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PM मोदी से मिलते ही परिसीमन बिल के सपोर्ट में आए सुखबीर बादल, क्या BJP-अकाली एक होने जा रही?

अकाली दल, बीजेपी और RSS सभी गठबंधन को फिर से शुरू करने के पक्ष में हैं. कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए नेता भी गठबंधन की बहाली के पक्ष में हैं. लेकिन अंतिम फैसला बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को करना है.

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एक रैली के दौरान पीएम मोदी के साथ सुखबीर सिंह बादल (PHOTO- AajTak)

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  • शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने परिसीमन बिल और महिला आरक्षण बिल को लागू करने का समर्थन किया है, जिससे SAD-बीजेपी गठबंधन के पुनः शुरू होने की अटकलें सामने आई हैं।
  • 2020 में कृषि कानूनों के विरोध के कारण SAD और बीजेपी का लगभग ढाई दशक पुराना गठबंधन टूट गया था, जिसके बाद दोनों पार्टियां 2022 और 2024 के चुनाव अलग-अलग लड़ीं।
  • सूत्रों के अनुसार SAD, बीजेपी और RSS गठबंधन को फिर से शुरू करने के पक्ष में हैं, जबकि अंतिम निर्णय बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाना है।

पांजाब में चुनाव से पहले सियासी हचलच शुरू हो गई है. इस बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात हुई. इस मुलाकात के एक दिन बाद SAD ने एक ऐलान किया है. SAD ने परिसीमन बिल और महिला आरक्षण बिल को लागू करने का समर्थन किया है. परिसीमन बिल का समर्थन करने के बाद चुनावों के लिए SAD-बीजेपी गठबंधन की अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं.  

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केंद्र की परिसीमन योजना का समर्थन करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा कि पार्टी देश में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग करती है. उन्होंने कहा कि SAD सभी राज्यों में सीटों में एक समान 50% बढ़ोतरी के केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन करती है. बादल ने लिखा, 

शिरोमणि अकाली दल ने आज चंडीगढ़ में अपने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में देश में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की. शिरोमणि अकाली दल को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने महिलाओं की गरिमा, समानता और समान अधिकारों की वकालत की थी. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (@SGPCAmritsar) ने अपनी सभा में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करके पहले ही एक मिसाल कायम की है.

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SAD ने कहा कि वो एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन की मांग करते हैं. ये ऐसा हो जिसमें सभी राज्यों का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके. बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने भारत सरकार द्वारा सदन में रखे गए उस प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50% की बढ़ोतरी की बात कही गई थी.

परिसीमन का समर्थन

गठबंधन की अटकलों के बीच पार्टी ने कहा कि वह परिसीमन में सीटों में 50% बढ़ोतरी के आश्वासन के साथ परिसीमन विधेयक का समर्थन करती है. बीजेपी और SAD के बीच लगभग ढाई दशक पुराना गठबंधन 2020 में कृषि कानूनों को लेकर हुए ‘मतभेद’ के कारण टूट गया था. उस समय, अकाली दल ने NDA से अलग होने का फैसला किया था. इसके बाद दोनों पार्टियां 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव और 2024 का लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़ीं. 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी राज्य में कोई भी सीट नहीं जीत पाई, जबकि अकाली दल केवल एक सीट ही जीत सका.

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संसद में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बादल की मुलाकात ने नई हेडलाइन दे दी है. इस मुलाकात ने दोनों पार्टियों के गठबंधन को फिर से शुरू करने की अटकलों को तेज कर दिया है. सूत्रों ने NDTV को बताया कि अकाली दल, बीजेपी और RSS सभी गठबंधन को फिर से शुरू करने के पक्ष में हैं. सूत्रों ने आगे कहा कि कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए नेता भी गठबंधन की बहाली के पक्ष में हैं लेकिन अंतिम फैसला बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को करना है. बीजेपी अब बराबरी के आधार पर गठबंधन को फिर से शुरू करना चाहती है. पहले, बीजेपी गठबंधन में जूनियर पार्टनर की भूमिका निभाती थी और अकाली दल का पलड़ा हमेशा भारी रहता था.

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