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'पीएम अंबानी' बोलने वाले मस्क ने खुद ट्रंप की पार्टी को दिए 3,500 करोड़ रुपये

एलन मस्क ने भारतीय कारोबारी मुकेश अंबानी पर भारत में उनके राजनीतिक प्रभाव को लेकर तंज कसा था. अब एक अमेरिकी सीनेटर ने खुद उनकी पोल खोल दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि एलन मस्क अपने पैसे से चुनाव और राजनीति पर जरूरत से ज्यादा असर डाल सकते हैं. और इसके लिए उन्होंने डॉनल्ड ट्रंप की पार्टी को मोटी रकम दी है.

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सीनेटर बर्नी सैंडर्स (लेफ्ट) ने आरोप लगाया कि एलन मस्क (राइट) अपने पैसे से चुनाव और राजनीति पर असर डाल सकते हैं. (courtesy: रॉयटर्स)

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  • एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक इंटरनेट सेवा शुरू करने की योजना बनाई है, लेकिन वे कुछ बड़े भारतीय व्यापारियों पर अपने लाभ के लिए इसका रास्ता रोकने का आरोप लगा रहे हैं।
  • मस्क के इस कदम के पीछे घरेलू व्यापारिक दबाव और भारत में oligarchy की स्थितियां हैं, जिनके कारण उन्हें मुकेश अंबानी पर भी तंज कसा गया है।
  • अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने मस्क के राजनीतिक खर्चों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने 2026 के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को करीब 366 मिलियन डॉलर दान दिए हैं।

एलन मस्क भारत में अपना स्टारलिंक इंटरनेट शुरू करना चाहते हैं. लेकिन उनका आरोप है कि भारत के कुछ बड़े कारोबारी अपने फायदे के लिए इसका रास्ता रोक रहे हैं. मस्क ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का नाम लेकर सवाल उठाए. यहां तक कि उन्हें ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ कहकर तंज भी कसा था.

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लेकिन अब कहानी में एक दिलचस्प मोड़ है. भारत में मस्क दूसरों पर कारोबार में दबदबा बनाने का आरोप लगा रहे हैं, तो अमेरिका में उनके अपने राजनीतिक प्रभाव पर सवाल उठ रहे हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक और अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने जैसे को तैसा कर दिया. आरोप लगाया कि मस्क अपने पैसे से चुनाव और राजनीति पर जरूरत से ज्यादा असर डाल सकते हैं.

अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मिडटर्म चुनाव होने हैं. इन चुनावों में राष्ट्रपति नहीं चुना जाता, बल्कि कांग्रेस के दोनों सदनों यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सीटों के लिए चुनाव होते हैं. इनसे तय होता है कि संसद में किस पार्टी की ताकत कितनी होगी.

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क्या कहा अमेरिकी सीनेटर ने?

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी से आते हैं. उनकी पार्टी इन चुनावों में कांग्रेस पर अपना कंट्रोल बनाए रखना चाहती है. वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है.

अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने एलन मस्क की आलोचना की है. सैंडर्स के मुताबिक, मस्क ने 3 नवंबर 2026 को होने वाले मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की मदद के लिए करीब 366 मिलियन डॉलर यानी लगभग 3,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

सैंडर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि मस्क ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डॉनल्ड ट्रंप को जिताने के लिए भी करीब 290 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,770 करोड़ रुपये खर्च किए थे. उन्होंने दावा किया कि ट्रंप की जीत के बाद मस्क की संपत्ति काफी बढ़ी है.

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कहां गया इतना पैसा?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एलन मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों की मदद करने वाले कई संगठनों को पैसा दिया. सीनेट लीडरशिप फंड को 158 मिलियन डॉलर और कांग्रेसनल लीडरशिप फंड को 20 मिलियन डॉलर दिए गए. ये संगठन सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों की मदद करते हैं.

इसके अलावा मस्क ने अपने राजनीतिक संगठन अमेरिका पीएसी को 76 मिलियन डॉलर दिए. टेक्सस में सीनेट चुनाव लड़ रहे केन पैक्सटन के समर्थन वाले संगठन को 10 मिलियन डॉलर और रिपब्लिकन गवर्नर्स एसोसिएशन को भी 10 मिलियन डॉलर दिए.

अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने एलन मस्क के इस खर्च पर सवाल उठाए. उनका दावा है कि ट्रंप की जीत के बाद मस्क की दौलत में 696 अरब डॉलर का इज़ाफा हुआ. उन्होंने एलन मस्क के नए खर्च को अमीर लोगों के राजनीतिक दबदबे से जोड़ते हुए लिखा, ‘स्टॉप मस्क. स्टॉप ओलिगार्की.’ ओलिगार्की से याद आया. हाल ही में मस्क ने भी भारत के कॉन्टेक्स्ट में इस शब्द का इस्तेमाल किया था. जिसका जिक्र शुरुआत में किया था. 

ओलिगार्की का मतलब, ऐसी व्यवस्था, जिसमें कुछ अमीर या ताकतवर लोगों का सरकार और राजनीति पर बहुत ज्यादा असर हो. सैंडर्स का कहना है कि अरबपतियों के पास मौजूद पैसा उन्हें चुनावों में आम लोगों के मुकाबले ज्यादा ताकत दे सकता है.

वीडियो: स्टारलिंक की देरी पर एलन मस्क का फिर पोस्ट, राहुल गांधी ने क्या जवाब दिया?

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