कुछ समय पहले (मई 2026 में) खबर आई थी कि सरकार 100 साल पुराने जिमखाना क्लब को वापस लेना चाहती है. सरकार का कहना था कि वहां डिफेंस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरे सरकारी प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे. ये मामला अभी चर्चा में ही था, तभी एक और क्लब पर सरकार की नजर ‘गड़’ गई. ये इंडियन एयरफोर्स गोल्फ कोर्स है जिसे सरकार अपने अधीन लेना चाहती है. सरकार चाहती है कि एयरफोर्स द्वारा इस्तेमाल की जा रही इस जमीन को मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स (MoHUA) को वापस कर दिया जाए.
जिमखाना के बाद एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन वापस चाहती है सरकार, प्लान क्या है?
दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग स्थित एयरफोर्स गोल्फ कोर्स की जमीन वापस लेने की तैयारी है. MoHUA के L&DO ने इलाके की कई प्राइम जमीनों को वापस लेने की प्रक्रिया तेज की है.

MoHUA के तहत आने वाले 'लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस' ने प्रधानमंत्री आवास के पास मौजूद जमीनों को वापस लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है. ये वो जमीनें हैं, जो पहले लीज पर दी गई थीं या जिन पर कब्जा किया गया था. इनमें दिल्ली रेस क्लब, इंडियन पोलो एसोसिएशन और दिल्ली जिमखाना क्लब के कब्जे वाली जमीनें भी शामिल हैं. हालांकि जमीन वापस लेने के मकसद के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.
Times Of India के सूत्रों का कहना है कि यह सरकार की एक बड़ी योजना का हिस्सा है. इसके तहत अहम जमीन के टुकड़ों का इस्तेमाल जनहित के कामों के लिए बेहतर ढंग से किया जाना है. इससे पहले, 2017 में L&DO ने एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जयपुर पोलो ग्राउंड और ओल्ड विलिंगडन कैंप समेत पांच प्रॉपर्टीज को खाली कराने के लिए नोटिस जारी किए थे. लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई. L&DO ने अगस्त में दिल्ली रेस क्लब को लोक कल्याण मार्ग पर स्थित उसकी 53 एकड़ जमीन से हटा दिया था. वजह बताई गई थी कि जमीन की जरूरत किसी खास जनहित के काम के लिए थी. इसी तरह, सरकारी कामकाज और रक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स के लिए जयपुर पोलो ग्राउंड से इंडियन पोलो एसोसिएशन को भी हटा दिया.
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जिमखाना क्लब से 27 एकड़ की अहम जमीन वापस पाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए रक्षा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े जनहित के प्रोजेक्ट्स की तत्काल जरूरत का हवाला दिया है. यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट में है.
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