दिल्ली में जारी आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का परिवार भी सोशल मीडिया के निशाने पर आ गया है. लगातार हो रही ऑनलाइन ट्रोलिंग के बाद उनकी बेटी नैमिषा प्रधान ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिसेबल कर दिया है. हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोगों ने ये भी कहा कि राजनीतिक जवाबदेही की मांग अपनी जगह है, लेकिन परिवार के सदस्यों को इस विवाद में घसीटना ठीक नहीं है.
‘विदेश में पढ़ती हो क्योंकि... ', धर्मेंद्र प्रधान की बेटी ने ट्रोलिंग से परेशान होकर बंद किया अकाउंट
Dharmendra Pradhan: 20 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर नैमिषा प्रधान को लेकर कई पोस्ट वायरल होने लगे. इंस्टाग्राम यूज़र्स ने उनकी पुरानी पोस्ट्स पर जाकर कॉमेंट्स किए और उन्हें टैग करना शुरू कर दिया. इसी ट्रोलिंग के चलते उन्होंने अकाउंट बंद कर दिया. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने इस ट्रोलिंग को बेहद गलत बताया है.


जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और 20 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर नैमिषा प्रधान को लेकर कई पोस्ट वायरल होने लगे. इंस्टाग्राम यूज़र्स ने उनकी पुरानी पोस्ट्स पर जाकर कॉमेंट्स किए और उन्हें टैग करना शुरू कर दिया.
नैमिषा प्रधान ट्रोल हुईंहिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, नैमिषा प्रधान ने अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के द फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी से 2023 में मास्टर ऑफ लॉ (LLM) की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उन्होंने यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) में सीनियर एसोसिएट के तौर पर काम शुरू किया.
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब देश के शिक्षा मंत्री की बेटी खुद विदेश में पढ़ने गईं, तो फिर भारत की शिक्षा व्यवस्था पर सरकार किस आधार पर भरोसा जताती है. एक वायरल पोस्ट में लिखा गया,
‘आप विदेश में पढ़ रही हैं क्योंकि आपको भी पता है कि भारत के करोड़ों स्टूडेंट पहले से जानते हैं कि हमारी शिक्षा व्यवस्था उन्हें निराश कर रही है. अगर बाकी छात्रों के पास भी पैसा और मौका होता, तो वो भी विदेश चले जाते.’

कुछ यूज़र्स ने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी “धर्मेंद्र प्रधान रिज़ाइन” जैसे कॉमेंट्स किए. कुछ यूजर ने यूनिवर्सिटी को टैग कर खुला पत्र तक लिख दिया.
हालांकि कई लोगों ने इसका विरोध भी किया. उनका कहना था कि विरोध शिक्षा मंत्री की नीतियों या फैसलों का होना चाहिए, उनके परिवार का नहीं. कहा गया,
‘परिवार के किसी सदस्य को इस विवाद में घसीटना, खासकर उस व्यक्ति को जो फैसले लेने की स्थिति में नहीं है, एक हद पार करने जैसा है. सवाल सत्ता में बैठे लोगों से पूछिए, उनके फैसलों की आलोचना कीजिए और जवाबदेही मांगिए.’
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इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी CJP आंदोलन पर पहली बार प्रतिक्रिया दी. उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार NEET और युवाओं के मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. लेकिन कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस की जगह राजनीतिक प्रदर्शन को चुना. अपने बयान में प्रधान ने कहा कि छात्रों को सिर्फ़ गुस्सा नहीं, बल्कि जवाब, सुधार और जवाबदेही मिलनी चाहिए और सरकार इसी दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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