसद ने एडीजी आगरा जोन से फोन पर बात की. उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की. बाद में सांसद रामजीलाल शिकोहाबाद थाने पहुंचे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए.

सांसद ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना पर सवाल उठाए. उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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इस मामले पर जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद देहात, अनूप चौधरी ने कहा के एक युवक को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया. सांसद रामजीलाल सुमन का आरोप है कि दोनों को षड्यंत्र के तहत पकड़ा गया था. जब उनकी गर्भवती पत्नी ने कहा कि वह निर्दोष हैं तो धक्का मारा. इसकी वजह से महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और बाद में मौत हो गई.

बाद में मामले पर फिरोजाबाद पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आया. पुलिस ने बताया कि गौरव को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था, लेकिन इस दौरान उसकी पत्नी और अन्य परिजनों के साथ कोई मारपीट नहीं की गई. फिरोजाबाद पुलिस के मुताबिक 14 सितंबर की सुबह ही गौरव को उसके परिवार के हवाले कर दिया गया था.

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फिरोजाबाद पुलिस का बयान.

हालांकि पुलिस ने माना कि इसी बीच पत्नी अंजली को परिवारवाले प्रसव के लिए अस्पताल ले गए थे. वहां बच्चे को जन्म देते हुए उसकी मौत हो गई. पुलिस ने दावा किया है कि मृतक महिला के पोस्टमार्टम में किसी तरह की अंदरूनी चोट के सबूत नहीं मिले हैं. मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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