कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार, 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने की आलोचना की है. सोनम वांगचुक करीब 21 दिन से अनशन पर बैठे थे. अब इस मामले पर राहुल गांधी का पहला बयान आया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा. यह पहली बार होगा, जब राहुल गांधी ने सोनम वांगुचक के भूख हड़ताल पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.
राहुल गांधी का सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर पहला बयान आ गया
Congress नेता Rahul Gandhi ने ‘पहली बार’ Sonam Wangchuk की Hunger Strike पर बयान दिया है. उन्होंने अपने बयान में केंद्र की मोदी सरकार पर ‘जमकर’ निशाना साधा.


सोनम और कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से ही लोग राहुल और कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल खड़ा कर रहे थे. राहुल ने एक्स पर लिखा,
‘मोदी सरकार की राजनीति असत्य और हिंसा पर टिकी हुई है. सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उस समय हटाना गलत है, जब वो शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल पर बैठे थे. पेपर लीक, पढ़ाई का बढ़ता खर्च और छात्रों के जान देने जैसे मुद्दे देश के भविष्य से जुड़े हैं. सरकार चाहे जितनी सख्ती कर ले. देश के छात्र और उनके साथ खड़े लोग इन मुद्दों को उठाना बंद नहीं करेंगे.’

सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्हें 18 जून को दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई. इसके बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने हंगर स्ट्राइक करने का ऐलान किया. वो भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. इसके बाद अभिजीत दिपके पर एक महिला ने स्याही फेंकने की खबर आई.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, समय दिपके लोगों को संबोधित कर रहे थे.फिलहाल महिला की पहचान नहीं आई है और न ही यह पता चल पाया कि उसने ऐसा क्यों किया. हालांकि, पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है. दिपके ने ये भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में लिया.
देश में शांतिपूर्ण हड़ताल की अपीलउनका कहना है कि बाद में उन्हें जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल पर भी जाने नहीं दिया गया. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के विरोध में पूरे देश में शांतिपूर्ण हड़ताल की अपील भी की. वहीं, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जल्द से जल्द जंतर-मंतर खाली करने की अपील की है. सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद से वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर उनके परिवार को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि बिना देर किए इलाज शुरू करने की इजाजत दे दें. लंबे समय तक अनशन पर रहने की वजह से सोनम वांगचुक के शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) है. उनके शरीर में पोटेशियम का लेवल कम हो गया है और कीटोन लेवल भी बढ़ गया है.
वांगचुक की हेल्थ अपडेटडॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक भूखे रहने पर कीटोन बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन अगर ये बहुत ज्यादा बढ़ जाए और साथ में शरीर में पानी की कमी भी हो, तो किडनी और शरीर की दूसरी जरूरी प्रोसेस पर असर पड़ सकता है. इसी वजह से अस्पताल के डॉक्टर लगातार परिवार को समझा रहे हैं कि इलाज में और देरी न की जाए.
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खबर ये भी आ रही है कि सोनम वांगचुक ने अस्पताल में भी कुछ खाने से इनकार कर दिया है. उनका अनशन अस्पताल में भी जारी है. अस्पताल में भर्ती होने के कुछ देर बाद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने अस्पताल से कहा था कि उनकी अनुमति के बिना वांगचुक को कोई इलाज न दिया जाए. गीतांजलि ने यह भी मांग की थी कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाए. उनका आरोप है कि इलाज को लेकर परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है.
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