नई दिल्ली में विपक्षी दलों के ‘मॉक संसद’ की कार्यवाही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ प्रस्ताव पास हो गया. CEC के विरोध में INDIA Bloc के सांसदों ने नई दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे के घर के बागीचे में ये ‘मॉक संसद’ लगाई थी. इस दौरान विपक्षी दलों के 30 नेताओं ने भाषण दिए. सबसे आखिर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोलने आए. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर टिकेंगे नहीं. अगर बीजेपी इसके रास्ते में अड़ी रहती है तो उसका खेल भी सबके सामने साफ हो जाएगा.
'मोदी-शाह से भी निपटेंगे, अभी पहला निशाना ज्ञानेश कुमार', मॉक संसद में बोले राहुल गांधी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों की मॉक संसद में प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ प्रस्ताव पास हो गया. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं.

राहुल गांधी ने कहा कि उनका पहला निशाना ज्ञानेश कुमार हैं और वो जिस संस्था की आड़ लेकर बचना चाहते हैं, वो भी उन्हें नहीं बचा पाएगी. राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा कि पूरा विपक्ष, लोकसभा और राज्यसभा के सांसद एक बगीचे में बैठकर भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग पर चर्चा कर रहे हों. ऐसी स्थिति इसलिए आई क्योंकि विपक्ष को अपनी बात रखने के सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं.

राहुल गांधी ने कहा कि SIR के जरिए देश भर से 13 करोड़ वोटर्स के नाम लिस्ट से हटा दिए गए. यानी हर सात में से एक भारतीय वोटर्स लिस्ट से बाहर हो गया. ये आंकड़ा भारत के कुल वोटरों के 15 फीसदी के बराबर है. पिछले लोकसभा चुनाव (2024) में यही लोग वोट डाल रहे थे. तब विपक्ष और चुनाव जीतने वाले गठबंधन (एनडीए) के वोटों के बीच सिर्फ 3 फीसदी का अंतर था. राहुल गांधी ने कहा कि अब चुनाव आयोग खुद कह रहा है कि इन 15 फीसदी लोगों को वोट नहीं डालना चाहिए था. इसका मतलब है कि चुनाव आयोग ये कह रहा है कि 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था. बीजेपी के जो लोग लोकसभा में पहुंचे, वो अवैध तरीके से पहुंचे.
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का ‘टूल’ होने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर की प्रक्रिया की निगरानी की है. वो मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर अब ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएंगे. राहुल ने दावा किया कि उनके पास पहले से इतने सबूत हैं, जिससे तय हो जाएगा कि वो अपने पद पर बने नहीं रह सकते. अगर उन सबूतों के सामने आने के बाद भी बीजेपी उन्हें पद पर बनाए रखने पर अड़ी रहती है तो ये साफ हो जाएगा कि उसका असली मकसद क्या है?

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने इस पूरे मामले को कानूनी प्रक्रिया से बाहर ले जाकर चुनावों में धांधली तक पहुंचा दिया है. इसमें नरेंद्र मोदी और अमित शाह भले ही टॉप पर हों लेकिन चूंकि ज्ञानेश कुमार उनके टूल हैं और इसलिए उनका पहला निशाना वही हैं. राहुल ने कहा,
आपने (ज्ञानेश कुमार ने) इस पूरे मामले को सामान्य दायरे से बाहर कर दिया है. इसे कानूनी प्रक्रिया से बाहर ले जाकर चुनावों में गड़बड़ी तक पहुंचा दिया है. नरेंद्र मोदी और अमित शाह भले ही अभी टॉप पर हों. हम उनसे भी निपटेंगे. लेकिन आप उनके टूल हैं और इसलिए हमारा पहला निशाना आप हैं.

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प्रस्ताव हुआ पारितराहुल गांधी के इस भाषण के बाद मॉक संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सिंबोलिक पब्लिक इंपीचमेंट के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. सभी लोगों ने हाथ उठाकर इसका सपोर्ट किया, जिसके बाद मॉक पार्लियामेंट की स्पीकर मीरा कुमार ने प्रस्ताव को पारित घोषित कर दिया.
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