दिल्ली सरकार ने राजधानी शहर में प्राइवेट हॉस्टल और पेइंग गेस्ट (PG) को रेगुलेट करने के लिए कुछ नियम सुझाए हैं. एक बिल ड्राफ्ट किया गया है. इसके तहत जिस भी बिल्डिंग में PG चल रहा है, उसे 90 दिन के अंदर फायर सेफ्टी NOC, रजिस्ट्रेशन नंबर और लोकल पुलिस से क्लीयरेंस लेना जरूरी कर दिया जाएगा. सभी PG और हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा. ये फैसला सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के बाद लिया गया है. हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है.
किराए पर लगाम, सिक्योरिटी गार्ड और रजिस्ट्रेशन, सब होगा जरूरी, दिल्ली के PG अब ऐसे चलेंगे!
Delhi government to regulate PG: दिल्ली सरकार paying guest से जुड़ा एक बिल लाने वाली है. ये बिल दिल्ली के छात्र बहुल इलाकों में लागू होगा जैसे मुखर्जीनगर, राजेंद्रनगर, लक्ष्मीनगर, मुनिरका और नॉर्थ और साउथ कैंपस के आसपास के इलाके. जानिए प्रस्तावित नए नियमों के बारे में.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ‘Paying Guest Accommodation Regulation and Welfare Bill’ लाने वाली है. ये बिल दिल्ली के छात्र बहुल इलाकों में लागू होगा, जैसे मुखर्जीनगर, राजेंद्रनगर, लक्ष्मीनगर, मुनिरका और नॉर्थ और साउथ कैंपस के आसपास के इलाके. इन इलाकों में करीब 2 लाख कमरे किराए पर उठे हुए हैं, जिनका MCD के पास कोई हिसाब नहीं है.
ड्राफ्ट में क्या नियम बताए गए?लेफ़्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार 7 सितंबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. मीटिंग में बिल्डिंग की सुरक्षा, छात्रों के रहने की व्यवस्था और PG से जुड़े नियमों की समीक्षा की गई.
ड्राफ्ट में बताया गया कि अब दिल्ली में हर PG को रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा. 90 दिन के अंदर अपने ज़ोन के हिसाब से अधिकारियों से एक रजिस्ट्रेशन नंबर लेना होगा. इसके अलावा पुलिस और MCD से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना होगा. MCD ‘फायर सेफ्टी’ और ‘बिल्डिंग की सही हालत’ के बाद ही NOC जारी करेगी. बताया गया कि हर PG का यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर होगा. इसे PGRN कहा जाएगा. और ये सारी जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डाली जाएगी.
मनमाने रेंट पर भी पाबंदीइस प्रस्तावित बिल में मनमाने किराए और बहुत ज़्यादा डिपॉज़िट की शिकायतों को दूर करने की भी कोशिश की गई है. इलाके के हिसाब से किराए पर लिमिट लगाई जाएगी. Rent Regulation Committee बनाई जाएगी. मकान मालिकों को सिक्योरिटी डिपॉज़िट के तौर पर तीन महीने से ज़्यादा का एडवांस पेमेंट लेने की इजाज़त नहीं होगी. किराएदारों को भी छोड़ने से पहले 30 दिन पहले नोटिस देना होगा. लिंग, जाति, धर्म या राज्य के आधार पर अलग-अलग किराया वसूलने पर भी रोक लगेगी.
PG के सभी एंट्री गेट और कॉमन एरिया में CCTV कैमरे लगाना ज़रूरी होगा और इनका फ़ुटेज 30 दिनों तक संभालकर रखना होगा. जिन PG में 15 या उससे ज़्यादा छात्र रहते हैं, उन्हें रात में सिक्योरिटी गार्ड तैनात करने होंगे. 500 मीटर के दायरे में वॉर्डन की मौजूदगी भी जरूरी है.
ये भी पढ़ें: 'सिर्फ मकान मालिक नहीं, सरकार, MCD-DU सब जिम्मेदार', दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर हाईकोर्ट
ऑनलाइन पोर्टल होगा लागूप्रस्तावित GovPG पोर्टल पर वेरिफ़ाइड PG अकोमोडेशन की लिस्ट और किराए, सुविधाओं और सुरक्षा इंतज़ामों के बारे में पूरी जानकारी होगी. स्टूडेंट्स इस पोर्टल के ज़रिए गुमनाम रूप से शिकायत भी कर सकेंगे.
इस प्रस्ताव में एक 'इंस्टीट्यूशनल अकोमोडेशन कमिटी' (IAC) बनाने की बात भी कही गई है, जिसमें फैकल्टी मेंबर, छात्र प्रतिनिधि, पुलिस और नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे. ये कमिटी हर तीन महीने में PG आवासों का निरीक्षण करेगी. किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए 15 दिनों की समय-सीमा का प्रस्ताव रखा गया है.
वीडियो: अहमदाबाद में PG की छत पर महिला का रेप, CCTV में गार्ड क्या करता दिखा?











