जंतर-मंतर हो या संसद तक जाने वाली सड़क. या प्रधानमंत्री आवास के सामने वाली सड़क, जहां आज राहुल गांधी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए थे. ये सारी जगहें दो दिन से 'विरोध प्रदर्शन की राजधानी' बन चुकी हैं. यहां से उठी विरोध की लहरों ने पूरे देश को प्रभावित किया है. इन सारे विरोध के पीछे एक ही मांग है- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा.
प्रोटेस्ट के बीच धर्मेंद्र प्रधान का 'बड़ा' जवाब आ गया
प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के धरने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करने और लोकतांत्रिक बहस से बचने का आरोप लगाया.


एक महीने से इसी मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर तो धर्मेंद्र प्रधान या मोदी सरकार के किसी मंत्री ने कुछ नहीं कहा. लेकिन मंगलवार, 21 जुलाई को जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के घर के बाहर धरना दिया तो उन्हें घेरने के लिए धर्मेंद्र प्रधान सामने आ गए.
प्रधान ने एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखी है. इसमें उन्होंने राहुल गांधी पर छात्रों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. प्रधान ने लिखा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी मॉनसून सत्र के दौरान हंगामा करने के लिए छात्रों का राजनीतिक हथियार के तौर पर बेशर्मी से इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरना देने का रास्ता चुना, जिससे आम जनता को परेशानी हुई. साथ ही उन्होंने सुरक्षा के तय नियमों की भी अनदेखी की.
धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि सरकार विपक्ष के बताए मुद्दे पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार थी. ये बात राहुल गांधी से कही भी गई. लेकिन कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस की बजाय राजनीतिक तमाशा खड़ा करना चुना. उनका मकसद छात्रों के लिए समाधान खोजना नहीं है, बल्कि वो सिर्फ राजनीतिक सुर्खियां बटोरते हुए हंगामा करना चाहते हैं.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के लिए ये मुद्दा छात्रों से जुड़ा नहीं है. बल्कि चर्चा के हर रास्ते खुले होने बावजूद सिर्फ टकराव पैदा करने का बहाना है. मंत्री ने कहा,
हमारी सरकार सदन में NEET पर चर्चा करने और युवाओं की हर जायज चिंता को हल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. भारत के स्टूडेंट्स कांग्रेस की राजनीतिक मुहिम में मोहरे की तरह इस्तेमाल किए जाने के लिए नहीं है. इसके बजाय वो बेहतर व्यवहार के हकदार हैं. वो अराजकता के बजाय निश्चितता, नारों के बजाय समाधान और हंगामे के बजाय जिम्मेदारी के हकदार हैं.

आखिर में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम अपने छात्रों के लिए सिर्फ गुस्सा या नाराजगी जताने तक सीमित नहीं रह सकते. उन्हें जवाब, सुधार और जवाबदेही मिलनी चाहिए. हमारी सरकार ये सब करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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हिरासत में राहुलबता दें कि मंगलवार, 21 जुलाई को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया. उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी इस्तीफा मांगा. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से मिलकर उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी. इसके बाद पुलिस ने राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव को डिटेन कर लिया.
वीडियो: राजधानी: NEET पेपर लीक पर संसद से बड़ा हंगामा प्रधानमंत्री आवास के बाहर












