उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक किसान को 72.76 लाख रुपये की रिकवरी नोटिस मिली है. यह नोटिस तमिलनाडु के कोविलपट्टी डिवीजन में सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (CGST) और सेंट्रल एक्साइज के असिस्टेंट ऑफिस के ओर से जारी की गई है. किसान का दावा है कि यह रिकवरी नोटिस एक ऐसे बिजनेसमैन के लिए जारी किया गया है, जिससे वो कभी मिला ही नहीं है. मामला बलिया जिले के सिउरा गोपालपुर इलाके के रहने वाले 33 साल के बलबीर सिंह से जुड़ा है.
बैंक खाते में 'माइनस 400' थे, किसान को 72 लाख का रिकवरी नोटिस आ गया, फिर...
यह नोटिस CGST की धारा 79 (1) (c) के तहत जारी किया गया है. यह नोटिस अप्रैल 2019 से लेकर मार्च 2020 तक के कथित टैक्स डिफॉल्ट से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. ऑफिस की ओर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को बलबीर के अकाउंट से यह रकम वसूलने का ऑर्डर दिया है.


टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बलबीर ने बताया कि उन्हें ईमेल और मैसेज के जरिए एक नोटिस मिला. नोटिस में कहा गया कि वह M/s महेंद्र एजेंसी के मालिक हैं. इसलिए उन्हें GST बकाया, ब्याज, पेनाल्टी और लेट फीस के तौर पर कुल 72 लाख 76 हजार 478 रुपये जमा करना है. यह नोटिस CGST की धारा 79 (1) (c) के तहत जारी किया गया है. यह नोटिस अप्रैल 2019 से लेकर मार्च 2020 तक के कथित टैक्स डिफॉल्ट से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. ऑफिस की ओर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को बलबीर के अकाउंट से यह रकम वसूलने का ऑर्डर दिया है.
किसान ने क्या कहा?मामले को लेकर अखबार ने बलबीर सिंह से बात की. बलबीर ने दावा किया कि उन्होंने कभी भी यह फर्म चलाई ही नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि किसी ने यह फर्म खोलने और बिजनेस करने के लिए उनके पैन कार्ड और बैंक डिटेल्स का इस्तेमाल किया गया है. बलबीर ने यह भी कहा कि GST ऑफिस को उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, जिसने धोखाधड़ी से मेरे डॉक्यूमेंट्स का गलत इस्तेमाल किया है.
बलबीर एक किसान और प्रवासी मजदूर हैं. खेती में ऑफ-सीजन होने पर वो मुंबई में लोहार का काम करते हैं. उनके पास उनकी खुद की कोई जमीन नहीं है. वो खेती के लिए अपने पिता की एक बीघा जमीन पर आश्रित हैं. बता दें कि साल 2019 में बलबीर ने गाजीपुर में बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कोर्स करते समय सरकारी स्कॉलरशिप पाने के लिए जिले सिधगढ़ इलाके में बैंक अकाउंट खुलवाया.
बैंक मैनेजर ने क्या कहा?बैंक के ब्रांच मैनेजर राघवेश कुमार ने नोटिस की सच्चाई की पुष्टि की और बताया कि ब्रांच को भी इसकी एक कॉपी मिली है. उन्होंने आगे कहा कि अकाउंट में अभी माइनस 400 रुपये हैं. वहीं, नाम न बताने की शर्त पर एक GST ऑफिसर ने कहा कि लोगों को अपने डॉक्यूमेंट्स की सुरक्षा खुद करनी चाहिए. अब नोटिस पाने वाले शख्स की जिम्मेदारी है कि वो GSTIN से जुड़ा GST के बकाया के बारे में बताए.
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अधिकारी ने आगे कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें GST रजिस्ट्रेशन लेने और लेन-देन करने के लिए कथित तौर पर ‘फर्जी पहचान’ का इस्तेमाल किया गया. इसमें CGST के नियम 14A का फायदा उठाया गया, जो योग्य छोटे बिजनेस करने वाले को बिना किसी फिजिकल वेरिफिकेशन के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा देता है.
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