सोनम वांगचुक को 20 दिनों की भूख हड़ताल के बाद दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल लेकर गई है. वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने बताया कि डॉक्टरों उन पर निगरानी कर रहे हैं. उनका इलाज नहीं चल रहा है. सिर्फ टेस्ट किए जा रहे हैं. उन्होंने अस्पताल में पारदर्शिता की कमी का हवाला देते हुए वांगचुक को तुरंत डिस्चार्ज करने की मांग की है और कहा है कि वह सोनम को अपनी पसंद के अस्पताल में लेकर जाएंगी. इसी बीच सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारू बाम्बा सोनम वांगचुक की हेल्थ अपडेट जारी की है.
20 दिन के अनशन में सोनम वांगचुक की क्या हालत हो गई? सफदरजंग की डॉक्टर ने सब बताया
20 दिनों की भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की हालत पर सफदरजंग अस्पताल ने हेल्थ अपडेट जारी किया है. डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें हल्का डिहाइड्रेशन है, लेकिन सभी वाइटल पैरामीटर्स स्थिर हैं और उनका इलाज व निगरानी जारी है.


डॉ. बांबा ने बताया कि शनिवार, 18 जुलाई की सुबह तरीब 7 बजकर 40 मिनट पर सोनम वांगचुक अस्पताल लाए गए थे. लंबे समय तक फास्टिंग करने की वजह से वह थोड़े कमजोर हो गए हैं. ऐसे में उन्हें हल्का डिहाइड्रेशन हो रहा है. इसके अलावा, उनके सभी वाइटल पैरामीटर्स स्टेबल हैं. यानी दिल की गति, बीपी, शरीर का टेंप्रेचर आदि स्थिर हैं. डॉक्टर ने आगे बताया कि सोनम वांगचुक की लगातार जांच और मॉनिटरिंग की जा रही है. उनका ट्रीटमेंट भी चल रहा है. वह पूरी तरह से अलर्ट और स्टेबल हैं.
ये भी पढ़ेंः सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल टूट गई? पत्नी गीतांजलि ने क्या बताया?
डॉक्टर बांबा ने कहा कि सोनम वांगचुक को जब अस्पताल लाया गया था, तब शुरू में इमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट ने उनका इलाज किया. अभी उन्हें मेडिसिन डिपार्टमेंट में एडमिट कर लिया गया है. वह पूरी तरह से होश में हैं और उनके सभी पैरामीटर्स स्टेबल हैं. उन्होंने कहा,
हम उन्हें (वांगचुक को) कुछ समय के लिए अस्पताल में रखेंगे क्योंकि डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं जो उनके इलेक्ट्रोलाइट लेवल पर असर डाल रहे हैं. हम उन्हें ठीक करेंगे और फिर उनकी कंडीशन को फिर से रिव्यू करेंगे.
टीओआई ने वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल ने एक चिकित्सा अपडेट के हवाले से बताया कि मेडिकल जांच में सोनम वांगचुक के शरीर में एसिड बेस का बैलेंस बिगड़ने के संकेत मिले हैं. उनके शरीर में पोटैशियम का स्तर भी कम पाया गया. दोबारा जांच की गई, तब भी पोटैशियम कम ही मिला. जब उन्हें अस्पताल लाया गया था, उस समय उनके यूरिन में कीटोन का स्तर 1+ था, जो दोपहर 1 बजे तक बढ़कर 3+ हो गया.
अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अस्पताल के डॉक्टर लगातार सोनम वांगचुक के परिवार को समझा रहे हैं कि बिना देर किए इलाज शुरू करने की इजाजत दी जाए. डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक को नस के जरिए (IV) फ्लूइड चढ़ाने की सलाह दी थी. लेकिन वांगचुक ने IV इलाज, मुंह से दिए जाने वाले रीहाइड्रेशन फ्लूइड और दूसरी सारी दवाएं लेने से इनकार कर दिया.
वांगचुक के निजी डॉक्टर क्या बोले?इसी बीच, सोनम वांगचुक के निजी डॉक्टर डॉ. नितिन दिघे ने अस्पताल की रिपोर्ट पर सवाल उठाए और कहा कि उनके इलाज में ‘पारदर्शिता’ नहीं है. दिघे का कहना है कि उनकी टीम 20 दिनों से वांगचुक की जांच कर रही है लेकिन अब उन्हें उनसे मिलने ही नहीं दिया जा रहा. सिर्फ सोनम की पत्नी को मिलने की इजाजत मिली है. दिघे ने वांगचुक के शरीर में पोटैशियम की कमी के अस्पताल के दावे को भी नकार दिया. उन्होंने कहा कि एक दिन पहले उन्होंने जब वांगचुक का ब्लड सैंपल लिया था, तब पोटैशियम बिल्कुल सामान्य था. उसकी वैल्यू 4.8 थी, जबकि सामान्य स्तर 3.5 से ऊपर माना जाता है. अब अस्पताल कह रहा है कि पोटैशियम अचानक कम हो गया।. उनकी पत्नी रिपोर्ट मांग रही हैं, लेकिन अस्पताल उसे भी रिपोर्ट नहीं दे रहा.
दिघे ने कहा कि इससे अस्पताल पर शक पैदा होता है. गीतांजलि ने सरकारी अस्पताल को लिखकर दिया है कि सोनम को जल्द डिस्चार्ज किया जाए.
बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं. नीट पेपर लीक के बाद वह केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. शनिवार को उनके अनशन के 20 दिन हो गए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती कराया है. वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने दावा किया कि उनकी भूख हड़ताल जारी है. वह पहले की ही तरह नमक-पानी ले रहे हैं.
वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: CJP और सोनम वांगचुक के संसद मार्च पर सरकार क्या करने वाली है?








