The Lallantop

अडानी रियल्टी के एग्जीक्यूटिव की हत्या, नाले में मिला शव, पूर्व कॉलीग और पार्टनर गिरफ्तार

31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा 6 सितंबर को पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स से मिलने गुरुग्राम गए थे. इसके बाद वह लापता हो गए. पुलिस के मुताबिक, आन्या वत्स और उसके पार्टनर संयम सचदेवा ने कथित तौर पर उनकी हत्या की और शव को गुरुग्राम के एक नाले में फेंक दिया. दोनों को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है.

Advertisement
post-main-image
युवराज की हत्या का आरोप उसकी पूर्व कलीग आन्या पर है (Courtsey- India Today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • हरियाणा के गुरुग्राम में अडानी रियल्टी के एग्जीक्यूटिव युवराज सिंह मनचंदा की हत्या दो पूर्व सहकर्मियों आन्या वत्स और संयम सचदेवा द्वारा की गई, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
  • हत्या के पीछे पैसे के लेन-देन का विवाद बताया जा रहा है, जिसमें युवराज और आरोपियों के बीच 5 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
  • पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ के बाद यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम क्या था।

हरियाणा के गुरुग्राम में रियल एस्टेट कंपनी अडानी रियल्टी के एग्जीक्यूटिव की हत्या हो गई. 31 साल के युवराज सिंह मनचंदा का शव हत्या के दो दिनों बाद तक एक कार में पड़ा रहा. आरोप है कि उनकी हत्या उनके दो पूर्व साथियों आन्या वत्स और उसके पार्टनर संयम सचदेवा ने की है. दोनों आरोपी गुरुग्राम के रहने वाले हैं. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है. 

Advertisement
शव को लेकर अलग-अलग बयान

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी आन्या और सचदेवा ने युवराज का शव कार में रखने को लेकर अलग-अलग दावे किए हैं. शुरू में बताया कि उन्होंने युवराज के शव को लगभग 7 घंटे तक गाड़ी में रखा लेकिन बाद में उनके बयान बदल गए. जांच के सिलसिले में आरोपी कपल को कई जगहों पर ले जाया गया. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवराज उनसे कहां मिले थे? उन्होंने घटना को कैसे अंजाम दिया? घटना के बाद वो कहां गए और शव को ठिकाने लगाने से पहले उन्होंने कौन सा रास्ता अपनाया?

रिपोर्ट के मुताबिक, 6 सितंबर को युवराज अपनी बहन हरसिमरन मनचंदा के साथ लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में शादी की शॉपिंग करने गए थे. इसके बाद दोनों लाजपत नगर-2 के K-Block स्थित गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट पहुंचे. शाम करीब 4 बजे युवराज ने अपनी बहन से कहा कि उनकी गुरुग्राम में मीटिंग है. उन्होंने बताया कि वह रात करीब 10 बजे तक वापस घर आ जाएंगे. इसके बाद युवराज गुरुग्राम के लिए निकल गए. 

Advertisement

पुलिस के मुताबिक, वहां उनकी मुलाकात पूर्व कलीग आन्या वत्स से हुई. दोनों एक मॉल के बाहर मिले. युवराज अपनी गाड़ी से उतरकर आन्या की क्रेटा में बैठ गया. इसके बाद दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ. पुलिस को शक है कि कार में ही उनके बीच बहस हुई और उसके बाद युवराज की हत्या कर दी गई. जांच करने वाली टीम ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी युवराज के शव के साथ कार को पार्क करके चले गए. बाद में दोनों आरोपी आन्या और सचदेवा गाड़ी के पास लौटे और शव को अपने घर के पास एक नाले में फेंक दिया. 

पूछताछ में दोनों ने बताया कि गाड़ी पार्क करने से पहले वो शव को ठिकाने लगाने की जगह ढूंढते हुए गुरुग्राम में घूमते रहे. बाद में वो उत्तराखंड भाग गए, जहां उन्हें हिरासत में ले लिया गया. 10 सितंबर को नाले में युवराज का सड़ा-गला शव मिला.

पैसे के लेन-देन की जांच

पुलिस इस मामले में पैसे के लेन-देन के विवाद की भी जांच कर रही है. जांचकर्ता युवराज और आरोपियों के बीच पैसे से जुड़े किसी संभावित विवाद की जांच कर रहे हैं. पुलिस ने बताया कि वत्स और सचदेवा ने पैसों के बारे में अलग-अलग बातें बताईं. शुरू में उन्होंने 5 लाख रुपये के विवाद का जिक्र किया. लेकिन बाद में यह रकम 25 लाख रुपये बताई. पुलिस इन दावों की पुष्टि कर रही है. साथ ही इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह विवाद रियल एस्टेट सेक्टर में तीनों के कामकाज से जुड़ा था.

Advertisement

युवराज, आन्या और सचदेवा ने 2019 से 2022 के बीच एक ही कंपनी में साथ काम किया था. बाद में युवराज ने दूसरी नौकरी जॉइन कर ली. जांचकर्ताओं के अनुसार, आन्या को कथित तौर पर पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी के कारण कंपनी से निकाल दिया गया था. बाद में उसने और सचदेवा ने फ्रीलांसर के तौर पर काम किया और प्रॉपर्टी के लेन-देन से जुड़ गए. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या क्लाइंट्स और रियल एस्टेट के लेन-देन से जुड़ा कोई विवाद इस कथित झगड़े की वजह बना.

(यह भी पढ़ें: दिल्ली टेक मर्डर: बच्चे को दवाई लगाने पर हुआ झगड़ा, पत्नी ने भाइयों को बुलाकर पिटवाया, CCTV भी किया बंद)

आरोपी कपल का क्रिमिनल रिकॉर्ड

पुलिस ने बताया कि आन्या वत्स के खिलाफ धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज हैं. एक मामला पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. इसमें उन पर सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने का आरोप है. दूसरा मामला ग्रेटर नोएडा में दर्ज किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि संयम सचदेवा के खिलाफ उनकी पत्नी ने घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था. सचदेवा अभी भी अपनी पत्नी के साथ शादीशुदा है, जबकि आन्या के साथ उसका एक बच्चा है. हत्या के मामले में आन्या और सचदेवा दोनों को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है.

वीडियो: रात में ड्यूटी पर निकले थे ASI हरजीत सिंह, 3 गोलियां मार कर हुई हत्या

Advertisement