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UPI पर 15 अक्टूबर से नहीं लागू होगा MDR, नई तारीख पर सरकार ने क्या बताया?

देश में त्योहारों के दौरान चीजों की बिक्री काफी बढ़ जाती है. इसके चलते व्यापारी संघ मांग कर रहे थे कि फिलहाल UPI पर MDR लागू न किया जाए.

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व्यापारी संघ मांग कर रहे थे कि फिलहाल इसे लागू न किया जाये (Courtesy: India Today)

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  • नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने 15 अक्टूबर से यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने के फैसले को दिवाली के बाद तक स्थगित कर दिया है।
  • त्योहारी सीजन में बढ़ी बिक्री और व्यापारी संघों की मांग के कारण एमडीआर लागू करने की तारीख बढ़ाई गई है ताकि व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव न पड़े।
  • एमडीआर की नई लागू तिथि बाद में घोषित की जाएगी और फिलहाल 2,000 रुपये से कम के पर्सन-टू-मर्चेंट लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने मंगलवार 13 अक्टूबर को एक बयान में कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) 15 अक्टूबर से लागू नहीं होगा. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में एनपीसीआई ने आगे कहा है कि दिवाली के बाद तक यह फैसला टाल दिया गया है. यूपीआई पर एमडीआर किस तारीख से लागू होगा, इसकी जानकारी आगे दी जाएगी.

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दिवाली के बाद लागू हो सकता है एमडीआर 

15 सितंबर को सरकार ने कुछ चुनिंदा यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाने का ऐलान किया था. यह 15 अक्टूबर से लागू होना था. हालांकि, अब नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने दिवाली तक इस फैसले को टालने की सूचना दी है. 

वित्त मंत्रालय की तरफ से पिछले महीने की 15 तारीख को जारी एक आदेश में 2,000 रुपये से ज्यादा के P2M (पर्सन टू मर्चेंट) लेनदेन पर 0.4% का MDR लगाने का ऐलान किया गया था. हालांकि, सभी पर्सन-टू-पर्सन (पी2पी) UPI लेनदेन पूरी तरह से निःशुल्क रहेंगे. इसकी कोई सीमा नहीं है. साथ ही UPI के जरिये पैसे भेजने या प्राप्त करने वाले लोगों पर कोई लेनदेन शुल्क, प्लेटफ़ॉर्म फीस या अन्य चार्ज नहीं लगाया जाएगा. वहीं, 2,000 रुपये तक के सभी पर्सन-टूृ-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पर कोई MDR शुल्क नहीं लगेगा. 

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क्यों तारीख बढ़ी?

रिपोर्ट के मुताबिक त्योहारों के दौरान चीजों की बिक्री काफी बढ़ जाती है. इसके चलते व्यापारी संघ मांग कर रहे थे कि फिलहाल इसे लागू न किया जाए. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अखिल भारतीय मोबाइल खुदरा विक्रेता संघ और अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्पाद वितरक संघ ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी. वहीं, छोटे व्यापारियों के लिए छूट की सीमा बढ़ाने और व्यापारी-से-व्यापारी (मर्चेंट-टू-मर्चेंट) लेनदेन के लिए छूट की मांग की गई थी. 

वहीं, इससे पहले खुदरा व्यापारियों के संगठनों ने एमडीआर के विरोध में 2 अक्टूबर को 'नो UPI डे' मनाने की योजना बनाई थी. लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद उन्होंने यह आह्वान वापस ले लिया.

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