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पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले फर्जी PMO अधिकारी गिरफ्तार, कहा- 'मुझे तो नौकरी का लेटर मिला था'

मुंबई पुलिस के मुताबिक रोहन पारेख ने खुद को PMO का ग्रेड C अधिकारी बताया और एक नकली पहचान पत्र दिखाया. पुलिस को ID कार्ड में गड़बड़ियां मिलीं. वहीं, आरोपी के वकील का दावा है कि उनका क्लाइंट खुद ठगी का शिकार हो सकता है.

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फर्जी PMO अधिकारी रोहन पारेख (दाएं) को गिरफ्तार कर लिया गया है. (ITG)

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  • मुंबई पुलिस ने बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के जियो वर्ल्ड प्लाजा से रोहन पारेख को पीएमओ की फर्जी आईडी का उपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया, जिसमें उसके पास नकली पीएमओ पहचान पत्र मिला था।
  • गिरफ्तारी उस स्थान के पास हुई जहां प्रधानमंत्री मोदी 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट' का उद्घाटन करने आ रहे थे, पुलिस ने बताया कि मामला पीएम के कार्यक्रम से संबंधित नहीं है।
  • पुलिस क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है, रोहन पारेख को 11 सितंबर तक रिमांड पर भेजा गया है और CCTV फुटेज एवं अन्य संदिग्धों की खोज जारी है।

मुंबई पुलिस ने बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के जियो वर्ल्ड प्लाजा से एक शख्स को पीेएमओ की फर्जी आईडी यूज करने के आरोप में गिरफ्तार किया. आरोपी का नाम रोहन पारेख है. उसके वकील ने दावा किया कि हो सकता है कि उनका क्लाइंट खुद ठगी का शिकार हो गया हो. जहां से उसकी गिरफ्तारी हुई, वो जगह उस वेन्यू के पास थी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट' का उद्घाटन करना था.

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पीएम मोदी को मंगलवार, 8 सितंबर को यहां आना था, जबकि गिरफ्तारी उनके आने से एक दिन पहले सोमवार, 7 सितंबर को हुई. पुलिस ने साफ किया कि रोहन पारेख की गिरफ्तारी का पीएम के प्रोग्राम से कोई लेना-देना नहीं है.

24 साल का रोहन पारेख खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में ग्रेड C का अधिकारी बता रहा था. उसके पास एक नकली आईडी कार्ड मिला. यह घटना तब हुई जब सुरक्षाकर्मियों ने रोहन पारेख के बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को हथियार ले जाने के कारण रोका था.

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पुलिस ने क्या कहा?

मुंबई पुलिस के मुताबिक, रोहन पारेख तब वेन्यू पर पहुंचा, जब वहां किसी प्रोग्राम की तैयारी चल रही थी. तभी 40-45 साल के बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को 'डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर' (DFMD) की जांच के दौरान रोका गया. इसके बाद दिलीप कुंडे ने पारेख को बुलाया. वहां आने पर रोहन पारेख ने एंट्री गेट पर सुरक्षाकर्मियों को अपना पहचान आईडी कार्ड दिखाया.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि आईडी कार्ड में रोहन पारेख को PMO का 'ग्रेड C' अधिकारी बताया गया, लेकिन आईडी कार्ड में कई कमियों की वजह से शक हुआ. कार्ड पर जारी होने की तारीख तो थी, लेकिन वैलिडिटी की तारीख नहीं थी. पुलिस का कहना है कि सरकारी पहचान पत्रों पर आमतौर पर यह तारीख लिखी होती है.

कार्ड पर जारी करने वाले के हस्ताक्षर थे, लेकिन उनका पद नहीं लिखा था. फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है. क्राइम ब्रांच कार्यक्रम वाली जगह का CCTV फुटेज भी जांच रही है. पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक और व्यक्ति की तलाश है.

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रोहन पारेख के साथ धोखाधड़ी?

रोहन पारेख को कोर्ट में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान, उसके वकील ने दावा किया कि उनके क्लाइंट के साथ धोखा हो सकता है. वकील के मुताबिक, रोहन पारेख को सच में लगा होगा कि उसे PMO से जुड़ा कोई रोल ऑफर किया गया है. हो सकता है कि वह खुद धोखाधड़ी का शिकार हुआ हो.

वकील ने कोर्ट को बताया कि तरुण कपूर नाम के एक व्यक्ति ने रोहन पारेख को PMO के लिए काम करने का रोल ऑफर किया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि रोहन पारेख को सलाहकार का रोल ऑफर किया गया था. उसे तरुण गुप्ता नाम के व्यक्ति से डिफेंस एक्विजिशन पॉलिसी के बारे में एक ईमेल मिला था.

(यह भी पढ़ें: 'NEET में फेल हो गया, इसलिए...', सेना के हत्थे चढ़े 'फर्जी ब्रिगेडियर' ने क्या कहानी बता दी)

नौकरी का लेटर मिला था?

रोहन पारेख को एक ऑफर लेटर, एक पहचान पत्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाला एक पत्र मिला था. उसे कथित तौर पर प्रधानमंत्री के एक अतिरिक्त सचिव से ईमेल भी मिला था. वकील ने तर्क दिया कि ये मैसेज/मेल रोहन पारेख को असली लगे. उसे विश्वास हो गया कि वह सही तरीके से PMO से जुड़े हुए हैं.

रोहन पारेख के वकील के मुताबिक, उसके पास 2024 से एक पर्सनल बॉडीगार्ड था. उसी साल दिसंबर से उसे एक बॉडीगार्ड नियुक्त करने का निर्देश भी दिया गया था. वकील ने बताया कि रोहन पारेख पीएम के कार्यक्रम में नहीं, बल्कि एक निजी काम से वहां आया था.

उनका कहना है कि रोहन पारेख को पीठ की समस्या है और वो अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदने के लिए वहां गया था. फिलहाल, रोहन पारेख को 11 सितंबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. वहां क्राइम ब्रांच उससे पूछताछ कर आगे की जांच कर रही है. 

वीडियो: फर्जी बताकर असली IAS अधिकारी को किया गिरफ्तार, दस्तावेज ने सब सच बता दिया

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