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'मंत्री के घर या दफ्तर नहीं जाएंगे,' केंद्र से मीटिंग पर CJP बोली- सरकार न मानी तो लाखों लोग आएंगे

CJP Protest: सीजेपी का कहना है कि 22 जुलाई की सुबह से ही जंतर-मंतर पर हज़ारों प्रदर्शनकारी जुट चुके हैं. CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो लाखों लोग और आंदोलन में शामिल होंगे.

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CJP की केंद्र सरकार के साथ बातचीत की संभावना है. (PTI)

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  • कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार से बातचीत के लिए सहमति जताई है, लेकिन बातचीत केवल जंतर-मंतर या किसी निष्पक्ष सार्वजनिक स्थान पर ही होगी, मंत्री के घर या दफ्तर पर नहीं।
  • यह बातचीत इस स्थिति में आ रही है जब CJP लंबे समय से अनिश्चितकालीन आंदोलन और भूख हड़ताल कर रहा है, और हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे हैं, जिससे सरकार ने सुरक्षा प्रबंध बढ़ाए हैं।
  • सरकार और CJP के बीच बातचीत के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा 22 जुलाई को प्रतिनिधियों से मिल सकते हैं, जबकि दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाने और मेट्रो स्टेशन बंद करने जैसे कदम उठाए गए हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच अब सबसे बड़ी अपडेट सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संभावित बातचीत को लेकर आई है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ़ कर दिया है कि वो सरकार से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उसके प्रतिनिधि किसी मंत्री के घर या दफ़्तर नहीं जाएंगे. संगठन का कहना है कि बातचीत या तो जंतर-मंतर पर हो, या फिर किसी निष्पक्ष जगह पर.

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इस बीच ख़बर ये भी है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा आज यानी 22 जुलाई को CJP के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात कर सकते हैं. 22 जुलाई को ही CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत का मैसेज मिला है. उन्होंने कहा कि CJP पहले दिन से ही बातचीत के लिए तैयार है.

क्या बोली CJP?

CJP के प्रवक्ता सौरव दास बोले,

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“आज सुबह एक बार फिर पुलिस ने हमसे संपर्क किया और बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा हमसे बात करना चाहते हैं. उन्होंने हमें अपने आवास पर आने का न्योता दिया, लेकिन हमने साफ तौर पर मना कर दिया. हम किसी के घर या दफ्तर नहीं जाएंगे. अगर मंत्री बात करना चाहते हैं, तो उन्हें जनता के बीच आना चाहिए. बातचीत जंतर-मंतर पर होनी चाहिए. साथ ही, हम प्रैक्टिकल लोग हैं. अगर सरकार को प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा को लेकर कोई चिंता है, तो हम जंतर-मंतर के पास किसी न्यूट्रल लोकेशन पर भी मिलने के लिए तैयार हैं. अब हम सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं.”

सौरव दास ने ये भी कहा कि अगर मंत्री जंतर-मंतर आते हैं, तो उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंताएं हो सकती हैं. इसलिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया बातचीत के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है. CJP प्रवक्ता आगे कहते हैं,

“सरकार की नीयत हमारी मांगों को मानने की होनी चाहिए. सिर्फ़ औपचारिक या बेनतीजा बातचीत के लिए हमें बुलाने का कोई मतलब नहीं है. हमारा भी वक़्त कीमती है. हजारों लोग अब भी इस आंदोलन में शामिल हैं और उसकी जिम्मेदारी भी हमें ही संभालनी है. इसलिए सरकार को साफ करना चाहिए कि क्या वो असल में हमसे गंभीरता से बातचीत करना चाहती है या नहीं.”

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इससे पहले CJP के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी पुष्टि की थी कि पुलिस की तरफ़ से उन्हें बातचीत को लेकर सूचना मिली है. उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो को भी दे दी गई है. हालांकि मीटिंग की टाइमिंग और बाकी डिटेल्स अभी शेयर नहीं की गई हैं.

'सरकार नहीं मानी, तो लाखों लोग आएंगे'

ये सारी जानकारियां तब सामने आईं, जब केंद्र सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि 25 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से बातचीत की जा सकती है. उधर, CJP का दावा है कि आंदोलन लगातार बड़ा हो रहा है.

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संगठन का कहना है कि 22 जुलाई की सुबह से ही जंतर-मंतर पर हज़ारों प्रदर्शनकारी जुट चुके हैं. आशुतोष रांका ने दावा किया कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो लाखों लोग और आंदोलन में शामिल होंगे.

दिल्ली में सुरक्षा के भारी इंतजाम

इसी बीच दिल्ली में सुरक्षा भी और कड़ी कर दी गई है. गृह मंत्रालय ने 20 अतिरिक्त CRPF कंपनियों को तुरंत दिल्ली भेजने के आदेश दिए हैं. ये कंपनियां पश्चिम बंगाल से लाई जा रही हैं. संसद, रफ़ी मार्ग और आसपास के इलाकों में भारी बैरिकेडिंग जारी है.

दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद

DMRC ने भी अगले आदेश तक दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद रखने का फैसला किया है. इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, ITO, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर मेट्रो बदलने की सुविधा पहले की ही तरह जारी रहेगी.

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