कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर से दिल्ली के सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया है. CJP ने सोमवार, 24 अगस्त ऐलान किया कि वो 5 सितंबर के दिन दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर से इंडिया गेट तक विरोध मार्च निकालेगी. पार्टी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर छात्रों से किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया है. CJP का कहना है कि सरकार ने उन शर्तों को पूरा नहीं किया, जिसकी वजह से 25 जुलाई को छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन रोक दिया था.
'धोखा बर्दाश्त नहीं...', कॉकरोच जनता पार्टी ने फिर से किया विरोध मार्च का ऐलान
CJP ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर Peaceful Protest March का ऐलान किया है. पार्टी के प्रवक्ता Saurav Das ने पोस्ट में सरकार पर ‘विश्वासघात’ करने का आरोप लगाया है.

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोमवार, 24 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. पोस्ट में उन्होंने 5 सितंबर छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध मार्च का ऐलान किया. सौरव ने अपने पोस्ट में चेतावनी दी कि वो Gen Z प्रोटेस्टर्स और पेपर लीक होने के बाद जान गंवाने वालों के परिवारों के साथ ‘धोखा’ बर्दाश्त नहीं करेंगे. सौरव ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा,
‘कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को नई दिल्ली के इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण विरोध मार्च का ऐलान किया है. नेशनल वर्किंग कमेटी को इस बात गंभीर शक है कि क्या भारत सरकार 25 जुलाई को युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने का इरादा रखती है.’

CJP प्रवक्ता ने आगे लिखा कि इसलिए एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च बुलाया गया है, जो इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर तक जाएगा. पोस्ट में बताया गया कि इस शांतिपूर्ण विरोध मार्च का नेतृत्व उन NEET छात्रों के परिवार करेंगे, जिन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिए थे.

इसके अलावा मार्च में वो लोग भी आगे रहेंगे, जो 20 जुलाई को पुलिस की ‘बर्बर कार्रवाई’ का शिकार हुए थे. सौरव ने आगे लिखा कि वो जेनजी प्रोटेस्टर्स और जान गंवाने वालों के परिवारों के साथ हुए इस ‘धोखे’ को स्वीकार नहीं करेंगे.
पेपर लीक के बाद प्रदर्शनCJP ने NEET UG 2026 पेपर के लीक होने के बाद 20 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया. साथ ही क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे. इस प्रदर्शन का अंत तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद थमा.
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